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सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई फोटो से हुआ खुलासा
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ग्रेटर नोएडा। दादरी में कोविड वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल का खुलासा सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई फोटो से हुआ। लैब संचालक के परिवार के ही होम्योपैथी डॉक्टर संजीव ने दोनों हाथों पर टीका लगवाने की दो फोटो सोशल मीडिया पर साझा कर दी। दादरी डॉक्टर्स एसोसिएशन के व्हाट्स एप ग्रुप पर भी फोटो पोस्ट की गई। साथ में खुशी का इजहार कर लैब पर कोविड वैक्सीन लगने की जानकारी भी लिखी थी।
मंगलवार सुबह 11:47 बजे इसे पोस्ट किया गया। पोस्ट पर एक डॉक्टर ने दोनों हाथ पर वैक्सीन लगने के बारे में पूछा, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से केवल एक हाथ पर वैक्सीन लग रही है। इस पर डॉ. संजीव ने लिखा कि किसी भी तरह की जानकारी के लिए लैब पर आकर संपर्क करें। व्हाट्सएप ग्रुप पर दादरी के सभी नामी डॉक्टर, लैब संचालक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जुड़े हैं। फोटो पोस्ट होने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया और दोपहर में ही गैरकानूनी शिविर लगाने पर कार्रवाई कर दी।
नहीं थी क्लीनिकल ट्रायल की जानकारी: परिजन
लैब संचालक के परिजनों का कहना है कि उन्हें क्लीनिकल ट्रायल की जानकारी नहीं थी। यही कारण था कि परिवार के सदस्यों को ही सबसे पहले टीका लगवाया गया था। अगर ट्रायल का पता होता तो शिविर ही नहीं लगवाया जाता। मई में ही लैब खोली थी। लैब का प्रचार होने के मकसद से शिविर लगाया गया था।
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मंगलवार सुबह 11:47 बजे इसे पोस्ट किया गया। पोस्ट पर एक डॉक्टर ने दोनों हाथ पर वैक्सीन लगने के बारे में पूछा, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से केवल एक हाथ पर वैक्सीन लग रही है। इस पर डॉ. संजीव ने लिखा कि किसी भी तरह की जानकारी के लिए लैब पर आकर संपर्क करें। व्हाट्सएप ग्रुप पर दादरी के सभी नामी डॉक्टर, लैब संचालक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जुड़े हैं। फोटो पोस्ट होने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया और दोपहर में ही गैरकानूनी शिविर लगाने पर कार्रवाई कर दी।
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नहीं थी क्लीनिकल ट्रायल की जानकारी: परिजन
लैब संचालक के परिजनों का कहना है कि उन्हें क्लीनिकल ट्रायल की जानकारी नहीं थी। यही कारण था कि परिवार के सदस्यों को ही सबसे पहले टीका लगवाया गया था। अगर ट्रायल का पता होता तो शिविर ही नहीं लगवाया जाता। मई में ही लैब खोली थी। लैब का प्रचार होने के मकसद से शिविर लगाया गया था।
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