फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Nurses delivered the woman suffering from labor pain at Pari Chowk.

Noida News: प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला की नर्सों ने परीचौक पर करवाई डिलीवरी

Wed, 28 Feb 2024 03:40 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 28 Feb 2024 03:40 AM IST
विज्ञापन
Nurses delivered the woman suffering from labor pain at Pari Chowk.
प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला की नर्सों ने परीचौक पर करवाई डिलीवरी
विज्ञापन

-लेबर पेन होने पर पीड़ित महिला को पति लेकर जा रहा था अस्पताल
-ड्यूटी जा रही दो नर्सों ने मानवता का धर्म निभा जच्चा-बच्चा को बचाया

संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। परीचौक पर प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला के लिए शारदा अस्पताल की दो नर्सें देवी के रूप में सामने आईं। मानवता का धर्म निभाते बिना समय गंवाए परीचौक पर ही सामान्य प्रसव कराया। जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं और उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। इस मानवीय कार्य के लिए अस्पताल प्रबंधन ने दोनों नर्सों को 5100- 5100 रुपये का पुरस्कार देने और महिला व बच्चे का नि:शुल्क इलाज करने की घोषणा की है।
नॉलेज पार्क स्थित शारदा अस्पताल की नर्स रेनू मंगलवार सुबह करीब 7 बजे कासना स्थित अपने घर से ड्यूटी जा रही थीं। परीचौक पर ऑटो से उतरीं तो रोशनी नाम की एक महिला सड़क पर प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी और उनके पति लोगों से अस्पताल पहुंचाने के लिए मदद की गुहार लगा रहे थे। यह देख नर्स रेनू ने मानवता का धर्म निभाते हुए अपने साथी नर्स ज्योति को फोन कर बुला लिया। इसके बाद बिना समय गंवाए दोनों नर्सों ने एक अन्य महिला की मदद से रोशनी को शॉल से कवर नॉर्मल डिलीवरी करवाई। इसके बाद एक नर्स ने बच्चे को अपनी जैकेट तो दूसरी ने अपना डॉक्टर कोट जच्चा को पहनाया और ऑटो से अस्पताल में भर्ती कराया। शारदा अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ़ रुचि श्रीवास्तव ने बताया कि डिलीवरी के बाद नर्स ने अस्पताल में फोन कर दिया था। महिला के अस्पताल पहुंचने पर तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया। बच्चे का वजन करीब 2.50 किग्रा है। महिला का यह दूसरा बच्चा है।
विज्ञापन

-------
बच्चा उलटी दिशा में बताकर ऑपरेशन से डिलीवरी करने की कही थी बात महिला का इलाज कासना स्थित एक अस्पताल में चल रहा था और दो दिन पहले डॉक्टरों ने गर्भस्थ शिशु के दूसरी दिशा में होने की बात कहते हुए ऑपरेशन से बच्चे होने की बात कही थी। मंगलवार सुबह लेबर पेन शुरू होने पर उसी अस्पताल में महिला का उसे लेकर जा रहा था। पति प्रशांत का कहना है कि मैं वहां सबसे मदद मांगता रहा था, लेकिन कोई आगे नहीं आया। नर्स रेनू और ज्योति ने जो किया है, इसका अहसान मैं कभी नहीं उतार सकता हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed