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Noida News: धुएं से जिंदगी की ओर लौट रहे लोग, लत छुड़ाने वाले ढाई गुना बढ़े
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-तंबाकू नियंत्रण अभियान लाया रंग, तीन साल में तंबाकू पीड़ितों की काउंसलिंग और चालान में भारी इजाफा
-तंबाकू नियंत्रण को लेकर जागरूकता, काउंसलिंग और कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई में बढ़ोतरी
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में तंबाकू के दुष्प्रभावों के खिलाफ चलाए जा रहे जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी वर्ष 2023 से 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में तंबाकू नियंत्रण को लेकर जागरूकता, काउंसलिंग और कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई में तेजी आई है। इसके अलावा, तीन वर्षों में तंबाकू उन्मूलन केंद्र में मदद लेने वाले लोगों की संख्या ढाई गुना से अधिक बढ़ी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, जिला तंबाकू उन्मूलन केंद्र में मदद और परामर्श लेने वाले तंबाकू पीड़ितों की संख्या वर्ष 2023 में 1,558 थी। वर्ष 2024 में यह बढ़कर 1,892 हो गई। वहीं, वर्ष 2025 में जागरूकता का असर सबसे अधिक देखने को मिला और यह आंकड़ा दोगुने से अधिक बढ़कर 4,045 पहुंच गया।
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए बनाए गए कोटपा एक्ट, 2003 के तहत स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। वर्ष 2023 में नियमों के उल्लंघन पर कुल 279 चालान किए गए। वर्ष 2024 में 586 लोगों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई, जबकि वर्ष 2025 में अभियान जारी रखते हुए 546 लोगों के खिलाफ चालान किए गए।
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जागरूकता शिविर और स्कूल स्तर पर विशेष जोर
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2023 में कुल 386 जागरूकता शिविर आयोजित किए गए थे। वर्ष 2024 में 2,883 शिविर लगाए गए, जबकि वर्ष 2025 में 2,026 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके साथ ही युवा पीढ़ी को नशे की लत से दूर रखने के लिए विद्यालयों में भी विशेष अभियान चलाए गए। वर्ष 2023 में 212, वर्ष 2024 में 552 और वर्ष 2025 में 362 विद्यालय स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए।
13 केंद्रों पर छुड़ाई जा रही तंबाकू की लत
जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की अधिकारी डॉ. श्वेता खुराना ने बताया कि जिले के करीब 13 अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में तंबाकू उन्मूलन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। यहां तंबाकू की लत छोड़ने के इच्छुक लोग काउंसलिंग के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा, जागरूकता शिविरों के दौरान भी कुछ लोग सामने आते हैं, जिनकी काउंसलिंग की जाती है।
डॉ. श्वेता खुराना ने बताया कि 143 शिक्षण संस्थानों को नशामुक्त बनाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इन संस्थानों को अपनी कमेटी गठित कर शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। अब तक 40 शिक्षण संस्थानों की ओर से शपथ पत्र प्रस्तुत किया जा चुका है कि उनके संस्थान पूरी तरह नशामुक्त हो चुके हैं।
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तीन वर्षों में तंबाकू उन्मूलन केंद्र पहुंचने वाले लोगों की संख्या
2023: 1,558 लोगों ने केंद्र से संपर्क किया।
2024: यह संख्या बढ़कर 1,892 हो गई।
2025: जागरूकता के असर से यह आंकड़ा दोगुने से अधिक बढ़कर 4,045 पहुंच गया।
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-तंबाकू नियंत्रण को लेकर जागरूकता, काउंसलिंग और कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई में बढ़ोतरी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में तंबाकू के दुष्प्रभावों के खिलाफ चलाए जा रहे जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी वर्ष 2023 से 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में तंबाकू नियंत्रण को लेकर जागरूकता, काउंसलिंग और कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई में तेजी आई है। इसके अलावा, तीन वर्षों में तंबाकू उन्मूलन केंद्र में मदद लेने वाले लोगों की संख्या ढाई गुना से अधिक बढ़ी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, जिला तंबाकू उन्मूलन केंद्र में मदद और परामर्श लेने वाले तंबाकू पीड़ितों की संख्या वर्ष 2023 में 1,558 थी। वर्ष 2024 में यह बढ़कर 1,892 हो गई। वहीं, वर्ष 2025 में जागरूकता का असर सबसे अधिक देखने को मिला और यह आंकड़ा दोगुने से अधिक बढ़कर 4,045 पहुंच गया।
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सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए बनाए गए कोटपा एक्ट, 2003 के तहत स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। वर्ष 2023 में नियमों के उल्लंघन पर कुल 279 चालान किए गए। वर्ष 2024 में 586 लोगों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई, जबकि वर्ष 2025 में अभियान जारी रखते हुए 546 लोगों के खिलाफ चालान किए गए।
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जागरूकता शिविर और स्कूल स्तर पर विशेष जोर
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2023 में कुल 386 जागरूकता शिविर आयोजित किए गए थे। वर्ष 2024 में 2,883 शिविर लगाए गए, जबकि वर्ष 2025 में 2,026 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके साथ ही युवा पीढ़ी को नशे की लत से दूर रखने के लिए विद्यालयों में भी विशेष अभियान चलाए गए। वर्ष 2023 में 212, वर्ष 2024 में 552 और वर्ष 2025 में 362 विद्यालय स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए।
13 केंद्रों पर छुड़ाई जा रही तंबाकू की लत
जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की अधिकारी डॉ. श्वेता खुराना ने बताया कि जिले के करीब 13 अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में तंबाकू उन्मूलन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। यहां तंबाकू की लत छोड़ने के इच्छुक लोग काउंसलिंग के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा, जागरूकता शिविरों के दौरान भी कुछ लोग सामने आते हैं, जिनकी काउंसलिंग की जाती है।
डॉ. श्वेता खुराना ने बताया कि 143 शिक्षण संस्थानों को नशामुक्त बनाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इन संस्थानों को अपनी कमेटी गठित कर शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। अब तक 40 शिक्षण संस्थानों की ओर से शपथ पत्र प्रस्तुत किया जा चुका है कि उनके संस्थान पूरी तरह नशामुक्त हो चुके हैं।
तीन वर्षों में तंबाकू उन्मूलन केंद्र पहुंचने वाले लोगों की संख्या
2023: 1,558 लोगों ने केंद्र से संपर्क किया।
2024: यह संख्या बढ़कर 1,892 हो गई।
2025: जागरूकता के असर से यह आंकड़ा दोगुने से अधिक बढ़कर 4,045 पहुंच गया।