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नहीं उड़ रहा मुंडेर पर बैठा कबूतर, टीम भेजिए
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बर्ड फ्लू के दृष्टिगत एनटीपीसी क्षेत्र में सघन चेकिंग करते वन विभाग के अधिकारी।
- फोटो : Grnoida
नहीं उड़ रहा मुंडेर पर बैठा कबूतर, टीम भेजिए
नोएडा (गौरव शर्मा)। साहब, मकान की मुंडेर पर एक कबूतर बैठा है। वह न तो उड़ रहा है, न ही हिलडुल रहा है। देखने में बाहरी और बीमार लगता है। कुत्ते को देखकर भी नहीं डर रहा है। टीम भेजकर इसे पकड़वाईए... अफसर ने टोका कि आपको कैसे पता कि वह बाहरी है और बीमार है। व्यक्ति ने जवाब दिया कि बस देखने में लग रहा है। आप जल्दी टीम भेजिए। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी वीके श्रीवास्तव के पास पहुंची यह कॉल बर्ड फ्लू के बढ़ते खौफ की एक बानगी भर है। बीते 4 दिन में 450 से अधिक कॉल मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला वन अधिकारी, वन रेंजर और डीएम की ओर से गठित टीमाें के पास पहुंची हैं। कुछ लोग तो कौआ और कबूतर के मरने की जानकारी देते हैं तो कुछ दोनों पक्षियों को देख भयभीत होकर टीम को फोन मिला देते हैं। इससे अधिकारियों की भी परेशानी बढ़ गई है।
कौआ सांस नहीं ले रहा, आकर देखिए
वन कर्मी के पास भी ऐसी ही एक कॉल पहुंची। कॉल करने वाले ने कहा कि नोएडा के सेक्टर-78 में कौआ जमीन पर पड़ा है। लग रहा है कि वह सांस नहीं ले रहा है। टीम भेजकर जांच करा लीजिए। आश्चर्य की बात यह रही कि टीम मौके पर पहुंची, लेकिन कौआ नहीं मिला। इसी तरह से ग्रेनो में भी उड़ते हुए एक कौवे के गिरने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वहीं, नोएडा के सेक्टर-62 में पक्षी गिरने की शिकायत वन विभाग व पशु चिकित्सक की संयुक्त टीम के पास पहुंची। फोन करने वाले ने बताया कि पक्षी उड़ते हुए गिर गया है। जांच की जरूरत है। मौके पर पहुंची टीम को स्थिति सामान्य मिली।
शिकायताें को नजरअंदाज नहीं कर सकते
विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी तरह का वायरस या संक्रमण एक व्यक्ति से ही दूसरे में फैलता है। 8 मार्च को जब कोरोना का पहला मामला मिला था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि केस 25 हजार पार कर जाएंगे। बर्ड फ्लू का वायरस यदि किसी व्यक्ति तक पहुंचता है तो उसका भी इलाज नहीं है। यहां हालात बिगड़ सकते हैं। ऐसे में किसी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
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दादरी में 6, बिसरख में 4 आरआरटी गठित
बर्ड फ्लू को लेकर दादरी खंड में दादरी, प्यावली, जारचा, कलौंदा, मायचा, बोड़ाकी और बिसरख खंड में बिसरख, बादलपुर, दुजाना और वेदपुरा में रैपिड रेस्पांस टीम (आरआरटी) गठित की गई है। टीमें क्षेत्र में बर्ड फ्लू से जुड़ीं शिकायतों का निस्तारण करने के साथ निगरानी भी करेंगी। वहीं, दनकौर खंड में दनकौर, देवटा, बिलासपुर, कासना और जेवर खंड में जेवर, जहांगीरपुर, मुढरहशाहपुर में टीमें गठित की गई हैं।
लैब से मिलेगी संक्रमण की जानकारी
दिसंबर के अंत में 20 पक्षियों के ब्लड सीरम सैंपल भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली भेजे गए हैं। अफसराें का कहना है कि पक्षियाें में किसी भी तरह के संक्रमण की पुष्टि होने पर संस्थान से जानकारी मिल जाएगी। संक्रमण नहीं हुआ तो कोई जानकारी नहीं मिलेगी।
कबूतर और कौआ से जुड़ी 30 से 40 शिकायतें रोज मेरे निजी नंबर पर आ रही हैं। इनमें अधिकांश शिकायतें गलत होती हैं। लोगाें को डरने की जरूरत नहीं है। टीमें कार्रवाई के लिए मुस्तैद हैं।
- प्रमोद कुमार, जिला वन अधिकारी
एक व्यक्ति का फोन आया था कि मकान की छत पर बैठा कबूतर उड़ नहीं रहा है। शिकायत का समाधान कर दिया गया। अब तक 100 से अधिक शिकायतें मेरे नंबर पर आ चुकी हैं।
