फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Registry on cultivable land without NOC

कृषि योग्य भूमि पर बिना एनओसी हो रही रजिस्ट्री

Wed, 18 May 2022 11:09 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 18 May 2022 11:09 PM IST
विज्ञापन
Registry on cultivable land without NOC
फिरोजपुर झिरका। तहसील कार्यालय में अधिकारियों द्वारा लगातार बिना एनओसी कृषि योग्य भूमि पर रजिस्ट्री की जा रही है, जिससे अवैध रूप से मरला में प्लाटिंग कर अवैध कॉलोनियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। जबकि रजिस्ट्री करने के लिए नगर पालिका और जिला योजनाकार अधिकारी (डीटीपी) से कोई एनओसी नहीं ली जा रही है। जानकारी के अनुसार, बुधवार को 27 में से 26 रजिस्ट्रियां बिना एनओसी के हुईं।
विज्ञापन

प्रदेश सरकार अवैध कॉलोनियों पर शिकंजा कसने के लिए प्रयासरत है। वहीं, प्रशासन की अनदेखी के कारण कृषि योग्य भूमि पर अवैध रूप से प्लाटिंग कर अवैध कॉलोनियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। जबकि कुछ समय पहले जिला योजनाकार अधिकारी द्वारा कुछ भूमाफियाओं पर मुकदमे भी दर्ज किए गए थे। लेकिन, इसके बावजूद भी लगातार अवैध प्लॉटिंग की जा रही हैं। लोगों का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद भी ऐसे ही स्थानों पर बिना नगर पालिका और डीटीपी से एनओसी लिए रजिस्ट्री की जा रही है। 2 दिन तहसीलदारों की हड़ताल के बाद जैसे ही बुधवार को कार्यालय खुला तो रजिस्ट्री कराने वाले लोग इधर से उधर कार्यालय में घूमते नजर आए। नगर पालिका में तैनात अधिकारियों की मानें तो गत एक माह से लगातार बिना एनओसी लिए बेरोकटोक रजिस्ट्री की जा रही है।
विज्ञापन

अवैध कॉलोनियों बनाने पर होगी कार्रवाई
इस बारे में जिला योजनाकार अधिकारी वेद प्रकाश का कहना है कि नूंह क्षेत्र और तावडू क्षेत्र सेवन ए में आते हैं। अगर फिर भी अवैध कॉलोनियों को बढ़ावा दिया जा रहा है तो उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राजस्व विभाग द्वारा गाइडलाइन के अनुसार लोगों को जागरूक करने के लिए लिखा जाता है कि यह भूमि कृषि योग्य है। अगर फिर भी लोग ऐसे स्थानों पर प्लॉट लेते हैं तो वह स्वयं जिम्मेदार होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन
कृषि योग्य भूमि लाल डोरे से बाहर की है। जिस पर एनओसी लेने की आवश्यकता नहीं होती है। यह क्षेत्र सेवन ए में नहीं पड़ता है। फिर भी राजस्व विभाग की गाइडलाइन के अनुसार जागरूक करने के लिए कृषि योग्य भूमि पर की जा रही रजिस्ट्री पर स्पष्ट रूप से लिखा जा रहा है कि यह खेतीबाड़ी की जमीन है। अगर कोई निर्माण करता है तो वह स्वयं जिम्मेदार होगा। तुलसी प्रसाद, नायब तहसीलदार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed