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Noida News: पिटबुल ने किया हमला हमला, दरोगा के दो नाबालिग बेटे लहूलुहान
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पिटबुल के हमले में दो नाबालिग लहूलुहान
- छोटे भाई के बचाने का प्रयास कर रहे बड़े भाई को भी बुरी तरह काटा
- खुला छोड़ रखा था हिंसक कुत्ता, पिता और पुत्र पर केस दर्ज
जेपी शर्मा
ग्रेटर नोएडा। कासना थाना क्षेत्र के नियाना गांव में दिल्ली पुलिस के दरोगा नागेंद्र भाटी के दो नाबालिग बेटों को पिटबुल ने काटकर लहूलुहान दिया। पिटबुल ने पहले दसवीं कक्षा के छात्र राज भाटी पर हमला किया। उसे बचाने का प्रयास करने पर बड़े भाई नारायण भाटी को भी काट लिया। आरोप है कि फिरेराम और बेटे अमित ने पालतू कुत्ते को गली में खुला छोड़ा रखा था। दोनों बेटों का इलाज कराने के बाद नागेंद्र ने आरोपी पिता-पुत्र पर कासना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कासना थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार शाम नागेंद्र का छोटा बेटा राज भाटी गली से जा रहा था। गली में घूम रहे पिटबुल ने राज पर हमला कर दिया। पिटबुल ने उसका हाथ बुरी तरह दबोच लिया। राज के बड़े भाई नारायण ने बचाने का प्रयास किया तो पिटबुल ने उसे भी काट लिया। गांव के लोगों की मदद से दोनों नाबालिग भाइयों को पिटबुल से बचाया जा सका। हालांकि तब तक दोनों लहूलुहान हो गए थे। परिजन दोनों को अस्पताल ले गए। कासना थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
तीन मिनट तक जबड़े में दबाए रखा, हाथ और पैर में काटा
परिजन के मुताबिक पिटबुल ने राज के हाथ की कोहनी से थोड़ा ऊपर के हिस्से को जबड़े में दबा लिया था। शोर मचाने पर भी पिटबुल ने उसे नहीं छोड़ा। इस बीच नारायण पिटबुल से भिड़ गया। आसपास के लोग भी उसे छुड़ाने का प्रयास करने लगे। पिटबुल ने करीब तीन मिनट बाद राज का हाथ छोड़ा। कुत्ते ने राज के हाथ और पैर और नारायणा के दोनों पैर को जख्मी कर दिया।
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कुत्तों को लड़ाकर लगाते हैं दांव, नियाना गांव में लगी पिटबुल पालने की होड़
पीड़ित छात्रों के परिजन का कहना है कि नियाना गांव के कुछ युवक हिंसक नस्ल के कुत्तों की आपस में लड़ाई कराते हैं। कुत्तों की लड़ाई पर दांव लगाए जाते हैं। पशु क्रूरता अधिनियम को ताक पर रखकर इस शौक को पूरा करने के लिए ग्रामीण हिंसक नस्ल के कुत्ते खरीदकर ला रहे हैं। उनका दावा है कि गांव में लगभग 15 पिटबुल समेत अन्य विदेशी नस्ल के कुत्ते हैं। आरोप है कि कुछ लोग इन्हें खुला छोड़ देते हैं। आसपास के कुछ गांव में भी यही हाल है। वहीं कुछ स्थानीय लोग सोशल मीडिया पर लाइक के लिए इन कुत्तों के वीडियो शेयर करते हैं।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
फरवरी 2022 में दनकौर के देवटा गांव में दस साल के मासूम के चेहरे पर पिटबुल ने हमला किया। बच्चे की सर्जरी करानी पड़ी थी। इससे पहले दादरी में मासूम बच्चे पर पिटबुल ने हमला किया था। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था। सितंबर 2022 में नोएडा के सेक्टर-76 स्थित सिलिकॉन सिटी में एक शख्स पिटबुल को आम रास्ते पर टहला रहा था। तभी उसने राहगीर पर हमला कर दिया था।
अमेरिका है पालने पर है रोक, हमारे यहां नहीं
पशु प्रेमी कावेरी राणा का कहना है कि पिटबुल पर अमेरिका में प्रतिबंध है, लेकिन हमारे देश में इस पर प्रतिबंधित नहीं है। पिटबुल जब किसी को काटता है तो उसका जबड़ा बंद हो जाता है। वह चाहकर भी मुंह में दबाए अंग को आसानी से नहीं छोड़ पाता। कावेरी के मुताबिक अवैध और गलत तरीके से (दूसरी नस्ल के कुत्तों) प्रजनन कराने के कारण कुत्ते हिंसक होते हैं। बिना डीएनए कराए कुत्तों का प्रजनन नहीं कराना चाहिए।
