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प्लास्टिक से बना चरखा एशिया बुक ऑफ रिकार्ड में शामिल
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प्लास्टिक कचरे से बना चरखा।
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प्लास्टिक से बना चरखा एशिया बुक ऑफ रिकार्ड में शामिल
नोएडा। 1250 किलो प्लास्टिक कचरे से सेक्टर-94 में महामाया फ्लाईओवर के पास बनाया गया चरखा एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल हो गया है। एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की अधिकारी नीति अग्निहोत्री ने मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी को प्रमाण-पत्र, मेडल, पेन और बैज देकर सम्मानित भी किया। वहीं, अब इस चरखे को लिंबा बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज की तैयार की जा रही है।
नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि प्लास्टिक वेस्ट से बना चरखा इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में शामिल हो गया है। 14 फुट ऊंचे, 20 फुट लंबे और 8 फुट चौड़े चरखे को अब लिमका बुक ऑफ रिकार्ड में शामिल कराने की तैयारी की जा रही है। इस चरखे का महिला एवं बाल विकास मंत्री ने लोकार्पण किया था। सीईओ ने बताया कि नोएडा में नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। पिछले दिनों प्राधिकरण की ओर से प्लास्टिक कूडे़ से सड़क भी बनाई गई थी। इसके बाद यह देखा जा रहा है कि आखिर और क्या-क्या काम प्लास्टिक कूड़े के इस्तेमाल से किए जा सकते हैं। कहा कि प्लास्टिक को खत्म करने के लिए शहर में स्टील के बर्तनों का बैंक शुरू किया गया है। वहीं, एक से 20 नवंबर तक एक अभियान के तहत गांव, आवासीय सेक्टर और औद्योगिक क्षेत्र में एक लाख जूट और कपड़े के थैले बांटे जाएंगे।
नया प्रयोग किया जाएगा प्लास्टिक वेस्ट से
सीईओ ने बताया कि जिले में 11 सितंबर से 27 अक्तूबर तक एकत्र की गई सिंगल यूज प्लास्टिक का शहर में किसी स्थान पर चरखे की ही तरह प्रयोग करने की योजना है। इसके लिए प्लास्टिक वेस्ट श्रमदान कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इससे प्लास्टिक वेस्ट का प्रयोग भी हो जाएगा और यह लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र भी बन सकेगा।
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नोएडा। 1250 किलो प्लास्टिक कचरे से सेक्टर-94 में महामाया फ्लाईओवर के पास बनाया गया चरखा एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल हो गया है। एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की अधिकारी नीति अग्निहोत्री ने मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी को प्रमाण-पत्र, मेडल, पेन और बैज देकर सम्मानित भी किया। वहीं, अब इस चरखे को लिंबा बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज की तैयार की जा रही है।
नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि प्लास्टिक वेस्ट से बना चरखा इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में शामिल हो गया है। 14 फुट ऊंचे, 20 फुट लंबे और 8 फुट चौड़े चरखे को अब लिमका बुक ऑफ रिकार्ड में शामिल कराने की तैयारी की जा रही है। इस चरखे का महिला एवं बाल विकास मंत्री ने लोकार्पण किया था। सीईओ ने बताया कि नोएडा में नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। पिछले दिनों प्राधिकरण की ओर से प्लास्टिक कूडे़ से सड़क भी बनाई गई थी। इसके बाद यह देखा जा रहा है कि आखिर और क्या-क्या काम प्लास्टिक कूड़े के इस्तेमाल से किए जा सकते हैं। कहा कि प्लास्टिक को खत्म करने के लिए शहर में स्टील के बर्तनों का बैंक शुरू किया गया है। वहीं, एक से 20 नवंबर तक एक अभियान के तहत गांव, आवासीय सेक्टर और औद्योगिक क्षेत्र में एक लाख जूट और कपड़े के थैले बांटे जाएंगे।
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नया प्रयोग किया जाएगा प्लास्टिक वेस्ट से
सीईओ ने बताया कि जिले में 11 सितंबर से 27 अक्तूबर तक एकत्र की गई सिंगल यूज प्लास्टिक का शहर में किसी स्थान पर चरखे की ही तरह प्रयोग करने की योजना है। इसके लिए प्लास्टिक वेस्ट श्रमदान कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इससे प्लास्टिक वेस्ट का प्रयोग भी हो जाएगा और यह लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र भी बन सकेगा।
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