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Delhi: दिल्ली सरकार ने बाढ़ की आशंका को लेकर बुलाई उच्चस्तरीय बैठक, जारी किए आवश्यक दिशा-निर्देश
Fri, 05 Jul 2024 08:39 PM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jul 2024 08:39 PM IST
सार
राजधानी में बाढ़ से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। अगर हथनीकुंड बैराज से एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जाता है, तो एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो जाएंगी।
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दिल्ली की जल मंत्री आतिशी
- फोटो : एएनआई
विस्तार
राजधानी में बाढ़ से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। अगर हथनीकुंड बैराज से एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जाता है, तो एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो जाएंगी। साथ ही, यमुना के खादर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जागरूक करने, जरूरत के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जाएगा। बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर भी लगाए जाएंगे।
शुक्रवार को राजस्व मंत्री आतिशी और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री सौरभ भारद्वाज ने शीर्ष समिति की उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इसमें एनडीआरएफ, पुलिस, सेना, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, पीडब्ल्यूडी, शहरी विकास, एमसीडी, जल बोर्ड, डीडीए, एनडीएमसी, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मंत्रियों ने बाढ़ से निपटने के लिए विभागों की तैयारियों की समीक्षा की। सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि वे पिछले साल यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण दिल्ली में आई बाढ़ से सबक लें और खुद को पूरी तरह से तैयार रखें। बैठक के बाद आतिशी ने बताया कि पिछले साल दिल्ली में यमुना का जलस्तर 70 साल में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। 17 जुलाई 2023 को यमुना खतरे के निशान से काफी ऊपर 208.66 मीटर पर पहुंच गई थी। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस बार दिल्ली सरकार बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
24 घंटे काम करेगा कंट्रोल रूम
बाढ़ को ध्यान में रखते हुए पूर्वी दिल्ली के डीएम कार्यालय में 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसमें बाढ़ से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी 24 घंटे मौजूद रहते हैं। कंट्रोल रूम हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी को लेकर लगातार हरियाणा के सिंचाई विभाग के संपर्क में रहेगा। साथ ही, यमुना के बहाव क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में मौसम पर नजर रखेगा। बाढ़ की स्थिति में राहत के लिए संबंधित विभाग राहत और बचाव के लिए तैयार रहेंगे। इसके लिए जरूरत के आधार पर मोटर बोट, लाइफ जैकेट सहित अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी।
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खोल दिए गए सभी गेट
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आईटीओ बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं। जो गेट नहीं खुले थे, उन्हें काट दिया गया है। पिछली बार इनके बंद रहने से बाढ़ की स्थिति बन गई थी। बरसात के मौसम में यमुना का जलस्तर बढ़ने की हमेशा संभावना बनी रहती है। पिछले माह यमुना से गाद निकालने को लेकर सभी विभागों की बैठकें हो चुकी हैं।
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शुक्रवार को राजस्व मंत्री आतिशी और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री सौरभ भारद्वाज ने शीर्ष समिति की उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इसमें एनडीआरएफ, पुलिस, सेना, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, पीडब्ल्यूडी, शहरी विकास, एमसीडी, जल बोर्ड, डीडीए, एनडीएमसी, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मंत्रियों ने बाढ़ से निपटने के लिए विभागों की तैयारियों की समीक्षा की। सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि वे पिछले साल यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण दिल्ली में आई बाढ़ से सबक लें और खुद को पूरी तरह से तैयार रखें। बैठक के बाद आतिशी ने बताया कि पिछले साल दिल्ली में यमुना का जलस्तर 70 साल में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। 17 जुलाई 2023 को यमुना खतरे के निशान से काफी ऊपर 208.66 मीटर पर पहुंच गई थी। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस बार दिल्ली सरकार बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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24 घंटे काम करेगा कंट्रोल रूम
बाढ़ को ध्यान में रखते हुए पूर्वी दिल्ली के डीएम कार्यालय में 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसमें बाढ़ से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी 24 घंटे मौजूद रहते हैं। कंट्रोल रूम हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी को लेकर लगातार हरियाणा के सिंचाई विभाग के संपर्क में रहेगा। साथ ही, यमुना के बहाव क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में मौसम पर नजर रखेगा। बाढ़ की स्थिति में राहत के लिए संबंधित विभाग राहत और बचाव के लिए तैयार रहेंगे। इसके लिए जरूरत के आधार पर मोटर बोट, लाइफ जैकेट सहित अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी।
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खोल दिए गए सभी गेट
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आईटीओ बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं। जो गेट नहीं खुले थे, उन्हें काट दिया गया है। पिछली बार इनके बंद रहने से बाढ़ की स्थिति बन गई थी। बरसात के मौसम में यमुना का जलस्तर बढ़ने की हमेशा संभावना बनी रहती है। पिछले माह यमुना से गाद निकालने को लेकर सभी विभागों की बैठकें हो चुकी हैं।