UP: स्टार्टअप के लिए बनेगा प्रॉब्लम बैंक, देश के हर कोने की स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए मिलेगा मंच
जिम्स के हेड ऑफ इंक्यूबेशन राहुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रॉब्लम बैंक में सामाजिक स्वास्थ्य समस्याओं का हल निकालने के लिए कार्य किए जाएंगे। कई मरीज अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते हैं। उनकी स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान टेक्नोलॉजी की मदद से किया जा सकेगा।
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देश के हर कोने के मरीजों की समस्याओं का टेक्नोलॉजी की मदद से हल खोजने में राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) की इंक्यूबेशन की टीम मदद करेगी। जिम्स में स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए स्टार्टअप के लिए प्रॉब्लम बैंक बनेगा। प्रॉब्लम बैंक की टीम स्वास्थ्य समस्याओं को वैलिडेड करने के बाद उनकी मदद करेगी। स्टार्टअप करने वाले प्रॉब्लम बैंक में आई समस्याओं का समाधान टेक्नोलॉजी की मदद से करेंगे।
जैसे सेना में काम करने वाले सैनिक के घर में कोई नहीं है। उनकी पत्नी को दिखाने के लिए अस्पताल ले जाना है। कोई स्टार्टअप ऐसा एप बनाना चाहता हो कि पैरामेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र उन्हें अस्पताल में ले जाएं और उनको दिखाकर घर भी छोड़ दे। छात्रों को भी आर्थिक लाभ होगा और मरीज को भी इलाज मिल सकेगा। इसके साथ ही कई अन्य समस्याओं का समाधान निकाला जा सकेगा।
जिम्स के हेड ऑफ इंक्यूबेशन राहुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रॉब्लम बैंक में सामाजिक स्वास्थ्य समस्याओं का हल निकालने के लिए कार्य किए जाएंगे। कई मरीज अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते हैं। उनकी स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान टेक्नोलॉजी की मदद से किया जा सकेगा। कई स्वास्थ्य समस्याओं का हल आसानी से निकल सकता है, लेकिन जानकारी के अभाव से नहीं हो पाता है। स्टार्टअप करने वाले लोग उन स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान खोजकर हल निकालेंगे। जिससे मरीज को राहत मिल सकेगी।
मेल पर भेज सकेंगे समस्या
स्वास्थ्य समस्याओं के हल के लिए जिम्स की मेल पर समस्या को भेजा जा सकेगा। देश के किसी भी कोने की स्वास्थ्य समस्या का हल निकाला जाएगा। प्रॉब्लम बैंक की टीम ने बताया, gimsincubator@gmail.com और Bioincubator.gimes.ac.in पर समस्या भेज सकते हैं। डॉक्टर, इंजीनियर व अन्य पेशे के लोग मरीजों की समस्या का समाधान खोजेंगे।
स्टार्टअप के दौरान मिलेंगी कई सुविधाएं
जिम्स के प्रॉब्लम बैंक में समाधान खोज रहे स्टार्टअप करने वाले युवाओं व अन्य लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहतर कार्य करने वाले लोगों को मेंटर स्पोर्ट भी दिलाया जाएगा। इसके साथ ही स्टार्ट इन यूपी सपोर्ट की भी मदद मिलेगी। स्टार्टअप क्लिनिक की मदद से उनको देश के बड़े बड़े स्टार्टअप के प्रयोद्धा मदद करेंगे। स्टार्टअप शुरू करने वालों को स्पेस के साथ अन्य सुविधाएं जिम्स में ही मिल सकेगी।
स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय में चयनित हुए स्टार्टअप
जिम्स में पंजीकृत 40 में से आठ स्टार्टअप का चयन विश्व विख्यात विश्वविद्यालय स्टेनफोर्ड कर चुका है। विशेषज्ञ इन स्टार्टअप को जैसे अर्किनी, फोटोबायोलाइफ, रेवोनिक्स, रिप्पल, डाक्टर एट होम, नियोनैटल इनक्यूबेटर, इजियोफाइ व सिलिफार्म स्टार्ट को धरातल पर उताराने का काम कर रहे हैं। देश का पहला आनलाइन स्टार्टअप ओपीडी जिम्स में शुरू हो चुका है। जिम्स प्रदेश में पहला सरकारी इनक्यूबेशन सेंटर है। इस सेंटर में पंजीकृत आठ स्टार्टअप ऐसे हैं जो अपने उत्पादों को बाजार में लाने के अंतिम पड़ाव पर हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य कर रहे स्टार्टअप को विशेषज्ञों की परामर्श संग तकनीकी सलाह दी जा रही है। इस ओपीडी से विशेषज्ञों की ओर से वन-टू-वन स्टार्टअप आइडिया पर सलाह दी जाती है।