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Noida News: नोएडा में पानीपत की टीम ने पकड़ा लिंग परीक्षण, जिले के स्वास्थ्य विभाग पर उठ रहे सवाल
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10 साल से चल रहा क्लिनिक, 25 हजार रुपये में हो रहा था लिंग परीक्षण
2017 में भी सेक्टर-128 असगरपुर गांव में ऐसे ही क्लिनिक को सील किया गया था।
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पानीपत के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सेक्टर-37 स्थित डॉ. राजश्री जसूजा क्लिनिक में छापा मारकर लिंग परीक्षण का खुलासा किया है। दावा है कि टीम ने डॉक्टर को रंगे हाथ पकड़ा। इस कार्रवाई में गर्भवती को भेजकर लिंग परीक्षण कराया गया। मौके से 25,000 रुपये भी बरामद हुए। पानीपत में चल रही जांच के दौरान इस क्लिनिक का नाम सामने आया था। इसके बाद टीम ने गौतमबुद्ध नगर के सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार को सूचना दी थी। उसके हरियाणा पुलिस के सहयोग से संयुक्त रूप से कार्रवाई हुई।
ऐसे रंगे हाथ पकड़ा
पानीपत की टीम गर्भवती महिला के साथ परिजन बन क्लिनिक पहुंची। लिंग परीक्षण के बारे में पूछा तो लिंग जांच की फीस 25,000 रुपये बताई गई। परीक्षण के बाद डॉक्टर ने रिपोर्ट भी बताई। पुष्टि होते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लिनिक में अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी और सभी रिकॉर्ड (रजिस्टर) जब्त कर लिए। आरोपी डॉक्टर से पूछताछ की जा रही है।डिप्टी सीएमओ डॉ. चंदन सोनी ने बताया कि कार्रवाई पानीपत की टीम के सहयोग से की गई।
कटघरे में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी
नोएडा लिंक परीक्षण का मामला पकड़े जाने के बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग की निगरानी सवालों के घेरे में आ गई है। जवाबदेही पर भी प्रश्न उठने लगे हैं। यह क्लिनिक 10 साल से चल रहा था। क्लिनिक में जांच कराने अधिकतर महिलाएं हरियाणा से आती थीं। स्वास्थ्य विभाग को कभी इसकी भनक तक नहीं लगी। विभाग का कहना है कि उनको पहले कभी कोई शिकायत नहीं मिली।
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पहले भी हरियाणा की टीम कर चुकी है कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है कि जब हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नोएडा में लिंग परीक्षण का खुलासा किया है। 2017 में भी सेक्टर-128 असगरपुर गांव में ऐसे ही क्लिनिक को सील किया गया था। डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया था। गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक अधिनियम के तहत भ्रूण लिंग परीक्षण पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके उल्लंघन पर सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान है। 2011 की जनगणना के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर का लिंगानुपात प्रदेश में सबसे कम है।
वर्ष लड़के लड़कियां
2023
7,854
7,246
2024
7,478
6,911
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2017 में भी सेक्टर-128 असगरपुर गांव में ऐसे ही क्लिनिक को सील किया गया था।
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पानीपत के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सेक्टर-37 स्थित डॉ. राजश्री जसूजा क्लिनिक में छापा मारकर लिंग परीक्षण का खुलासा किया है। दावा है कि टीम ने डॉक्टर को रंगे हाथ पकड़ा। इस कार्रवाई में गर्भवती को भेजकर लिंग परीक्षण कराया गया। मौके से 25,000 रुपये भी बरामद हुए। पानीपत में चल रही जांच के दौरान इस क्लिनिक का नाम सामने आया था। इसके बाद टीम ने गौतमबुद्ध नगर के सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार को सूचना दी थी। उसके हरियाणा पुलिस के सहयोग से संयुक्त रूप से कार्रवाई हुई।
ऐसे रंगे हाथ पकड़ा
पानीपत की टीम गर्भवती महिला के साथ परिजन बन क्लिनिक पहुंची। लिंग परीक्षण के बारे में पूछा तो लिंग जांच की फीस 25,000 रुपये बताई गई। परीक्षण के बाद डॉक्टर ने रिपोर्ट भी बताई। पुष्टि होते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लिनिक में अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी और सभी रिकॉर्ड (रजिस्टर) जब्त कर लिए। आरोपी डॉक्टर से पूछताछ की जा रही है।डिप्टी सीएमओ डॉ. चंदन सोनी ने बताया कि कार्रवाई पानीपत की टीम के सहयोग से की गई।
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कटघरे में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी
नोएडा लिंक परीक्षण का मामला पकड़े जाने के बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग की निगरानी सवालों के घेरे में आ गई है। जवाबदेही पर भी प्रश्न उठने लगे हैं। यह क्लिनिक 10 साल से चल रहा था। क्लिनिक में जांच कराने अधिकतर महिलाएं हरियाणा से आती थीं। स्वास्थ्य विभाग को कभी इसकी भनक तक नहीं लगी। विभाग का कहना है कि उनको पहले कभी कोई शिकायत नहीं मिली।
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पहले भी हरियाणा की टीम कर चुकी है कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है कि जब हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नोएडा में लिंग परीक्षण का खुलासा किया है। 2017 में भी सेक्टर-128 असगरपुर गांव में ऐसे ही क्लिनिक को सील किया गया था। डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया था। गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक अधिनियम के तहत भ्रूण लिंग परीक्षण पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके उल्लंघन पर सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान है। 2011 की जनगणना के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर का लिंगानुपात प्रदेश में सबसे कम है।
वर्ष लड़के लड़कियां
2023
7,854
7,246
2024
7,478
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