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गेहूं की फसल का भुगतान एक माह से अटका, किसान परेशान
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पुन्हाना/ फिरोजपुर झिरका। प्रदेश सरकार भले ही किसानों को 72 घंटे में गेहूं की खरीद का भुगतान करने का दावा कर रही हो, लेकिन खरीद एजेंसियों की लापरवाही और मनमानी के कारण सरकार के दावे फेल हो गए हैं। हालात ये हैं कि 72 घंटे तो दूर कुछ किसान तो एक माह से गेहूं के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। कोरोना महामारी के दौर में किसान मार्केट कमेटी, आढ़तियों और खरीद एजेंसियों के कर्मचारियों-अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन, संबंधित खरीद एजेंसियों के कान पर जूं नहीं रेंग रही है। इससे किसानों में सरकार के प्रति भारी आक्रोश है।
किसानों का आरोप है कि एक तरफ तो सरकार 72 घंटे में गेहूं की खरीद का भुगतान करने का दावा करती थी, लेकिन करीब एक माह के अंदर भी भुगतान नहीं हुआ है। किसानों का कहना है कि ऑनलाइन देखने पर उनका खाता भी सत्यापित है। इसके बावजूद खाते में पैसे नहीं डाले जा रहे हैं।
इंडरी गांव निवासी किसान रविंद्र पुत्र गिर्राज सिंह का कहना है कि उन्होंने 6 अप्रैल को अनाज मंडी नूंह में गेहूं बेचा था। इसका गेट पास नंबर 31702 है, लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया गया है। वहीं, जोगिंदर पुत्र रघुवीर ने बताया कि उन्होंने 7 अप्रैल को गेहूं बेचा था। इसका गेट पास नंबर 39885 है। गोपाल निवासी गांगोली, देशराज, जोशी, नरेश , सतीश सहित सैकड़ों किसानों का आरोप है कि उन्हें मंडी में गेहूं बेचे हुए 15 दिन से लगभग एक माह हो गया है, लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया गया। महामारी के दौर में मजबूरन रोजाना चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सरकार से मांग है कि उनकी समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। ताकि उनकी परेशानियां कम हो सकें।
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किसानों का आरोप है कि एक तरफ तो सरकार 72 घंटे में गेहूं की खरीद का भुगतान करने का दावा करती थी, लेकिन करीब एक माह के अंदर भी भुगतान नहीं हुआ है। किसानों का कहना है कि ऑनलाइन देखने पर उनका खाता भी सत्यापित है। इसके बावजूद खाते में पैसे नहीं डाले जा रहे हैं।
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इंडरी गांव निवासी किसान रविंद्र पुत्र गिर्राज सिंह का कहना है कि उन्होंने 6 अप्रैल को अनाज मंडी नूंह में गेहूं बेचा था। इसका गेट पास नंबर 31702 है, लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया गया है। वहीं, जोगिंदर पुत्र रघुवीर ने बताया कि उन्होंने 7 अप्रैल को गेहूं बेचा था। इसका गेट पास नंबर 39885 है। गोपाल निवासी गांगोली, देशराज, जोशी, नरेश , सतीश सहित सैकड़ों किसानों का आरोप है कि उन्हें मंडी में गेहूं बेचे हुए 15 दिन से लगभग एक माह हो गया है, लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया गया। महामारी के दौर में मजबूरन रोजाना चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सरकार से मांग है कि उनकी समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। ताकि उनकी परेशानियां कम हो सकें।
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