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प्रदूषण : ग्रेटर नोएडा में चार दिनों तक निर्माण कार्य पर रोक

Tue, 16 Nov 2021 09:09 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 16 Nov 2021 09:09 PM IST
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Pollution: Construction work banned in Greater Noida for four days
ग्रेटर नोएडा। एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्राधिकरण ने चार दिनों तक सभी प्रकार के निर्माण कार्य, आरएमसी, हॉट मिक्स प्लांट व डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। एनसीआर में वायु प्रदूषण पर निगरानी के लिए बने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देश पर प्राधिकरण ने यह कदम उठाया है।
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सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि इस संबंध में कार्यालय आदेश मंगलवार को जारी कर दिया गया है। अगले चार दिनों तक आवासीय, वाणिज्यिक, आईटी, संस्थागत, बिल्डर प्रोजेक्ट, सड़कों की री-सर्फेसिंग, नई सड़कों का निर्माण आदि नहीं होगा। इस दौरान निर्माण सामग्रियों को ढककर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी धूल उड़ने की संभावना है, वहां एंटी स्मॉग गन चलाने को कहा गया है। हॉट मिक्स व आरएमसी प्लांट को भी तत्काल बंद करने, होटलों या ढाबों में डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन आदेशों की अवहेलना करने पर एनजीटी के नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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बिजली आपूर्ति के लिए एनपीसीएल को निर्देश
प्रदूषण को कम करने में जेनरेटर की जरूरत को देखते हुए प्राधिकरण ने एनपीसीएल को सुचारु रुप से बिजली आपूर्ति के भी निर्देश दिए हैं, ताकि कामकाज प्रभावित न हों। इसके अलावा कूड़ा जलाने वालों की पहचान कर कार्रवाई के लिए टीम भी बना दी गई है। एसीईओ दीपचंद ने अग्निशमन अधिकारी से पानी के छिड़काव के लिए दो वाटर स्प्रिंक्लर मांगे हैं। एक मशीन ग्रेटर नोएडा और दूसरी ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पानी के छिड़काव के लिए इस्तेमाल होगी। इसके अलावा परियोजना/उद्यान विभाग को भी पेड़ों की छंटाई के बाद वेस्ट को एकत्रित कर खाद बनाने की प्रक्रिया करने व कूड़े को डंपिंग ग्राउंड में डालने व मेकेनिकल स्वीपिंग के फेरे बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं।
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फिर बढ़ा प्रदूषण, दूसरे नंबर पर रहा नोएडा
वायु प्रदूषण के कारण लोगों का जीना दुश्वार है। मंगलवार को एक बार फिर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, जिले में जगह-जगह चल रहे निर्माण कार्यों पर धूल उड़ रही है। खुले में कूड़ा व तारकोल तक जलाया जा रहा है। इसे रोकने में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी नाकाम साबित हो रहे हैं। शाम चार बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार के मुकाबले प्रदूषण का स्तर बढ़ गया। एनसीआर के शहरों में दिल्ली 403 एक्यूआई के साथ अतिगंभीर श्रेणी में पहले व नोएडा 397 एक्यूआई के साथ गंभीर श्रेणी में दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा 361 एक्यूआई के साथ एनसीआर में पांचवां सबसे अधिक प्रदूषित शहर बना, जबकि दो दिन पहले तक पहले स्थान पर काबिज गाजियाबाद छठे स्थान पर पहुंच गया। सोमवार को ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 317, नोएडा का 338 व गाजियाबाद का 335 एक्यूआई दर्ज किया गया था।

सीपीसीबी की गाइडलाइन दरकिनार
शहर के पार्क, मॉल, बाजार के हालात देखें तो प्रदूषण विभाग की गाइडलाइन को लोग मानने को तैयार नहीं है। विभाग ने गाइडलाइन में स्पष्ट किया था कि बेहद जरूरी हो तो ही घर से निकलें। अन्यथा घर में ही रहें। विशेष रूप से बच्चों, बूढ़ों और गर्भवती को तो इसका पालन करना ही चाहिए, जबकि इसके विपरीत मंगलवार को नोएडा के पार्कों में बच्चे खेलते व बाजारों में बुजुर्ग घूमते नजर आए।
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