- वीके श्रीवास्तव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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नोएडा (गौरव शर्मा)। साहब, मकान की मुंडेर पर एक कबूतर बैठा है। वह न तो उड़ रहा है, न ही हिलडुल रहा है। देखने में बाहरी और बीमार लगता है। कुत्ते को देखकर भी नहीं डर रहा है। टीम भेजकर इसे पकड़वाईए... अफसर ने टोका कि आपको कैसे पता कि वह बाहरी है और बीमार है। व्यक्ति ने जवाब दिया कि बस देखने में लग रहा है। आप जल्दी टीम भेजिए। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी वीके श्रीवास्तव के पास पहुंची यह कॉल बर्ड फ्लू के बढ़ते खौफ की एक बानगी भर है। बीते 4 दिन में 450 से अधिक कॉल मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला वन अधिकारी, वन रेंजर और डीएम की ओर से गठित टीमाें के पास पहुंची हैं। कुछ लोग तो कौआ और कबूतर के मरने की जानकारी देते हैं तो कुछ दोनों पक्षियों को देख भयभीत होकर टीम को फोन मिला देते हैं। इससे अधिकारियों की भी परेशानी बढ़ गई है।
कौआ सांस नहीं ले रहा, आकर देखिए
वन कर्मी के पास भी ऐसी ही एक कॉल पहुंची। कॉल करने वाले ने कहा कि नोएडा के सेक्टर-78 में कौआ जमीन पर पड़ा है। लग रहा है कि वह सांस नहीं ले रहा है। टीम भेजकर जांच करा लीजिए। आश्चर्य की बात यह रही कि टीम मौके पर पहुंची, लेकिन कौआ नहीं मिला। इसी तरह से ग्रेनो में भी उड़ते हुए एक कौवे के गिरने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वहीं, नोएडा के सेक्टर-62 में पक्षी गिरने की शिकायत वन विभाग व पशु चिकित्सक की संयुक्त टीम के पास पहुंची। फोन करने वाले ने बताया कि पक्षी उड़ते हुए गिर गया है। जांच की जरूरत है। मौके पर पहुंची टीम को स्थिति सामान्य मिली।
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शिकायताें को नजरअंदाज नहीं कर सकते
विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी तरह का वायरस या संक्रमण एक व्यक्ति से ही दूसरे में फैलता है। 8 मार्च को जब कोरोना का पहला मामला मिला था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि केस 25 हजार पार कर जाएंगे। बर्ड फ्लू का वायरस यदि किसी व्यक्ति तक पहुंचता है तो उसका भी इलाज नहीं है। यहां हालात बिगड़ सकते हैं। ऐसे में किसी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
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दादरी में 6, बिसरख में 4 आरआरटी गठित
बर्ड फ्लू को लेकर दादरी खंड में दादरी, प्यावली, जारचा, कलौंदा, मायचा, बोड़ाकी और बिसरख खंड में बिसरख, बादलपुर, दुजाना और वेदपुरा में रैपिड रेस्पांस टीम (आरआरटी) गठित की गई है। टीमें क्षेत्र में बर्ड फ्लू से जुड़ीं शिकायतों का निस्तारण करने के साथ निगरानी भी करेंगी। वहीं, दनकौर खंड में दनकौर, देवटा, बिलासपुर, कासना और जेवर खंड में जेवर, जहांगीरपुर, मुढरहशाहपुर में टीमें गठित की गई हैं।
लैब से मिलेगी संक्रमण की जानकारी
दिसंबर के अंत में 20 पक्षियों के ब्लड सीरम सैंपल भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली भेजे गए हैं। अफसराें का कहना है कि पक्षियाें में किसी भी तरह के संक्रमण की पुष्टि होने पर संस्थान से जानकारी मिल जाएगी। संक्रमण नहीं हुआ तो कोई जानकारी नहीं मिलेगी।
कबूतर और कौआ से जुड़ी 30 से 40 शिकायतें रोज मेरे निजी नंबर पर आ रही हैं। इनमें अधिकांश शिकायतें गलत होती हैं। लोगाें को डरने की जरूरत नहीं है। टीमें कार्रवाई के लिए मुस्तैद हैं।
- प्रमोद कुमार, जिला वन अधिकारी
एक व्यक्ति का फोन आया था कि मकान की छत पर बैठा कबूतर उड़ नहीं रहा है। शिकायत का समाधान कर दिया गया। अब तक 100 से अधिक शिकायतें मेरे नंबर पर आ चुकी हैं।
- वीके श्रीवास्तव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी