{"_id":"6ad0edf2ebeaa39d0b0e5c85","slug":"pm-encouraged-winning-gold-at-the-commonwealth-grnoida-news-c-23-1-lko1064-109258-2026-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम ने कॉमनवेल्थ में स्वर्ण जीतने के लिए किया प्रोत्साहित : जय नागर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएम ने कॉमनवेल्थ में स्वर्ण जीतने के लिए किया प्रोत्साहित : जय नागर
विज्ञापन
टीवी पर पीएम नरेंद्र मोदी से जिले के एथलीट जय कुमार नागर को देखते माता-पिता व अन्य। स्रोत परिजन
एशियाई खेलों के रजत और कांस्य पदक विजेता से पीएम मोदी ने की मुलाकात, टीवी पर बेटे को देखकर भावुक हुए पिता
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करना एशियाई खेलों के पदक विजेता और दुजाना गांव निवासी एथलीट जय कुमार नागर के लिए यादगार पल बन गया। प्रधानमंत्री ने उन्हें आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं, टीवी पर बेटे को प्रधानमंत्री से मुलाकात करते देखकर पिता राकेश कुमार की आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि बेटे को देश का नाम रोशन करते देखना परिवार के लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण क्षण था।
जय ने बताया कि पिछली एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को प्रधानमंत्री से मिलते देखकर उनके मन में भी उनसे मिलने की इच्छा जागी थी। इसके लिए उन्होंने और कड़ी मेहनत की। अब प्रधानमंत्री से मुलाकात का सपना पूरा हो गया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए वर्षों तक मेहनत और निरंतर अभ्यास करना पड़ता है। इस सफर में उनके कोच सोनू भाटी, अमित सक्सेना और विशाल सक्सेना का विशेष योगदान रहा है। अब उनका लक्ष्य कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में एशियाई खेलों के 85 पदक विजेताओं ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इनमें जय कुमार नागर भी शामिल रहे।
विज्ञापन
एशियाई खेलों में जीते दो पदक
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में जय ने एथलेटिक्स की 4×400 मीटर रिले स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने मिश्रित रिले में रजत और पुरुष रिले में कांस्य पदक जीता। उनकी इस उपलब्धि से दुजाना गांव सहित पूरे जिले में गर्व का माहौल है।
पिता बोले, बेटे की मेहनत और उपलब्धियों पर गर्व है
जय के पिता राकेश कुमार ने कहा कि हर माता-पिता का सपना होता है कि उनकी संतान परिवार का नाम रोशन करे। बेटे की मेहनत और उपलब्धियों पर उन्हें गर्व है। टीवी पर प्रधानमंत्री से मुलाकात का दृश्य देखकर वह अपने आंसू नहीं रोक सके। जय के प्रारंभिक कोच सोनू भाटी ने भी उनकी सफलता को कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास और समर्पण का परिणाम बताया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करना एशियाई खेलों के पदक विजेता और दुजाना गांव निवासी एथलीट जय कुमार नागर के लिए यादगार पल बन गया। प्रधानमंत्री ने उन्हें आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं, टीवी पर बेटे को प्रधानमंत्री से मुलाकात करते देखकर पिता राकेश कुमार की आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि बेटे को देश का नाम रोशन करते देखना परिवार के लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण क्षण था।
जय ने बताया कि पिछली एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को प्रधानमंत्री से मिलते देखकर उनके मन में भी उनसे मिलने की इच्छा जागी थी। इसके लिए उन्होंने और कड़ी मेहनत की। अब प्रधानमंत्री से मुलाकात का सपना पूरा हो गया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए वर्षों तक मेहनत और निरंतर अभ्यास करना पड़ता है। इस सफर में उनके कोच सोनू भाटी, अमित सक्सेना और विशाल सक्सेना का विशेष योगदान रहा है। अब उनका लक्ष्य कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
विज्ञापन
दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में एशियाई खेलों के 85 पदक विजेताओं ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इनमें जय कुमार नागर भी शामिल रहे।
विज्ञापन
एशियाई खेलों में जीते दो पदक
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में जय ने एथलेटिक्स की 4×400 मीटर रिले स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने मिश्रित रिले में रजत और पुरुष रिले में कांस्य पदक जीता। उनकी इस उपलब्धि से दुजाना गांव सहित पूरे जिले में गर्व का माहौल है।
पिता बोले, बेटे की मेहनत और उपलब्धियों पर गर्व है
जय के पिता राकेश कुमार ने कहा कि हर माता-पिता का सपना होता है कि उनकी संतान परिवार का नाम रोशन करे। बेटे की मेहनत और उपलब्धियों पर उन्हें गर्व है। टीवी पर प्रधानमंत्री से मुलाकात का दृश्य देखकर वह अपने आंसू नहीं रोक सके। जय के प्रारंभिक कोच सोनू भाटी ने भी उनकी सफलता को कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास और समर्पण का परिणाम बताया।