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Noida News: निजी अस्पताल देंगे उपयोग हो रहे परिवार नियोजन के साधनों का ब्योरा
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निजी अस्पताल देंगे उपयोग हो रहे परिवार नियोजन के साधनों का ब्योरा
- स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को सौंपे फैमिली प्लानिंग रजिस्टर, हर महीने सीएमओ कार्यालय को देनी होगी सूचना
फोटो--
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। लोग परिवार नियोजन का कौन सा साधन उपयोग कर रहे हैं? निजी अस्पतालों को भी अब स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी देनी होगी। इसके अलावा निजी अस्पताल से दंपतियों को परिवार नियोजन के लिए कौन सी चिकित्सा सुविधाएं दी गईं, इसका भी रिकॉर्ड रखना होगा। वहीं, हर महीने इसकी रिपोर्ट भी सीएमओ कार्यालय को देनी है। इससे जिले में परिवार नियोजन साधनों की सही स्थिति सामने आ सकेगी।
परिवार नियोजन पर जागरूकता बढ़ाने और सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर इसके लिए साधन उपलब्ध कराए जाने के लिए अब निजी अस्पतालों का भी नेटवर्क स्वास्थ्य विभाग तैयार कर रहा है। इसके लिए जरूरी आदेश भी सीएमओ डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने जारी कर दिया है। इसके लिए शुक्रवार को निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों को फैमिली प्लानिंग रजिस्टर भी बांटे जाने की शुरुआत की गई। एसीएमओ डॉ. ललित कुमार ने निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों को ये रजिस्टर दिए। निजी अस्पतालों का नेटवर्क और फैमिली प्लानिंग रजिस्टर तैयार कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल (पीएसआई) सहयोग कर रही है।
अपर शोध अधिकारी केके भास्कर का कहना है कि फैमिली प्लानिंग रजिस्टर में निजी अस्पतालों को रिकॉर्ड दर्ज करना होगा। इसमें महिलाओं में इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस (आईयूसीडी), पोस्ट पार्टम इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस (पीपीआईयूसीडी), पोस्ट अबॉर्शन इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस (पीएआईयूसीडी) कितनी लगीं। कितनी महिलाओं की मिनीलेप और लेप्रोस्कोपिक विधि से नसबंदी हुई। इमरजेंसी पिल्स, कंडोम, पुरुष नसबंदी, गर्भनिरोधक गोली वितरण की जानकारी भी रिकॉर्ड होगी। रजिस्टर में सेवा प्राप्त करने वाले का नाम, पता सहित विवरण दर्ज होगा।
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- स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को सौंपे फैमिली प्लानिंग रजिस्टर, हर महीने सीएमओ कार्यालय को देनी होगी सूचना
फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। लोग परिवार नियोजन का कौन सा साधन उपयोग कर रहे हैं? निजी अस्पतालों को भी अब स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी देनी होगी। इसके अलावा निजी अस्पताल से दंपतियों को परिवार नियोजन के लिए कौन सी चिकित्सा सुविधाएं दी गईं, इसका भी रिकॉर्ड रखना होगा। वहीं, हर महीने इसकी रिपोर्ट भी सीएमओ कार्यालय को देनी है। इससे जिले में परिवार नियोजन साधनों की सही स्थिति सामने आ सकेगी।
परिवार नियोजन पर जागरूकता बढ़ाने और सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर इसके लिए साधन उपलब्ध कराए जाने के लिए अब निजी अस्पतालों का भी नेटवर्क स्वास्थ्य विभाग तैयार कर रहा है। इसके लिए जरूरी आदेश भी सीएमओ डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने जारी कर दिया है। इसके लिए शुक्रवार को निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों को फैमिली प्लानिंग रजिस्टर भी बांटे जाने की शुरुआत की गई। एसीएमओ डॉ. ललित कुमार ने निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों को ये रजिस्टर दिए। निजी अस्पतालों का नेटवर्क और फैमिली प्लानिंग रजिस्टर तैयार कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल (पीएसआई) सहयोग कर रही है।
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अपर शोध अधिकारी केके भास्कर का कहना है कि फैमिली प्लानिंग रजिस्टर में निजी अस्पतालों को रिकॉर्ड दर्ज करना होगा। इसमें महिलाओं में इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस (आईयूसीडी), पोस्ट पार्टम इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस (पीपीआईयूसीडी), पोस्ट अबॉर्शन इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस (पीएआईयूसीडी) कितनी लगीं। कितनी महिलाओं की मिनीलेप और लेप्रोस्कोपिक विधि से नसबंदी हुई। इमरजेंसी पिल्स, कंडोम, पुरुष नसबंदी, गर्भनिरोधक गोली वितरण की जानकारी भी रिकॉर्ड होगी। रजिस्टर में सेवा प्राप्त करने वाले का नाम, पता सहित विवरण दर्ज होगा।
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