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बसों से जाएंगी पोलिंग पार्टियां तो कैसे पहुंचेंगे बराती
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नोएडा। शादियों का सीजन शुरू हो चुका है। बैंड-बाजे के साथ बराती भी तैयार हैं, लेकिन बराती कार्यक्रम स्थल तक कैसे पहुंचेंगे, इसे लेकर शादी वाले घरों के लोग परेशान हैं। जिले में 10 फरवरी को मतदान होना है। ऐसे में जिला प्रशासन पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्र पहुंचाने के लिए 417 बसें अधिगृहीत करेगा। ऐसे में कई ट्रांसपोर्टर ने बसों की बुकिंग रद्द कर दी हैं। अब बरातियों को ले जाने की चिंता सता रही है। दस को होने वाले मतदान के लिए प्रशासन 9 फरवरी से ही पोलिंग पार्टियों को भेजना शुरू कर देगा। इसके लिए बड़ी संख्या में बसों और अन्य वाहनों को अधिगृहीत किया जाना है। प्रशासन ने बसों और वाहनों को एकत्र करना भी शुरू कर दिया है। वहीं, जिले में 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 फरवरी को बहुत शादियां भी हैं। शादी वाले घरों में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं।
लोगों ने बरातियों को ले जाने के लिए पहले ही बसों की बुकिंग कर दी थी, लेकिन अब बुकिंग रद्द हो रही है। जिला प्रशासन ने पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए परिवहन विभाग से छोटे-बड़े मिलाकर कुल एक हजार से ज्यादा वाहनों की मांग की है। इसके बाद परिवहन विभाग ने ट्रांसपोर्टर को नोटिस देकर अवगत करा दिया है कि उनके वाहन को चुनावों के लिए अधिगृहीत किया जा रहा है। ऐसे में बसों के मालिकों ने चुनाव के दौरान पड़ने वाली सभी शादियों की बुकिंग रद्द कर दी है। संचालकों का कहना है कि यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उन पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। वहीं जिनकी बुकिंग रद्द हुई है, उनका कहना है कि अचानक बुकिंग रद्द होने से परेशानी बढ़ गई है। इतने कम समय में दूसरों वाहनों का प्रबंध कैसे हो सकेगा। प्रशासन को पहले ही इस संबंध में व्यवस्था करनी चाहिए। एआरटीओ प्रशासन एके पांडेय का कहना है कि प्रशासन के आदेश के अनुसार एक हजार से ज्यादा वाहनों को अधिगृहीत किया जाएगा। जो आदेश का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के आदेश की अवहेलना नहीं कर सकते
मामले में ट्रांसपोर्टर संजय नंबरदार का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया की वजह से कई बुकिंग रद्द की गई हैं। चुनाव और शादी दोनों जरूरी है। इन्हें टाल नहीं सकते हैं। प्रशासन ने बसें मांगी हैं तो देनी ही होगी। इस परिस्थिति में हम भी कुछ नहीं कर सकते हैं। ट्रांसपोर्टर तरुण शर्मा ने बताया कि लोकतंत्र का पर्व है। इसमें सभी सहभागिता निभा रहे हैं। हम परिवहन विभाग को बसें देंगे। शादी के लिए और भी व्यवस्थाएं बनाई जा सकती हैं, लेकिन चुनाव नहीं। ट्रांसपोर्टर कौशल अग्रवाल ने बताया कि जब हमें वाहन चलाने के लिए परमिट दिया जाता है तो उनकी शर्तों में ही यह बात शामिल होती है। ऐसे में हमें परिवहन विभाग को अपने वाहन देने ही होते हैं। प्रशासन के आदेश की अवहेलना नहीं कर सकते हैं।
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अचानक बुकिंग रद्द कर दी गई। दो दिन बाद घर में शादी है। ऐसे में मेहमानों से ही कहना पड़ेगा कि वह अपने-अपने वाहनों से ही शादी में पहुंचे। - देवेंद्र, सेक्टर-48
एक महीने पहले बस बुक की थी। इसके बाद भी बुकिंग कैंसिल कर दी गई है। 10 फरवरी को भाई की शादी है। दिल्ली में ही किसी से बुकिंग करेंगे। - विपिन मित्रा
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लोगों ने बरातियों को ले जाने के लिए पहले ही बसों की बुकिंग कर दी थी, लेकिन अब बुकिंग रद्द हो रही है। जिला प्रशासन ने पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए परिवहन विभाग से छोटे-बड़े मिलाकर कुल एक हजार से ज्यादा वाहनों की मांग की है। इसके बाद परिवहन विभाग ने ट्रांसपोर्टर को नोटिस देकर अवगत करा दिया है कि उनके वाहन को चुनावों के लिए अधिगृहीत किया जा रहा है। ऐसे में बसों के मालिकों ने चुनाव के दौरान पड़ने वाली सभी शादियों की बुकिंग रद्द कर दी है। संचालकों का कहना है कि यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उन पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। वहीं जिनकी बुकिंग रद्द हुई है, उनका कहना है कि अचानक बुकिंग रद्द होने से परेशानी बढ़ गई है। इतने कम समय में दूसरों वाहनों का प्रबंध कैसे हो सकेगा। प्रशासन को पहले ही इस संबंध में व्यवस्था करनी चाहिए। एआरटीओ प्रशासन एके पांडेय का कहना है कि प्रशासन के आदेश के अनुसार एक हजार से ज्यादा वाहनों को अधिगृहीत किया जाएगा। जो आदेश का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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प्रशासन के आदेश की अवहेलना नहीं कर सकते
मामले में ट्रांसपोर्टर संजय नंबरदार का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया की वजह से कई बुकिंग रद्द की गई हैं। चुनाव और शादी दोनों जरूरी है। इन्हें टाल नहीं सकते हैं। प्रशासन ने बसें मांगी हैं तो देनी ही होगी। इस परिस्थिति में हम भी कुछ नहीं कर सकते हैं। ट्रांसपोर्टर तरुण शर्मा ने बताया कि लोकतंत्र का पर्व है। इसमें सभी सहभागिता निभा रहे हैं। हम परिवहन विभाग को बसें देंगे। शादी के लिए और भी व्यवस्थाएं बनाई जा सकती हैं, लेकिन चुनाव नहीं। ट्रांसपोर्टर कौशल अग्रवाल ने बताया कि जब हमें वाहन चलाने के लिए परमिट दिया जाता है तो उनकी शर्तों में ही यह बात शामिल होती है। ऐसे में हमें परिवहन विभाग को अपने वाहन देने ही होते हैं। प्रशासन के आदेश की अवहेलना नहीं कर सकते हैं।
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अचानक बुकिंग रद्द कर दी गई। दो दिन बाद घर में शादी है। ऐसे में मेहमानों से ही कहना पड़ेगा कि वह अपने-अपने वाहनों से ही शादी में पहुंचे। - देवेंद्र, सेक्टर-48
एक महीने पहले बस बुक की थी। इसके बाद भी बुकिंग कैंसिल कर दी गई है। 10 फरवरी को भाई की शादी है। दिल्ली में ही किसी से बुकिंग करेंगे। - विपिन मित्रा