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Noida News: लोगों ने कहा- शादी करो और घर बसाओ, लेकिन अनुरीत ने नही छोड़ा सपना
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अनुरीत
फोटो- डाइट, अच्छे कपड़ों और बॉक्सिंग ग्लव्स के लिए झेलनी पड़ी परेशानियां, लेकिन नहीं मानी हार
मो. सफीक खान
नोएडा। 22 वर्षीय अनुरीत के लिए बॉक्सिंग सिर्फ खेल नहीं, बल्कि खुद को साबित करने का जरिया है। करीब चार साल से बॉक्सिंग कर रहीं अनुरीत ने शुरुआत से ही कई चुनौतियों का सामना किया। सुविधाओं की कमी रही और लोगों के ताने सुनने पड़े, लेकिन रिंग में उतरने का उनका जज्बा कम नहीं हुआ। अब वह लड़कों के साथ अभ्यास करते हुए उन्हें भी कड़ी चुनौती दे रही हैं।
अनुरीत के बॉक्सिंग शुरू करने पर लोगों ने सवाल भी उठाए। उन्हें कहा गया कि लड़कियों को बॉक्सिंग करने की क्या जरूरत है, शादी करो और घर बसाओ। इन तमाम बातों के बावजूद उन्होंने अपना रास्ता नहीं बदला। अनुरीत ने लोगों की बातों का जवाब रिंग में अपनी मेहनत से देने का फैसला किया और लगातार अभ्यास जारी रखा। बॉक्सिंग के इस सफर में सुविधाओं की कमी भी उनके सामने एक बड़ी चुनौती रही। डाइट से लेकर अच्छे कपड़ों और बॉक्सिंग ग्लव्स तक के लिए उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अभ्यास नहीं छोड़ा। उनका पूरा ध्यान अपने खेल को बेहतर करने और बॉक्सिंग में आगे बढ़ने पर रहा।
बॉक्सिंग रिंग में लड़कों को देती हैं चुनौती
रिंग में लड़कों के साथ अभ्यास करना भी अनुरीत की तैयारी का अहम हिस्सा है। वह लगातार मुकाबलों और अभ्यास के जरिए अपने खेल को निखार रही हैं। चार साल के इस सफर में उन्होंने यह साबित कर दिया है कि सुविधाएं कम होने के बावजूद मेहनत और हौसले से आगे बढ़ा जा सकता है। कोच प्रवेश कुमार ने बताया कि अनुरीत बॉक्सिंग रिंग में लड़कों को कड़ी टक्कर देती हैं, और उनका ज्यादातर अभ्यास लड़कों के साथ ही होता है।
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लोग बोले- बॉक्सिंग छोड़ो, शादी करो
अनुरीत को बॉक्सिंग करने के कारण कई बार लोगों के ताने सुनने पड़े। उनसे कहा जाता था कि लड़कियों को बॉक्सिंग करने की क्या जरूरत है, शादी कर घर बसाओ। हालांकि, अनुरीत ने इन बातों को हमेशा नजरअंदाज किया और रिंग में अपनी मेहनत जारी रखी। अब उनका मुख्य लक्ष्य बॉक्सिंग में अपनी पहचान को और अधिक मजबूत करना है।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दिखाएंगी दम
अनुरीत वर्तमान समय में झांसी में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की तैयारियों में पूरी तरह जुटी हुई हैं। उन्होंने इस प्रतियोगिता के लिए अपने अभ्यास के समय में दो घंटे का इजाफा भी किया है, ताकि वे राज्य स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर सकें।
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नुरीत मेहनती खिलाड़ी हैं। सुविधाओं की कमी के बावजूद वह नियमित रूप से अभ्यास करती हैं और लड़कों के साथ भी पूरे आत्मविश्वास से रिंग में उतरती हैं। लेकिन पैसों की कमी के कारण कई बार वह पीछे रह जाती हैं। -प्रवेश कुमार, कोच
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मो. सफीक खान
नोएडा। 22 वर्षीय अनुरीत के लिए बॉक्सिंग सिर्फ खेल नहीं, बल्कि खुद को साबित करने का जरिया है। करीब चार साल से बॉक्सिंग कर रहीं अनुरीत ने शुरुआत से ही कई चुनौतियों का सामना किया। सुविधाओं की कमी रही और लोगों के ताने सुनने पड़े, लेकिन रिंग में उतरने का उनका जज्बा कम नहीं हुआ। अब वह लड़कों के साथ अभ्यास करते हुए उन्हें भी कड़ी चुनौती दे रही हैं।
अनुरीत के बॉक्सिंग शुरू करने पर लोगों ने सवाल भी उठाए। उन्हें कहा गया कि लड़कियों को बॉक्सिंग करने की क्या जरूरत है, शादी करो और घर बसाओ। इन तमाम बातों के बावजूद उन्होंने अपना रास्ता नहीं बदला। अनुरीत ने लोगों की बातों का जवाब रिंग में अपनी मेहनत से देने का फैसला किया और लगातार अभ्यास जारी रखा। बॉक्सिंग के इस सफर में सुविधाओं की कमी भी उनके सामने एक बड़ी चुनौती रही। डाइट से लेकर अच्छे कपड़ों और बॉक्सिंग ग्लव्स तक के लिए उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अभ्यास नहीं छोड़ा। उनका पूरा ध्यान अपने खेल को बेहतर करने और बॉक्सिंग में आगे बढ़ने पर रहा।
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बॉक्सिंग रिंग में लड़कों को देती हैं चुनौती
रिंग में लड़कों के साथ अभ्यास करना भी अनुरीत की तैयारी का अहम हिस्सा है। वह लगातार मुकाबलों और अभ्यास के जरिए अपने खेल को निखार रही हैं। चार साल के इस सफर में उन्होंने यह साबित कर दिया है कि सुविधाएं कम होने के बावजूद मेहनत और हौसले से आगे बढ़ा जा सकता है। कोच प्रवेश कुमार ने बताया कि अनुरीत बॉक्सिंग रिंग में लड़कों को कड़ी टक्कर देती हैं, और उनका ज्यादातर अभ्यास लड़कों के साथ ही होता है।
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लोग बोले- बॉक्सिंग छोड़ो, शादी करो
अनुरीत को बॉक्सिंग करने के कारण कई बार लोगों के ताने सुनने पड़े। उनसे कहा जाता था कि लड़कियों को बॉक्सिंग करने की क्या जरूरत है, शादी कर घर बसाओ। हालांकि, अनुरीत ने इन बातों को हमेशा नजरअंदाज किया और रिंग में अपनी मेहनत जारी रखी। अब उनका मुख्य लक्ष्य बॉक्सिंग में अपनी पहचान को और अधिक मजबूत करना है।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दिखाएंगी दम
अनुरीत वर्तमान समय में झांसी में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की तैयारियों में पूरी तरह जुटी हुई हैं। उन्होंने इस प्रतियोगिता के लिए अपने अभ्यास के समय में दो घंटे का इजाफा भी किया है, ताकि वे राज्य स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर सकें।
नुरीत मेहनती खिलाड़ी हैं। सुविधाओं की कमी के बावजूद वह नियमित रूप से अभ्यास करती हैं और लड़कों के साथ भी पूरे आत्मविश्वास से रिंग में उतरती हैं। लेकिन पैसों की कमी के कारण कई बार वह पीछे रह जाती हैं। -प्रवेश कुमार, कोच