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Noida News: जलभराव से जल्द मिलेगी राहत, पानी निकासी परियोजना का 90% काम पूरा
Sat, 15 Nov 2025 12:08 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Sat, 15 Nov 2025 12:08 AM IST
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गांव भागवी में खेतों में बिछाई गई पाइप लाइन।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। दादरी जिले के विभिन्न गांवों में जलभराव निकासी के लिए चल रही 41 करोड़ रुपये की परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। विभाग के अनुसार करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। नहरों तक पानी पहुंचाने के लिए अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि आगामी मानसून सीजन में अब जलभराव की समस्या से ग्रामीणों और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
जिले में हर साल करीब चार हजार एकड़ भूमि जलभराव से प्रभावित होती है, जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। अधिकतर नुकसान जुलाई से अक्तूबर के बीच होता है, जब खड़ी फसलों में पानी भर जाता है और सरकार को मुआवजा देना पड़ता है। करीब डेढ़ साल पहले सरकार द्वारा बजट जारी करने के बाद इस परियोजना पर तेजी से काम शुरू हुआ था।
गांव डोहकी, भागवी, लोहरवाड़ा, सरुपगढ़, सातौर, छपार सहित कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। परियोजना के तहत जलभराव वाले क्षेत्रों के पानी को सीधे साथ लगती नहरों में प्रवाहित किया जाएगा। इससे सिंचाई विभाग को हर साल मोटर और पंप लगाकर पानी निकालने की परेशानी से भी छुटकारा मिलेगा। पहले इस प्रक्रिया में समय अधिक लगता था और तब तक फसलें खराब हो जाती थीं, लेकिन अब पाइपलाइन के माध्यम से लगातार पानी की निकासी होती रहेगी।
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जिले के गांव बौंद कलां, फतेहगढ़, साहुवास, पांडवान, चरखी, इमलोटा, बिगोवा, मोरवाला, बिरही कलां और जयश्री सहित कई क्षेत्रों में हर वर्ष जलभराव की समस्या विकराल रूप ले लेती थी।
किसान संगठन भी लंबे समय से स्थायी समाधान की मांग कर रहे थे। विभाग का मानना है कि यह परियोजना इन गांवों के लिए राहत लेकर आएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार परियोजना का 10 प्रतिशत कार्य, जिसमें कुछ स्थानों पर मिनी होद और लिंक लाइन तैयार करना शामिल है, अभी शेष है। इसे अगले दो महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद किसानों को जलभराव से होने वाले नुकसान से स्थायी तौर पर राहत मिलेगी।
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जिले में हर साल करीब चार हजार एकड़ भूमि जलभराव से प्रभावित होती है, जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। अधिकतर नुकसान जुलाई से अक्तूबर के बीच होता है, जब खड़ी फसलों में पानी भर जाता है और सरकार को मुआवजा देना पड़ता है। करीब डेढ़ साल पहले सरकार द्वारा बजट जारी करने के बाद इस परियोजना पर तेजी से काम शुरू हुआ था।
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गांव डोहकी, भागवी, लोहरवाड़ा, सरुपगढ़, सातौर, छपार सहित कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। परियोजना के तहत जलभराव वाले क्षेत्रों के पानी को सीधे साथ लगती नहरों में प्रवाहित किया जाएगा। इससे सिंचाई विभाग को हर साल मोटर और पंप लगाकर पानी निकालने की परेशानी से भी छुटकारा मिलेगा। पहले इस प्रक्रिया में समय अधिक लगता था और तब तक फसलें खराब हो जाती थीं, लेकिन अब पाइपलाइन के माध्यम से लगातार पानी की निकासी होती रहेगी।
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जिले के गांव बौंद कलां, फतेहगढ़, साहुवास, पांडवान, चरखी, इमलोटा, बिगोवा, मोरवाला, बिरही कलां और जयश्री सहित कई क्षेत्रों में हर वर्ष जलभराव की समस्या विकराल रूप ले लेती थी।
किसान संगठन भी लंबे समय से स्थायी समाधान की मांग कर रहे थे। विभाग का मानना है कि यह परियोजना इन गांवों के लिए राहत लेकर आएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार परियोजना का 10 प्रतिशत कार्य, जिसमें कुछ स्थानों पर मिनी होद और लिंक लाइन तैयार करना शामिल है, अभी शेष है। इसे अगले दो महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद किसानों को जलभराव से होने वाले नुकसान से स्थायी तौर पर राहत मिलेगी।