{"_id":"5f037e978ebc3e431171a46d","slug":"parking-rent-not-allowed-in-65-places-noida-news-noi521721833","type":"story","status":"publish","title_hn":"पार्किंग में वाहन खड़ा करें तो शुल्क देने की कोई जरूरत नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पार्किंग में वाहन खड़ा करें तो शुल्क देने की कोई जरूरत नहीं
विज्ञापन
लोजिक्स मॉल के पास पार्किंग शुल्क वसूलते करिंदे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पार्किंग में वाहन खड़ा करें तो शुल्क देने की कोई जरूरत नहीं
नोएडा। आपके दफ्तर के बाहर, बाजार या अन्य जगह वाहन खड़ा करने की एवज में कोई पार्किंग की पर्ची काटे तो शुल्क देने की जरूरत नहीं है। दरअसल, लॉकडाउन अवधि के दौरान पार्किंग शुल्क वसूलने वाली एजेंसियों ने प्राधिकरण को लाइसेंस फीस का भुगतान नहीं किया है। इस वजह से फिलहाल शुल्क वसूली पर रोक लगा दी गई है। नोएडा में 4 क्लस्टर के तहत 65 स्थानों पर सरफेस पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा था। कई जगह अवैध तरीके से वसूली की शिकायतें भी प्राधिकरण को मिल रही हैं।
नोएडा प्राधिकरण ने साल 2018 में क्लस्टर पार्किंग योजना की शुरुआत की थी। पार्किंग शुल्क वसूली की समयसीमा जुलाई में खत्म होने जा रही है, लेकिन प्राधिकरण ने लॉकडाउन की वजह से पार्किंग एजेंसियों को तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया है। इन एजेंसियों ने प्राधिकरण को पत्र लिखकर फिलहाल पार्किंग चला पाने में असमर्थता जाहिर की है। सूत्रों के अनुसार, 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा हर महीने बतौर लाइसेंस फीस इन एजेंसियों से प्राधिकरण को मिल रही थी। लॉकडाउन के दौरान में काम नहीं चला और प्राधिकरण का करीब 6 करोड़ रुपया इन एजेंसियों पर चढ़ गया। प्राधिकरण एजेंसियों को तीन माह का अतिरिक्त समय देने को तैयार है। एजेंसियों ने हर महीने तय लाइसेंस फीस की जगह आमदनी का कुछ प्रतिशत प्राधिकरण को देने की शर्त रखी है। 8 जुलाई को प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी पार्किंग स्थलों का मौका मुआयना कर सीईओ को रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। बहरहाल, इस दौरान पार्किंग शुल्क वसूली पर पूरी तरह रोक लगी है। इसके बाद भी सेक्टर-60 और 63 सहित कई जगहों पर चोरी-छिपे शुल्क वसूली की शिकायतें मिल रही हैं।
6 सड़कों पर पहले ही खत्म हो चुकी है पार्किंग
शहर की छह सड़कों पर सरफेस पार्किंग पहले ही खत्म हो चुकी है। सेक्टर-1 व 6 के डिवाइडिंग रोड, सेक्टर-1 की अंदरूनी सड़क, सेक्टर-3 अंदरूनी मार्ग और सर्विस रोड, सेक्टर-3 व 4 की डिवाइडिंग रोड और सेक्टर-16ए फिल्म सिटी में एक अप्रैल से सरफेस पार्किंग खत्म करने के नोटिस दिए गए थे। हालांकि, शुल्क वसूली बंद होने के बाद भी सड़कों पर जाम का सिलसिला बरकरार है।
विज्ञापन
नहीं मिल रहा करोड़ों की योजना का फायदा
सेक्टर-5 हरौला भूमिगत व सेक्टर-38ए (बॉटेनिक गार्डन) मल्टीलेवल पार्किंग बनकर तैयार हो चुकी हैं, लेकिन इनके लोकार्पण के बाद भी जनता को अरबों रुपये की इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पार्किंग संचालन के लिए कोई एजेंसी प्राधिकरण को नहीं मिली है। वहीं, सेक्टर-16ए फिल्म सिटी पार्किंग में तो निर्माण कार्य पूरा ही नहीं हो पाया है।
मेट्रो की पार्किंग खाली कराने को लिखा पत्र
सेक्टर-38ए में 7 हजार चौपहिया वाहनों के लिए 580 करोड़ रुपये खर्च कर मल्टीलेवल कार पार्किंग बनाई गई। योजना को सफल बनाने के लिए दिल्ली मेट्रो के बॉटेनिकल गार्डन स्टेशन की पार्किंग को खत्म करने के लिए प्राधिकरण वर्क सर्किल ने डीएमआरसी को पत्र लिखा है। हालांकि, फिलहाल इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।
खर्च निकालने के लिए वसूल रहे शुल्क
