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Noida News: दिल्ली के गुमनाम स्मारकों को संवारने की तैयारी
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-दिल्ली सरकार लागू करेगी एडॉप्ट अ हेरिटेज योजना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार दिल्ली के अनदेखे स्मारकों को संवारने की तैयारी कर रही है। शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में इसके लिए पुरातत्व विभाग के साथ एक गोल-मेज सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें यूनेस्को, डालमिया ग्रुप की सभ्यता फाउंडेशन, आगा खां ट्रस्ट, काकिनी, इंटेक दिल्ली चैप्टर, धरातल, आर्किटेक्चरल स्टूडियो इंडिया, के-2 इंडिया, कॉस्मो, बोधगया टेम्पल मैनेजमेंट कमेटी जैसे संगठनों ने हिस्सा लिया। इसमें एडॉप्ट अ हेरिटेज योजना को दिल्ली में लागू करने को लेकर चर्चा की गई।
पुरातत्व विभाग के निदेशक ने बताया कि ये योजना सार्वजनिक, निजी क्षेत्र और स्थानीय लोगों को स्मारकों के संरक्षण में जोड़ेगी। स्मारक पांच साल के लिए स्मारक मित्र के रूप में गोद लिए जाएंगे, जिनकी समीक्षा होती रहेगी। दिल्ली के पर्यटन विभाग मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली की ऐतिहासिकता को बचाना सरकार की प्राथमिकता है। 8वीं से 19वीं शताब्दी के स्मारक जैसे भूली भटियारी का महल, मालचा महल, बारादारी, दारा शिकोह लाइब्रेरी, बाड़ा लाव का गुंबद, गोल गुंबद, हस्तसाल मिनार, कोस मिनार, बवाना किला या बवाना जैल, शहीद स्मारक, कुली खान स्मारक को नई पहचान मिलेगी। इन स्मारकों पर बुनियादी सुविधाएं और सांस्कृतिक गतिविधियां शुरू होंगी।
75 स्मारकों को संवारा-मिश्रा कपिल मिश्रा ने बताया कि पिछले सालों में 75 स्मारकों को संवारा गया, जो पहले उपेक्षित थे। अब सामाजिक भागीदारी से इन्हें और खूबसूरत बनाया जाएगा। सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के साथ दिल्ली के कलाकारों को मंच मिलेगा। संगठनों ने सुझाव दिया कि और स्मारकों को सूची में जोड़ा जाए, ताकि दिल्लीवासी अपनी धरोहर से जुड़ सकें। ये
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार दिल्ली के अनदेखे स्मारकों को संवारने की तैयारी कर रही है। शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में इसके लिए पुरातत्व विभाग के साथ एक गोल-मेज सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें यूनेस्को, डालमिया ग्रुप की सभ्यता फाउंडेशन, आगा खां ट्रस्ट, काकिनी, इंटेक दिल्ली चैप्टर, धरातल, आर्किटेक्चरल स्टूडियो इंडिया, के-2 इंडिया, कॉस्मो, बोधगया टेम्पल मैनेजमेंट कमेटी जैसे संगठनों ने हिस्सा लिया। इसमें एडॉप्ट अ हेरिटेज योजना को दिल्ली में लागू करने को लेकर चर्चा की गई।
पुरातत्व विभाग के निदेशक ने बताया कि ये योजना सार्वजनिक, निजी क्षेत्र और स्थानीय लोगों को स्मारकों के संरक्षण में जोड़ेगी। स्मारक पांच साल के लिए स्मारक मित्र के रूप में गोद लिए जाएंगे, जिनकी समीक्षा होती रहेगी। दिल्ली के पर्यटन विभाग मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली की ऐतिहासिकता को बचाना सरकार की प्राथमिकता है। 8वीं से 19वीं शताब्दी के स्मारक जैसे भूली भटियारी का महल, मालचा महल, बारादारी, दारा शिकोह लाइब्रेरी, बाड़ा लाव का गुंबद, गोल गुंबद, हस्तसाल मिनार, कोस मिनार, बवाना किला या बवाना जैल, शहीद स्मारक, कुली खान स्मारक को नई पहचान मिलेगी। इन स्मारकों पर बुनियादी सुविधाएं और सांस्कृतिक गतिविधियां शुरू होंगी।
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75 स्मारकों को संवारा-मिश्रा कपिल मिश्रा ने बताया कि पिछले सालों में 75 स्मारकों को संवारा गया, जो पहले उपेक्षित थे। अब सामाजिक भागीदारी से इन्हें और खूबसूरत बनाया जाएगा। सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के साथ दिल्ली के कलाकारों को मंच मिलेगा। संगठनों ने सुझाव दिया कि और स्मारकों को सूची में जोड़ा जाए, ताकि दिल्लीवासी अपनी धरोहर से जुड़ सकें। ये
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