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Noida News: ठियोग में एनएच की टारिंग पर उठे सवाल, मंत्री के आदेश पर लिए सैंपल
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ठियोग में नेशनल हाईवे पांच पर हो रही टारिंग की जांच करती क्वालिटी कंट्रोल टीम। संवाद
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प्रारंभिक जांच में तारकोल का मिश्रण और मोटाई मानक के अनुरूप पाई गई
वाहनों की आवाजाही से प्रभावित हो रही टारिंग, प्रशासन से मांगी मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग में नेशनल हाईवे-पांच पर हो रही टारिंग की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने संज्ञान लिया। सोशल मीडिया पर टारिंग से संबंधित वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद मंत्री ने जांच के आदेश दिए। मंत्री के आदेश पर एनएचएआई की क्वालिटी कंट्रोल टीम ने शुक्रवार को एनएच पर की टारिंग के सैंपल लिए, जो प्रारंभिक जांच में पास हो गए। एनएचएआई का कहना है कि वाहनों की लगातार आवाजाही से टारिंग का काम प्रभवित हो रहा है और गुणवत्ता पर असर पड़ा रहा है। इसे लेकर प्रशासन से मदद मांगी गई है। ठियोग के एनएच-पांच पर की गई टारिंग से तारकोल की परत उखड़ने और शाम के समय कम तापमान में कार्य किए जाने की शिकायत वीडियो में की गई थी। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि टारिंग में इस्तेमाल हुआ तारकोल का मिश्रण मानक के अनुरूप है और मोटाई भी तय गुणवत्ता के अनुसार है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो में दिखाए गए हिस्से पर शाम के समय तारकोल बिछाने के दौरान तापमान अचानक गिर जाने से ऊपरी सतह मामूली रूप से खराब हो गई थी।
ठियोग के प्रेमघाट से रहीघाट तक एनएच के तीन किलोमीटर के हिस्से में इन दिनों टारिंग की जा रही है। यहां दो साल से एनएच की हालत बेहद खराब थी। एनएच को सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने जनवरी में सवा चार करोड़ की धनराशि स्वीकृत की। वहीं, स्थानीय लोगों ने मंत्री के इस कदम का स्वागत किया है और कहा कि जांच के आदेश देना एक सकारात्मक कदम है, ताकि भविष्य में सड़क के टिकाऊपन को लेकर सवाल न उठे।
मौके पर कई जगह से सैंपल लिए गए हैं। इसमें तारकोल की मात्रा और मोटाई की परत मानकों के आधार पर ठीक पाई गई है। कई जगह पर रोलिंग न होने के कारण गुणवत्ता पर विपरीत असर पड़ा है। नियमानुसार तारकोल युक्त रोहड़ी बिछाने के 24 घंटे से अधिक समय तक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहती है, लेकिन वाहन चालकों की मनमानी के कारण इस सड़क पर यह नियम लागू नहीं किया जा सका। स्थानीय प्रशासन से समस्या के निराकरण को लेकर बात की गई है।-- रतन शर्मा, अधीक्षण अभियंता, एनएचएआई
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वाहनों की आवाजाही से प्रभावित हो रही टारिंग, प्रशासन से मांगी मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग में नेशनल हाईवे-पांच पर हो रही टारिंग की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने संज्ञान लिया। सोशल मीडिया पर टारिंग से संबंधित वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद मंत्री ने जांच के आदेश दिए। मंत्री के आदेश पर एनएचएआई की क्वालिटी कंट्रोल टीम ने शुक्रवार को एनएच पर की टारिंग के सैंपल लिए, जो प्रारंभिक जांच में पास हो गए। एनएचएआई का कहना है कि वाहनों की लगातार आवाजाही से टारिंग का काम प्रभवित हो रहा है और गुणवत्ता पर असर पड़ा रहा है। इसे लेकर प्रशासन से मदद मांगी गई है। ठियोग के एनएच-पांच पर की गई टारिंग से तारकोल की परत उखड़ने और शाम के समय कम तापमान में कार्य किए जाने की शिकायत वीडियो में की गई थी। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि टारिंग में इस्तेमाल हुआ तारकोल का मिश्रण मानक के अनुरूप है और मोटाई भी तय गुणवत्ता के अनुसार है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो में दिखाए गए हिस्से पर शाम के समय तारकोल बिछाने के दौरान तापमान अचानक गिर जाने से ऊपरी सतह मामूली रूप से खराब हो गई थी।
ठियोग के प्रेमघाट से रहीघाट तक एनएच के तीन किलोमीटर के हिस्से में इन दिनों टारिंग की जा रही है। यहां दो साल से एनएच की हालत बेहद खराब थी। एनएच को सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने जनवरी में सवा चार करोड़ की धनराशि स्वीकृत की। वहीं, स्थानीय लोगों ने मंत्री के इस कदम का स्वागत किया है और कहा कि जांच के आदेश देना एक सकारात्मक कदम है, ताकि भविष्य में सड़क के टिकाऊपन को लेकर सवाल न उठे।
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मौके पर कई जगह से सैंपल लिए गए हैं। इसमें तारकोल की मात्रा और मोटाई की परत मानकों के आधार पर ठीक पाई गई है। कई जगह पर रोलिंग न होने के कारण गुणवत्ता पर विपरीत असर पड़ा है। नियमानुसार तारकोल युक्त रोहड़ी बिछाने के 24 घंटे से अधिक समय तक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहती है, लेकिन वाहन चालकों की मनमानी के कारण इस सड़क पर यह नियम लागू नहीं किया जा सका। स्थानीय प्रशासन से समस्या के निराकरण को लेकर बात की गई है।
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