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Noida News: निजी स्कूल स्टोर बेच रहे किताबें, बिल मांगने पर धमकी

Sat, 05 Apr 2025 01:23 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 05 Apr 2025 01:23 AM IST
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Private school stores selling books, threaten on asking for bill
एक निजी स्कूल की किताबों की लंबी सूची और सात हजार रुपये रेट।
अंबाला सिटी। अप्रैल शुरू होते ही दाखिला प्रक्रिया तेज हो गई है। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद ही नई कक्षा की किताबें और कॉपी लेने के लिए अभिभावकों की दौड़ भी शुरू हो गई है।
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जिले में निजी स्कूलों की ओर से अभिभावकों को महंगी किताबें स्टोर से खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। जिससे अप्रैल शुरू होते ही अभिभावकों की जेब ढीली होनी शुरू हो गई है। नर्सरी की किताबें भी चार से पांच हजार रुपये तक मिल रही हैं। इसके लिए निदेशालय की ओर से भी कोई निर्देश जारी नहीं हुए हैं।
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इससे अभिभावक लगातार पिस रहे हैं। हालात यह हैं कि अगर अभिभावक किताबों का बिल मांग लें तो दुकानदार धमकी देने पर उतर आते हैं। वह साफ कह देते हैं कि बिल दे दिया तो किताब नहीं बदलेंगे। ऐसे में अभिभावक परेशान हो जाते हैं और बिना बिल के ही किताबें खरीदने को मजबूर हैं।
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पहले से तय हैं सेट के दाम
दरअसल, नर्सरी विंग से लेकर बारहवीं कक्षा तक हर कक्षा के लिए अलग-अलग रेट रखे हैं। यही नहीं हर स्कूल के हिसाब से भी यह रेट अलग हैं। नर्सरी विंग की एसकेजी की किताबें भी चार हजार 200 रुपये से ज्यादा मिल रही हैं। इसी तरह छठी और सातवीं कक्षा तक यह रेट आठ हजार रुपये से अधिक पहुंच रहे हैं। अभिभावक मजबूरन महंगे रेट की किताब खरीदने को मजबूर हैं।
हर वर्ष नई किताब खरीदने का बोझ
स्कूलों में अभिभावकों को हर वर्ष नई किताब खरीदने पर मजबूर किया जाता है। एक स्टोर के पास कई स्कूलों की किताब मिल रही है। यही नहीं किताब खरीदने के बाद इन स्टोर की ओर से अभिभावकों को पक्का बिल भी नहीं दिया जा रहा। सिर्फ एक स्लिप देकर ही भेजा जाता है। जिले में 285 से ज्यादा निजी स्कूल चल रहे हैं। स्कूलों में अलग-अलग सिलेबस पढ़ाया जाता है।

वर्जन
एक निजी स्कूल की किताबें बेचने व एडवांस फीस लेने के संबंध में बीते दिनों शिकायत आई थी, जब मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया तो वहां किताबें बेचते हुए नहीं पाए गए थे। अगर किताबों से संबंधित कोई शिकायत आएगी तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला।
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