{"_id":"60fef6348ebc3e58132cdcc0","slug":"result-noida-news-noi5958564111","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिजल्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिजल्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नूंह। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने सोमवार को बारहवीं का परिणाम जारी कर दिया। जिले का परिणाम शत प्रतिशत होने से विद्यार्थियों में भारी खुशी है। जिले के कुल 7241 विद्यार्थियों ने बारहवीं की परीक्षा के लिए नामांकन भरा था। जिनमें 2215 छात्राएं व 5026 छात्र शामिल रहे। इनमें से सरकारी स्कूलों के 4608 विद्यार्थी, जिनमें 1635 छात्राएं व 2973 छात्र शामिल हुए। निजी विद्यालयों के 3633 विद्यार्थी शामिल रहे।
इस साल कोरोना संक्रमण की वजह से परीक्षाएं रद्द कर दी गई थी। बोर्ड ने 30 फीसदी अंक दसवीं कक्षा, 10 फीसदी अंक 11वीं कक्षा और 60 फीसदी अंक स्कूल की मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर परिणाम घोषित किया है।
बिना परीक्षा के आए परिणामों में सभी विद्यार्थी उत्तीर्ण रहे हैं। जिससे परिणाम शत प्रतिशत रहा। परिणाम साढ़े पांच बजे वेबसाइट पर अपलोड हो गया था। हालांकि विद्यार्थी सुबह से ही परिणामों का इंतजार करते रहे। कई बार सर्वर भी हैंग हुआ।
विज्ञापन
बीते वर्ष मिला 16 वां स्थान ऱ्
जिले ने प्रदेश में बीते वर्ष बारहवीं कक्षा में 16 वां स्थान प्राप्त किया था। उस दौरान जिले का परीक्षा परिणाम 78.72 फीसदी रहा। 12वीं कक्षा में जिले के कुल 4216 छात्र-छात्राओं में से 3319 छात्र-छात्राएं पास हुए। जबकि 675 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई। वहीं 222 बच्चे फेल हो गए।
कोई नहीं बना जिला टॉपर
इस बार बोर्ड परीक्षा परिणामों में टॉपर घोषित नहीं किया गया। सभी विद्यार्थियों को पास किया गया। कई विद्यार्थियों को परीक्षा देने से वंचित रहने का भी मलाल है।
परीक्षा होने पर होता सही मूल्यांकन
छछेड़ा स्थित प्रभात सीनियर सेकेंडरी स्कूल के चेयरमैन देशराज तंवर ने बताया कि हर बार जिले की बोर्ड परीक्षाओं में उनके स्कूल के विद्यार्थी जिले में टॉप करते थे। ऐसे में अगर इस बार भी परीक्षा होती तो परिणाम और भी बेहतरीन होते।
जिला वहीं खेडा खलीलपुर स्थित ग्रीन फ्लावर स्कूल चेयरमैन गंगादान डागर व उजीना स्थित कल्याण पब्लिक स्कूल के संचालक दीपक साहू ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में उनके स्कूल परिणाम हर बार शत प्रतिशत रहता है। अगर परीक्षा आयोजित होती तो उनके बच्चे जिले में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते।
बेहतर तैयारी कर बढ़ेंगे आगे
बोर्ड परीक्षा परिणामों के बाद छात्र सुनील कुमार, देवेंद्र, राशिद व मुस्कान ने बताया कि अगर परीक्षा होती तो अलग ही तरह के परिणाम आते लेकिन वह इन परिणामों के बाद भी अपने सपनों को लेकर आगे बढ़ेंगे।
कोरोना की वजह से परीक्षाएं नहीं हो पाई थीं। विद्यार्थियों को मूल्यांकन के आधार पर अंक दिए गए हैं। हमारी तैयारी बहुत अच्छी थी अगर परीक्षाएं होती तो जिले के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम शानदार रहता।- सुरेश गोरिया, जिला शिक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
इस साल कोरोना संक्रमण की वजह से परीक्षाएं रद्द कर दी गई थी। बोर्ड ने 30 फीसदी अंक दसवीं कक्षा, 10 फीसदी अंक 11वीं कक्षा और 60 फीसदी अंक स्कूल की मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर परिणाम घोषित किया है।
विज्ञापन
बिना परीक्षा के आए परिणामों में सभी विद्यार्थी उत्तीर्ण रहे हैं। जिससे परिणाम शत प्रतिशत रहा। परिणाम साढ़े पांच बजे वेबसाइट पर अपलोड हो गया था। हालांकि विद्यार्थी सुबह से ही परिणामों का इंतजार करते रहे। कई बार सर्वर भी हैंग हुआ।
विज्ञापन
बीते वर्ष मिला 16 वां स्थान ऱ्
जिले ने प्रदेश में बीते वर्ष बारहवीं कक्षा में 16 वां स्थान प्राप्त किया था। उस दौरान जिले का परीक्षा परिणाम 78.72 फीसदी रहा। 12वीं कक्षा में जिले के कुल 4216 छात्र-छात्राओं में से 3319 छात्र-छात्राएं पास हुए। जबकि 675 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई। वहीं 222 बच्चे फेल हो गए।
कोई नहीं बना जिला टॉपर
इस बार बोर्ड परीक्षा परिणामों में टॉपर घोषित नहीं किया गया। सभी विद्यार्थियों को पास किया गया। कई विद्यार्थियों को परीक्षा देने से वंचित रहने का भी मलाल है।
परीक्षा होने पर होता सही मूल्यांकन
छछेड़ा स्थित प्रभात सीनियर सेकेंडरी स्कूल के चेयरमैन देशराज तंवर ने बताया कि हर बार जिले की बोर्ड परीक्षाओं में उनके स्कूल के विद्यार्थी जिले में टॉप करते थे। ऐसे में अगर इस बार भी परीक्षा होती तो परिणाम और भी बेहतरीन होते।
जिला वहीं खेडा खलीलपुर स्थित ग्रीन फ्लावर स्कूल चेयरमैन गंगादान डागर व उजीना स्थित कल्याण पब्लिक स्कूल के संचालक दीपक साहू ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में उनके स्कूल परिणाम हर बार शत प्रतिशत रहता है। अगर परीक्षा आयोजित होती तो उनके बच्चे जिले में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते।
बेहतर तैयारी कर बढ़ेंगे आगे
बोर्ड परीक्षा परिणामों के बाद छात्र सुनील कुमार, देवेंद्र, राशिद व मुस्कान ने बताया कि अगर परीक्षा होती तो अलग ही तरह के परिणाम आते लेकिन वह इन परिणामों के बाद भी अपने सपनों को लेकर आगे बढ़ेंगे।
कोरोना की वजह से परीक्षाएं नहीं हो पाई थीं। विद्यार्थियों को मूल्यांकन के आधार पर अंक दिए गए हैं। हमारी तैयारी बहुत अच्छी थी अगर परीक्षाएं होती तो जिले के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम शानदार रहता।- सुरेश गोरिया, जिला शिक्षा अधिकारी।