लॉजिक्स मॉल के पास पार्किंग में वाहनों की भीड़ थी। यहां वाहन खड़ा कराए जाने के एवज में पार्किंग शुल्क वसूल रहे ठेकेदार के कारिंदों ने बताया कि खर्च निकालने के लिए पर्ची काटी जा रही है। इस संबंध में हमने प्राधिकरण को भी जानकारी दी हुई है।
विज्ञापन
नोएडा। आपके दफ्तर के बाहर, बाजार या अन्य जगह वाहन खड़ा करने की एवज में कोई पार्किंग की पर्ची काटे तो शुल्क देने की जरूरत नहीं है। दरअसल, लॉकडाउन अवधि के दौरान पार्किंग शुल्क वसूलने वाली एजेंसियों ने प्राधिकरण को लाइसेंस फीस का भुगतान नहीं किया है। इस वजह से फिलहाल शुल्क वसूली पर रोक लगा दी गई है। नोएडा में 4 क्लस्टर के तहत 65 स्थानों पर सरफेस पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा था। कई जगह अवैध तरीके से वसूली की शिकायतें भी प्राधिकरण को मिल रही हैं।
नोएडा प्राधिकरण ने साल 2018 में क्लस्टर पार्किंग योजना की शुरुआत की थी। पार्किंग शुल्क वसूली की समयसीमा जुलाई में खत्म होने जा रही है, लेकिन प्राधिकरण ने लॉकडाउन की वजह से पार्किंग एजेंसियों को तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया है। इन एजेंसियों ने प्राधिकरण को पत्र लिखकर फिलहाल पार्किंग चला पाने में असमर्थता जाहिर की है। सूत्रों के अनुसार, 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा हर महीने बतौर लाइसेंस फीस इन एजेंसियों से प्राधिकरण को मिल रही थी। लॉकडाउन के दौरान में काम नहीं चला और प्राधिकरण का करीब 6 करोड़ रुपया इन एजेंसियों पर चढ़ गया। प्राधिकरण एजेंसियों को तीन माह का अतिरिक्त समय देने को तैयार है। एजेंसियों ने हर महीने तय लाइसेंस फीस की जगह आमदनी का कुछ प्रतिशत प्राधिकरण को देने की शर्त रखी है। 8 जुलाई को प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी पार्किंग स्थलों का मौका मुआयना कर सीईओ को रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। बहरहाल, इस दौरान पार्किंग शुल्क वसूली पर पूरी तरह रोक लगी है। इसके बाद भी सेक्टर-60 और 63 सहित कई जगहों पर चोरी-छिपे शुल्क वसूली की शिकायतें मिल रही हैं।
विज्ञापन
6 सड़कों पर पहले ही खत्म हो चुकी है पार्किंग
शहर की छह सड़कों पर सरफेस पार्किंग पहले ही खत्म हो चुकी है। सेक्टर-1 व 6 के डिवाइडिंग रोड, सेक्टर-1 की अंदरूनी सड़क, सेक्टर-3 अंदरूनी मार्ग और सर्विस रोड, सेक्टर-3 व 4 की डिवाइडिंग रोड और सेक्टर-16ए फिल्म सिटी में एक अप्रैल से सरफेस पार्किंग खत्म करने के नोटिस दिए गए थे। हालांकि, शुल्क वसूली बंद होने के बाद भी सड़कों पर जाम का सिलसिला बरकरार है।
विज्ञापन
नहीं मिल रहा करोड़ों की योजना का फायदा
सेक्टर-5 हरौला भूमिगत व सेक्टर-38ए (बॉटेनिक गार्डन) मल्टीलेवल पार्किंग बनकर तैयार हो चुकी हैं, लेकिन इनके लोकार्पण के बाद भी जनता को अरबों रुपये की इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पार्किंग संचालन के लिए कोई एजेंसी प्राधिकरण को नहीं मिली है। वहीं, सेक्टर-16ए फिल्म सिटी पार्किंग में तो निर्माण कार्य पूरा ही नहीं हो पाया है।
मेट्रो की पार्किंग खाली कराने को लिखा पत्र
सेक्टर-38ए में 7 हजार चौपहिया वाहनों के लिए 580 करोड़ रुपये खर्च कर मल्टीलेवल कार पार्किंग बनाई गई। योजना को सफल बनाने के लिए दिल्ली मेट्रो के बॉटेनिकल गार्डन स्टेशन की पार्किंग को खत्म करने के लिए प्राधिकरण वर्क सर्किल ने डीएमआरसी को पत्र लिखा है। हालांकि, फिलहाल इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।
खर्च निकालने के लिए वसूल रहे शुल्क
लॉजिक्स मॉल के पास पार्किंग में वाहनों की भीड़ थी। यहां वाहन खड़ा कराए जाने के एवज में पार्किंग शुल्क वसूल रहे ठेकेदार के कारिंदों ने बताया कि खर्च निकालने के लिए पर्ची काटी जा रही है। इस संबंध में हमने प्राधिकरण को भी जानकारी दी हुई है।