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कोरोना की भेंट चढ़ी पशु पैठ की खुली बोली
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फिरोजपुर झिरका। फिरोजपुर झिरका नगर पालिका के अधीनस्थ लगने वाली पशु पैठ की खुली बोली जिला अतिरिक्त उपायुक्त एवं डीएमसी सुभिता ढाका की देखरेख में लगाई गई। लेकिन कोरोना महामारी के चलते खुली बोली के लिए केवल एक ही ठेकेदार द्वारा धरोहर राशि 10 लाख रुपये जमा कराई गई। अन्य किसी ठेकेदार द्वारा बोली नहीं लगाने पर इसे 23 अप्रैल दोपहर 3 बजे तक स्थगित कर दिया गया है।
नगरपालिका सचिव ललित गोयल ने बताया कि गत वर्ष फिरोजपुर झिरका पशु पैठ की बोली लगभग ढाई करोड़ रुपये की छोड़ी गई थी। इस बार कोरोना के चलते कोई भी ठेकेदार हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। केवल एक ठेकेदार ने धरोहर राशि जमा कराई है। जिसके चलते कोरम पूरा नहीं हो पाया है। इसे देखते हुए अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. ढाका ने बोली को 23 अप्रैल तक स्थगित कर दिया है। फिरोजपुर झिरका नगरपालिका द्वारा करीब एक वर्ष के लिए पशु पैठ का ठेका छोड़ा जाता है। जिससे करोड़ों रुपये की राशि नगर पालिका को मिलती है। जिससे शहर में विकास कार्य आदि कराए जाते हैं। लेकिन गत वर्ष कोरोना की मार के चलते पशुओं का मेले में नहीं लगा। वर्तमान समय में भी कोरोना की स्थिति को देखते हुए ठेकेदार बोली लगाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। लोगों का कहना है कि हरियाणा से सटे राजस्थान के इलाकों में भी पशु पैठ का व्यापार होता है। इसीलिए राजस्थान के समाचार पत्रों में भी विज्ञापन जारी करने चाहिए। ताकि अधिक से अधिक लोग इस खुली बोली में भाग लेने के लिए आ सकें। इस मौके पर नगर पालिका प्रधान अशोक गुर्जर, नगरपालिका सचिव ललित गोयल, मनोनीत पार्षद महेंद्र कौशिक, नपा कर्मचारी गिर्राज आहूजा, प्रकाश चंद जैन आदि मौजूद रहे।
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नगरपालिका सचिव ललित गोयल ने बताया कि गत वर्ष फिरोजपुर झिरका पशु पैठ की बोली लगभग ढाई करोड़ रुपये की छोड़ी गई थी। इस बार कोरोना के चलते कोई भी ठेकेदार हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। केवल एक ठेकेदार ने धरोहर राशि जमा कराई है। जिसके चलते कोरम पूरा नहीं हो पाया है। इसे देखते हुए अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. ढाका ने बोली को 23 अप्रैल तक स्थगित कर दिया है। फिरोजपुर झिरका नगरपालिका द्वारा करीब एक वर्ष के लिए पशु पैठ का ठेका छोड़ा जाता है। जिससे करोड़ों रुपये की राशि नगर पालिका को मिलती है। जिससे शहर में विकास कार्य आदि कराए जाते हैं। लेकिन गत वर्ष कोरोना की मार के चलते पशुओं का मेले में नहीं लगा। वर्तमान समय में भी कोरोना की स्थिति को देखते हुए ठेकेदार बोली लगाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। लोगों का कहना है कि हरियाणा से सटे राजस्थान के इलाकों में भी पशु पैठ का व्यापार होता है। इसीलिए राजस्थान के समाचार पत्रों में भी विज्ञापन जारी करने चाहिए। ताकि अधिक से अधिक लोग इस खुली बोली में भाग लेने के लिए आ सकें। इस मौके पर नगर पालिका प्रधान अशोक गुर्जर, नगरपालिका सचिव ललित गोयल, मनोनीत पार्षद महेंद्र कौशिक, नपा कर्मचारी गिर्राज आहूजा, प्रकाश चंद जैन आदि मौजूद रहे।
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