{"_id":"68cdc26df9e1115a970c45e2","slug":"rehabilitation-university-is-a-boon-for-the-disabled-na-news-c-13-1-lko1028-1392851-2025-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: दिव्यांगजनों के लिए वरदान है पुनर्वास विश्वविद्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: दिव्यांगजनों के लिए वरदान है पुनर्वास विश्वविद्यालय
Sat, 20 Sep 2025 02:21 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Sat, 20 Sep 2025 02:21 AM IST
विज्ञापन
पुनर्वास विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर सम्मानित पूर्व छात्रा। स्रोत ः विवि
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय का 18वां स्थापना दिवस शुक्रवार को विश्वविद्यालय के अटल प्रेक्षागृह में धूमधाम से मनाया गया। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की संयुक्त सचिव मनमीत कौर नड्डा ने कहा कि विवि ने 18 वर्ष का सफर तय किया। ये विश्वविद्यालय दिव्यांगजनों के लिए वरदान है। कुलपति संजय सिंह ने भी बच्चों को संबोधित किया।
इस दौरान विवि के 14 पुरातन छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. शिप्रा दूबे, डाॅ. अंजू यादव, शरद पटेल, नीलिमा सिंह, सतीश कुमार वर्मा, अवंतिका निषाद, शिवांगी श्रीवास्तव, कमल शर्मा, आलोक कुमार सिंह, डाॅ. सौरभ राय, शौकत अली, आदर्श कुमार, सरोज कुमार और नैंसी प्रजापति रहीं।
कवि सम्मेलन में कवि पंकज प्रसून ने सुनाया कि हम सोशल मीडिया के झूले में इस तरह से झूल रहे हैं... पासवर्ड तो याद है पड़ोसी को भूल रहे हैं.. ...हमारे चेहरे और फिल्टर के बीच चल रहा द्वंद्व है...फेसबुक पर पांच हजार फ्रेंड हैं, पर घर में ही बोलचाल बंद है। अभय सिंह निर्भीक ने सुनाया कि भारत माता का हरगिज सम्मान नहीं खोने देंगे.....अपने पूज्य तिरंगे का अपमान नहीं होने देंगे। शायर जनाब शहबाज तालिब, कवि सौरभ त्रिपाठी, कवयित्री दिव्या तिवारी की कविताओं ने सबका मन मोह लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस दौरान विवि के 14 पुरातन छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. शिप्रा दूबे, डाॅ. अंजू यादव, शरद पटेल, नीलिमा सिंह, सतीश कुमार वर्मा, अवंतिका निषाद, शिवांगी श्रीवास्तव, कमल शर्मा, आलोक कुमार सिंह, डाॅ. सौरभ राय, शौकत अली, आदर्श कुमार, सरोज कुमार और नैंसी प्रजापति रहीं।
विज्ञापन
कवि सम्मेलन में कवि पंकज प्रसून ने सुनाया कि हम सोशल मीडिया के झूले में इस तरह से झूल रहे हैं... पासवर्ड तो याद है पड़ोसी को भूल रहे हैं.. ...हमारे चेहरे और फिल्टर के बीच चल रहा द्वंद्व है...फेसबुक पर पांच हजार फ्रेंड हैं, पर घर में ही बोलचाल बंद है। अभय सिंह निर्भीक ने सुनाया कि भारत माता का हरगिज सम्मान नहीं खोने देंगे.....अपने पूज्य तिरंगे का अपमान नहीं होने देंगे। शायर जनाब शहबाज तालिब, कवि सौरभ त्रिपाठी, कवयित्री दिव्या तिवारी की कविताओं ने सबका मन मोह लिया।

पुनर्वास विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर सम्मानित पूर्व छात्रा। स्रोत ः विवि
विज्ञापन