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Noida News: बिल्डर कंपनी को नोटिस जारी करने की तैयारी

Mon, 19 Jan 2026 11:17 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jan 2026 11:17 PM IST
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Preparation to issue notice to builder company
माई सिटी रिपोर्टर
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ग्रेटर नोएडा। पिता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस की ओर से बिल्डर कंपनी के जिम्मेदारों से पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी गई है। पुलिस की ओर से जल्द ही दोनों बिल्डर कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने रविवार को दो बिल्डर कंपनी एमजे विशटाउन व लोटस ग्रीन खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने मामले युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर बिल्डर के खिलाफ बीएनएस की धारा-105 (गैर इरादतन हत्या), 106 (1) (किसी व्यक्ति के द्वारा की गई लापरवाही या जल्दबाजी से किसी व्यक्ति की मृत्यु, धारा-125 (मानव जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने) की धाराओं में केस दर्ज किया है। यह प्लॉट सेक्टर-150 के एमजेड विशटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड का है। जमीन लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की थी। जहां लगभग 50 फुट गहरा गड्डा खोदा गया था। उसमें पानी था। प्लॉट पर कोई बैरिकेडिंग व रिफ्लेक्टर नहीं था। जिसके कारण यह घटना हुई। एमजेड विशटाउन प्लॉनर और डेवलपर आर्टच डेवलपर की ओर से गंभीर लापरवाही हुई है।
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नहीं निकाली जा सकी कार
हादसे के तीन बाद भी युवराज की कार अभी भी बेसमेंट के उसी गड्ढे में फंसी हुई है। बेसमेंट जमा पानी का स्तर बढ़ने के बजाए घट रहा है। वहीं मामले में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, दमकल ने पानी में डूबी कार को निकालने से मना कर दिया है। सभी विभागों का कहना है कि उनका काम व्यक्ति को बचाना है। डूबी हुई कार को निकालना नहीं। इसकी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस की है। नोएडा प्राधिकरण द्वारा पहले बेसमेंट और गड्ढे से पानी निकालने के लिए पंप लगाए जाने की तैयारी की जा रही है। पानी पूरी तरह निकलने के बाद कार बाहर निकाली जाएगी। पुलिस की ओर से नोएडा प्राधिकरण नालों से आ रहे पानी को बंद कराने की बात कही गई है।
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स्थानीय लोगों में दिखा आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। निवासी और स्थानीय गांव के लोग जब भी घटना स्थल के पास निकलते हैं तो वह प्राधिकरण के साथ जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं। निवासियों का कहना है कि समय रहते अगर बैरिकेड, रिफ्लेक्टर और खाली प्लॉट को टीन शेड से ढंकने का प्रयास किया गया तो सॉफ्टवेयर इंजीनियर को अपनी जान से बाथ नहीं धोना पड़ता।

एसडीएम सदर मीडिया के सवालों से बचते दिखे
सेक्टर-150 स्थित घटना की जानकारी के लिए सोमवार को एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता भी पहुंचे। मीडियाकर्मियों ने उनसे लापरवाही के संबंंध में सवाल किया गया तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि मामले की जांच की जा रही है।


पिता ने हरिद्वार जाकर किया अस्थि विसर्जन:
युवराज मेहता के पिता ने सोमवार को हरिद्वार जाकर अस्थि विसर्जन किया। इस दौरान उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। पिता का कहना है कि मामले में लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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