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केएमपी एक्सप्रेसवे हादसा:- कंटेनर के बिखरे सामान व डंपर से बिखरी रोड़ी को जान जोखिम में डालकर ले गए लोग
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-कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर घने कोहरे के बीच हुआ था भीषण हादसा
-एक्सप्रेस वे की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। उपमंडल के मोहम्मदपुर अहीर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर घने कोहरे के बीच हुए भीषण हादसे का असर अब भी बरकरार है। इस हादसे में दो लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी और अमेज़न कंपनी का करोड़ों रुपये का सामान आग की भेंट चढ़ गया था। लेकिन हादसे के बाद घटनास्थल पर बिखरे बचे हुए सामान और डंपर से गिरे रोड़ी-क्रशर की लूट ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
स्थानीय निवासियों ने हादसे के तुरंत बाद ही घटनास्थल पर पहुंचकर अमेज़न के जले पैकेज्ड सामान, इलेक्ट्रॉनिक आइटम और अन्य सामग्रियों को उठाना शुरू कर दिया। कई लोग इसे अपने साथ ले गए, जबकि कुछ ने ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए बड़े पैमाने पर रोड़ी और क्रशर का माल भरकर ले जाने की कोशिश की। सोमवार को भी एक्सप्रेसवे के बीच डिवाइडर पर ट्रैक्टर खड़ा करके रोड़ी भरते हुए लोगों को देखा गया, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच बड़ा हादसा होने का खतरा पैदा हो गया था। जैसे ही यह मामला केएमपी ट्रैफिक थाना प्रभारी कृष्ण कुमार के संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घटनास्थल पर निगरानी शुरू कर दी है।
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एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह टूटी हुई हैं रेलिंग
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तावडू सीमा क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा अपनी सुविधा के लिए बनाए गए अवैध कटों की संख्या काफी अधिक है। एक्सप्रेसवे की दोनों तरफ लगी रेलिंग जगह-जगह टूटी हुई है, जो तेज रफ्तार वाहनों के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है। इसके अलावा, लंबे समय से यहां लाइटिंग व्यवस्था पूरी तरह खराब पड़ी है, जिसकी वजह से रात के समय और घने कोहरे में दृश्यता लगभग शून्य हो जाती है। रोड सेफ्टी एजेंसी की ओर से इस सेक्शन में केवल हल्के वाहनों को उठाने वाली एक हाइड्रा उपलब्ध है, जबकि भारी वाहनों के लिए निजी हाइड्रा की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में आपात स्थिति में काफी देरी हो जाती है।
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मरम्मत का काम चल रहा : बेनीवाल
एचएसआईआईडीसी के अधिकारी प्रवीण बेनीवाल ने बताया कि टूटी हुई रेलिंग की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है और अवैध कटों को स्थायी रूप से बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार टोल प्लाजा के आधार पर एक हाइड्रा हमेशा तैनात रहती है और जरूरत पड़ने पर निजी हाइड्रा को तुरंत बुलाया जाता है। अधिकारी ने आश्वासन दिया कि एक्सप्रेसवे की समग्र सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जल्द ही व्यापक कदम उठाए जाएंगे।
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-एक्सप्रेस वे की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। उपमंडल के मोहम्मदपुर अहीर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर घने कोहरे के बीच हुए भीषण हादसे का असर अब भी बरकरार है। इस हादसे में दो लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी और अमेज़न कंपनी का करोड़ों रुपये का सामान आग की भेंट चढ़ गया था। लेकिन हादसे के बाद घटनास्थल पर बिखरे बचे हुए सामान और डंपर से गिरे रोड़ी-क्रशर की लूट ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
स्थानीय निवासियों ने हादसे के तुरंत बाद ही घटनास्थल पर पहुंचकर अमेज़न के जले पैकेज्ड सामान, इलेक्ट्रॉनिक आइटम और अन्य सामग्रियों को उठाना शुरू कर दिया। कई लोग इसे अपने साथ ले गए, जबकि कुछ ने ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए बड़े पैमाने पर रोड़ी और क्रशर का माल भरकर ले जाने की कोशिश की। सोमवार को भी एक्सप्रेसवे के बीच डिवाइडर पर ट्रैक्टर खड़ा करके रोड़ी भरते हुए लोगों को देखा गया, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच बड़ा हादसा होने का खतरा पैदा हो गया था। जैसे ही यह मामला केएमपी ट्रैफिक थाना प्रभारी कृष्ण कुमार के संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घटनास्थल पर निगरानी शुरू कर दी है।
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एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह टूटी हुई हैं रेलिंग
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तावडू सीमा क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा अपनी सुविधा के लिए बनाए गए अवैध कटों की संख्या काफी अधिक है। एक्सप्रेसवे की दोनों तरफ लगी रेलिंग जगह-जगह टूटी हुई है, जो तेज रफ्तार वाहनों के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है। इसके अलावा, लंबे समय से यहां लाइटिंग व्यवस्था पूरी तरह खराब पड़ी है, जिसकी वजह से रात के समय और घने कोहरे में दृश्यता लगभग शून्य हो जाती है। रोड सेफ्टी एजेंसी की ओर से इस सेक्शन में केवल हल्के वाहनों को उठाने वाली एक हाइड्रा उपलब्ध है, जबकि भारी वाहनों के लिए निजी हाइड्रा की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में आपात स्थिति में काफी देरी हो जाती है।
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मरम्मत का काम चल रहा : बेनीवाल
एचएसआईआईडीसी के अधिकारी प्रवीण बेनीवाल ने बताया कि टूटी हुई रेलिंग की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है और अवैध कटों को स्थायी रूप से बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार टोल प्लाजा के आधार पर एक हाइड्रा हमेशा तैनात रहती है और जरूरत पड़ने पर निजी हाइड्रा को तुरंत बुलाया जाता है। अधिकारी ने आश्वासन दिया कि एक्सप्रेसवे की समग्र सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जल्द ही व्यापक कदम उठाए जाएंगे।