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यीडा के 32 हजार बकायेदार आवंटियों को एकमुश्त योजना की सौगात
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ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण की मंगलवार को आयोजित 71वीं बोर्ड बैठक में बकायेदार आवंटियों को एकमुश्त जमा (ओटीएस) योजना और ग्रामीणों को स्वामित्व योजना की सौगात दी गई है। आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत औद्योगिक, मिश्रित भूमि और 7 फीसदी आबादी के भूखंडों के बकायेदार ओटीएस योजना का लाभ उठा पाएंगे। योजना 1 अक्तूबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगी। योजना से 32 हजार आवंटियों को राहत मिलेगी। इन आवंटियों को अब पेनाल्टी से पुन: निर्धारित अवधि में बकाया जमा करने पर छूट मिल जाएगी। लंबे समय से बकायेदार इस छूट का इंतजार कर रहे थे, लेकिन योजना का लाभ डेवलपर, बिल्डर्स, ग्रुप हाउसिंग व टाउनशिप के आवंटियों को नहीं मिलेगा।
ओटीएस योजना के अंतर्गत बकायेदार आवंटियों (आवंटन धनराशि जमा होने के उपरांत) से साधारण ब्याज जो संपत्ति आवंटन के समय किस्तों के निर्धारण पर लागू ब्याज दर एवं समय-समय पर प्राधिकरण में लागू ब्याज दर के बराबर होगा लिया जाएगा। केवल आवंटियों के प्रीमियम की किस्तों के सापेक्ष बकाये के ब्याज पर छूट मिलेगी। 50 लाख तक की बकाया धनराशि के मामलों में देय धनराशि का एक तिहाई भाग, मांग-पत्र जारी होने की तिथि से 30 दिन में और अवशेष का दो तिहाई भाग तीन मासिक किस्तों में 8.50 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से जमा करना होगा, 50 लाख से अधिक की देयता के प्रकरणों में कुल अति देय धनराशि का एक तिहाई भाग, मांग-पत्र जारी होने की तिथि से 30 दिन में और अवशेष दो तिहाई भाग, 3 द्विमासिक किस्तों में 8.50 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से जमा करना होगा।
ओटीएस के लिए करना होगा ऑनलाइन आवेदन
अधिकारियों का कहना है कि ओटीएस योजना के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मिलेगी। आवेदन यमुना प्राधिकरण की वेबसाइट www.yamunaexpresswayauthority.com पर करना होगा।
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विवादों पर अंकुश लगेगा, आसानी से मिलेगा ऋण
बोर्ड बैठक में नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर उनके स्वामित्व संबंधी अभिलेख तैयार करने के लिए स्वामित्व योजना लागू की गई है। भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय और आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद के आदेश पर यह योजना लागू की गई है। ग्रामीण आबादी संबंधित समस्त अभिलेख (यथा खसरा, खतौनी, शजरा आदि) जिला प्रशासन के अधीन रहते हैं और निवास स्थान को प्रमाणित करने का सर्वाधिकार संबंधित उपजिलाधिकारी में निहित होता है। ग्राम की आबादी का कोई स्वामित्व नहीं रहता है जिससे आबादी भूमि पर कानून-व्यवस्था से संबंधित छोटे-बड़े विवादों पर अंकुश लगेगा। इससे गांव की एकता प्रभावित होती है। स्वामित्व निर्धारण होने के बाद किसी भी सरकारी अथवा गैर सरकारी संस्था से ऋण प्राप्त करने में आसानी होगी। न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत जमानत आदि में इनका इस्तेमाल करने में आसानी होगी। यीडा क्षेत्र के गांव में किसी भी योजना व परियोजना को लागू करने में आसानी होगी।
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ओटीएस योजना के अंतर्गत बकायेदार आवंटियों (आवंटन धनराशि जमा होने के उपरांत) से साधारण ब्याज जो संपत्ति आवंटन के समय किस्तों के निर्धारण पर लागू ब्याज दर एवं समय-समय पर प्राधिकरण में लागू ब्याज दर के बराबर होगा लिया जाएगा। केवल आवंटियों के प्रीमियम की किस्तों के सापेक्ष बकाये के ब्याज पर छूट मिलेगी। 50 लाख तक की बकाया धनराशि के मामलों में देय धनराशि का एक तिहाई भाग, मांग-पत्र जारी होने की तिथि से 30 दिन में और अवशेष का दो तिहाई भाग तीन मासिक किस्तों में 8.50 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से जमा करना होगा, 50 लाख से अधिक की देयता के प्रकरणों में कुल अति देय धनराशि का एक तिहाई भाग, मांग-पत्र जारी होने की तिथि से 30 दिन में और अवशेष दो तिहाई भाग, 3 द्विमासिक किस्तों में 8.50 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से जमा करना होगा।
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ओटीएस के लिए करना होगा ऑनलाइन आवेदन
अधिकारियों का कहना है कि ओटीएस योजना के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मिलेगी। आवेदन यमुना प्राधिकरण की वेबसाइट www.yamunaexpresswayauthority.com पर करना होगा।
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विवादों पर अंकुश लगेगा, आसानी से मिलेगा ऋण
बोर्ड बैठक में नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर उनके स्वामित्व संबंधी अभिलेख तैयार करने के लिए स्वामित्व योजना लागू की गई है। भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय और आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद के आदेश पर यह योजना लागू की गई है। ग्रामीण आबादी संबंधित समस्त अभिलेख (यथा खसरा, खतौनी, शजरा आदि) जिला प्रशासन के अधीन रहते हैं और निवास स्थान को प्रमाणित करने का सर्वाधिकार संबंधित उपजिलाधिकारी में निहित होता है। ग्राम की आबादी का कोई स्वामित्व नहीं रहता है जिससे आबादी भूमि पर कानून-व्यवस्था से संबंधित छोटे-बड़े विवादों पर अंकुश लगेगा। इससे गांव की एकता प्रभावित होती है। स्वामित्व निर्धारण होने के बाद किसी भी सरकारी अथवा गैर सरकारी संस्था से ऋण प्राप्त करने में आसानी होगी। न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत जमानत आदि में इनका इस्तेमाल करने में आसानी होगी। यीडा क्षेत्र के गांव में किसी भी योजना व परियोजना को लागू करने में आसानी होगी।