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Noida News: नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी
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नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी
- जोन स्तर पर होगी कार्रवाई, कई हो जाएंगे घोषित अपराधी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पुलिस कमिश्नरेट में नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी की जा रही है। अगले सप्ताह से इस पर जोन स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद कोई भी आरोपी घोषित अपराधी बन जाता है। इसके बाद अपराधी का यह टैग कोर्ट के आदेश के बाद ही हटा सकता है।
कमिश्नरेट के तीनों जोन में 1018 हिस्ट्रीशीटर हैं। इसमें सबसे ज्यादा 625 ग्रेटर नोएडा जोन में और सबसे कम नोएडा में 127 हैं। वहीं सेंट्रल जोन में हिस्ट्रीशीटर की संख्या 266 हैं। हिस्ट्रीशीट खुलने पर पुलिस संबंधित अपराधी की निगरानी शुरू कर देती है। अगर कोई संबंधित हिस्ट्रीशीटर से मिली-जुली घटना होती है तो उससे भी पूछताछ की जाती है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कमिश्नरेट में संगठित अपराध नहीं है। यहां चेन, मोबाइल स्नेचिंग, चोरी और महिला विरुद्ध अपराध सामने आ रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए पुलिस कोशिश करती है।
पुलिस के अनुसार जोन में अपराध की जो घटनाएं हो जाती हैं उसमें आरोपी जेल जाते हैं। फिर बहुत से ऐसे अपराधी होते हैं जो जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद फिर घटनाएं करने लगते हैं। पिछले एक साल में कए ऐसे बदमाशों के नाम सामने आए हैं। पुलिस इनकी हिस्ट्रीशीट खोलेगी। फिर हर जोन में अधिकारी से लेकर चौकी स्तर तक जिम्मेदारी तय होगी।
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- जोन स्तर पर होगी कार्रवाई, कई हो जाएंगे घोषित अपराधी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पुलिस कमिश्नरेट में नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी की जा रही है। अगले सप्ताह से इस पर जोन स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद कोई भी आरोपी घोषित अपराधी बन जाता है। इसके बाद अपराधी का यह टैग कोर्ट के आदेश के बाद ही हटा सकता है।
कमिश्नरेट के तीनों जोन में 1018 हिस्ट्रीशीटर हैं। इसमें सबसे ज्यादा 625 ग्रेटर नोएडा जोन में और सबसे कम नोएडा में 127 हैं। वहीं सेंट्रल जोन में हिस्ट्रीशीटर की संख्या 266 हैं। हिस्ट्रीशीट खुलने पर पुलिस संबंधित अपराधी की निगरानी शुरू कर देती है। अगर कोई संबंधित हिस्ट्रीशीटर से मिली-जुली घटना होती है तो उससे भी पूछताछ की जाती है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कमिश्नरेट में संगठित अपराध नहीं है। यहां चेन, मोबाइल स्नेचिंग, चोरी और महिला विरुद्ध अपराध सामने आ रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए पुलिस कोशिश करती है।
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पुलिस के अनुसार जोन में अपराध की जो घटनाएं हो जाती हैं उसमें आरोपी जेल जाते हैं। फिर बहुत से ऐसे अपराधी होते हैं जो जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद फिर घटनाएं करने लगते हैं। पिछले एक साल में कए ऐसे बदमाशों के नाम सामने आए हैं। पुलिस इनकी हिस्ट्रीशीट खोलेगी। फिर हर जोन में अधिकारी से लेकर चौकी स्तर तक जिम्मेदारी तय होगी।
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