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- छोटे भाई के बचाने का प्रयास कर रहे बड़े भाई को भी बुरी तरह काटा
- खुला छोड़ रखा था हिंसक कुत्ता, पिता और पुत्र पर केस दर्ज
जेपी शर्मा
ग्रेटर नोएडा। कासना थाना क्षेत्र के नियाना गांव में दिल्ली पुलिस के दरोगा नागेंद्र भाटी के दो नाबालिग बेटों को पिटबुल ने काटकर लहूलुहान दिया। पिटबुल ने पहले दसवीं कक्षा के छात्र राज भाटी पर हमला किया। उसे बचाने का प्रयास करने पर बड़े भाई नारायण भाटी को भी काट लिया। आरोप है कि फिरेराम और बेटे अमित ने पालतू कुत्ते को गली में खुला छोड़ा रखा था। दोनों बेटों का इलाज कराने के बाद नागेंद्र ने आरोपी पिता-पुत्र पर कासना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कासना थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार शाम नागेंद्र का छोटा बेटा राज भाटी गली से जा रहा था। गली में घूम रहे पिटबुल ने राज पर हमला कर दिया। पिटबुल ने उसका हाथ बुरी तरह दबोच लिया। राज के बड़े भाई नारायण ने बचाने का प्रयास किया तो पिटबुल ने उसे भी काट लिया। गांव के लोगों की मदद से दोनों नाबालिग भाइयों को पिटबुल से बचाया जा सका। हालांकि तब तक दोनों लहूलुहान हो गए थे। परिजन दोनों को अस्पताल ले गए। कासना थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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तीन मिनट तक जबड़े में दबाए रखा, हाथ और पैर में काटा
परिजन के मुताबिक पिटबुल ने राज के हाथ की कोहनी से थोड़ा ऊपर के हिस्से को जबड़े में दबा लिया था। शोर मचाने पर भी पिटबुल ने उसे नहीं छोड़ा। इस बीच नारायण पिटबुल से भिड़ गया। आसपास के लोग भी उसे छुड़ाने का प्रयास करने लगे। पिटबुल ने करीब तीन मिनट बाद राज का हाथ छोड़ा। कुत्ते ने राज के हाथ और पैर और नारायणा के दोनों पैर को जख्मी कर दिया।
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कुत्तों को लड़ाकर लगाते हैं दांव, नियाना गांव में लगी पिटबुल पालने की होड़
पीड़ित छात्रों के परिजन का कहना है कि नियाना गांव के कुछ युवक हिंसक नस्ल के कुत्तों की आपस में लड़ाई कराते हैं। कुत्तों की लड़ाई पर दांव लगाए जाते हैं। पशु क्रूरता अधिनियम को ताक पर रखकर इस शौक को पूरा करने के लिए ग्रामीण हिंसक नस्ल के कुत्ते खरीदकर ला रहे हैं। उनका दावा है कि गांव में लगभग 15 पिटबुल समेत अन्य विदेशी नस्ल के कुत्ते हैं। आरोप है कि कुछ लोग इन्हें खुला छोड़ देते हैं। आसपास के कुछ गांव में भी यही हाल है। वहीं कुछ स्थानीय लोग सोशल मीडिया पर लाइक के लिए इन कुत्तों के वीडियो शेयर करते हैं।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
फरवरी 2022 में दनकौर के देवटा गांव में दस साल के मासूम के चेहरे पर पिटबुल ने हमला किया। बच्चे की सर्जरी करानी पड़ी थी। इससे पहले दादरी में मासूम बच्चे पर पिटबुल ने हमला किया था। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था। सितंबर 2022 में नोएडा के सेक्टर-76 स्थित सिलिकॉन सिटी में एक शख्स पिटबुल को आम रास्ते पर टहला रहा था। तभी उसने राहगीर पर हमला कर दिया था।
अमेरिका है पालने पर है रोक, हमारे यहां नहीं
पशु प्रेमी कावेरी राणा का कहना है कि पिटबुल पर अमेरिका में प्रतिबंध है, लेकिन हमारे देश में इस पर प्रतिबंधित नहीं है। पिटबुल जब किसी को काटता है तो उसका जबड़ा बंद हो जाता है। वह चाहकर भी मुंह में दबाए अंग को आसानी से नहीं छोड़ पाता। कावेरी के मुताबिक अवैध और गलत तरीके से (दूसरी नस्ल के कुत्तों) प्रजनन कराने के कारण कुत्ते हिंसक होते हैं। बिना डीएनए कराए कुत्तों का प्रजनन नहीं कराना चाहिए।