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Noida News: अब स्कूलों के कॉरपेट एरिया के आधार पर कक्षाओं की संख्या होगी तय

Thu, 31 Jul 2025 08:35 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jul 2025 08:35 PM IST
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Now the number of classes will be decided on the basis of carpet area
-स्कूल में जितना बड़ा एरिया होगा उतनी ही कक्षाएं चलाई जा सकेंगी
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-सीबीएसई ने अपने संबद्धता उपनियमों में हाल ही में किया संशोधन

-माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर समान सेक्शन की अनुमति
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-नया नियम मौजूदा और संबद्धता लेने वाले सभी स्कूलों पर लागू होगा

-जमीन कम होने के कारण स्कूलों को नई कक्षाएं शुरू करने में हो रही थी कठिनाई

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) से संबद्ध स्कूलों में अब कारपेट एरिया के आधार पर कक्षाओं की संख्या तय होगी। इस तरह से स्कूल का जितना बड़ा एरिया होगा, उतनी ही कक्षाएं चलाई जा सकेंगी। चार सौ वर्ग मीटर बिल्ट-अप कारपेट एरिया पर तीन सेक्शन चलाने की अनुमति होगी। सीबीएसई ने अपने संबद्धता उपनियमों में संशोधन किया है। यह नया नियम मौजूदा और नई संबद्धता लेने वाले सभी स्कूलों पर लागू होगा। दरअसल जमीन की उपलब्धता कम होने के कारण स्कूलों को नई कक्षाएं शुरू करने में कठिनाई हो रही थी।

सीबीएसई के नियमित कैटेगरी विदेशी स्कूलों को इन नियमों से छूट दी गई है। सीबीएसई सचिव हिमांशु गुप्ता की ओर से इस संबंध में सभी स्कूल संचालकों के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार किसी स्कूल में अधिकतम सेक्शन की संख्या स्कूल भवन के कुल निर्मित क्षेत्रफल के आधार पर निर्धारित की जाएगी। बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया है कि स्कूलों को माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर समान संख्या में सेक्शनों की अनुमति दी जाएगी। सीबीएसई को स्कूलों और हितधारकों से लगातार फीडबैक मिल रहा था कि कुछ क्षेत्रों में भूमि की उपलब्धता की भारी कमी है। इस कारण कई बार स्कूलों को नए दाखिले की होने पर भी सीमा से अधिक अतिरिक्त सेक्शन बढ़ाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। स्कूलों को नए दाखिले के दबाव के कारण 1:40 के सेक्शन(छात्र अनुपात) को पूरा करना भी मुश्किल लगता है। लेकिन भूमि मानदंड के अनुसार वे अतिरिक्त सेक्शन जोड़ नहीं पाते हैं।
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ऐसे में बोर्ड ने निर्णय लिया है कि किसी स्कूल में अधिकतम सेक्शनों की संख्या स्कूल भवन के कुल निर्मित क्षेत्रफल के आधार पर तय होगी। स्कूल भवन के निर्मित क्षेत्रफल को स्थानीय निकाय या किसी लाइसेंस प्राप्त आर्किटेक्ट द्वारा प्रमाणित किया जाना चाहिए।
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सीबीएसई के यह हैं नए मानक
कक्षा नौंवी-दसवीं और ग्यारहवीं-बारहवीं में सेक्शन संख्या स्कूल के कुल सेक्शन(बालवाटिका से दसवीं या बारहवीं तक) की अधिकतम एक चौथाई होगी। मसलन यदि किसी स्कूल में कुल 20 सेक्शन हैं तो नौवीं-दसवीं और ग्यारहवीं-बारहवीं के लिए मिलाकर सिर्फ पांच सेक्शन हो सकते हैं। इसके अलावा हर तीन अतिरिक्त सेक्शंस के लिए कम से कम 400 वर्ग मीटर का अतिरिक्त कार्पेट एरिया अनिवार्य होगा। स्कूल की ब्रांच एरिया का कारपेट एरिया 1000 वर्ग मीटर है तो बाल वाटिका से बारहवीं तक 8 सेक्शन चलाने की अनुमति होगी। यदि मिडिल और सेकेंडरी स्तर के स्कूल का एरिया 1400 वर्गमीटर है तो 13 सेक्शन, यदि 1800 वर्गमीटर है तो 15 सेक्शन चलाने की अनुमति होगी। इसके साथ ही बोर्ड ने कहा है कि हर स्कूल में 112 वर्ग मीटर का पुस्तकालय होना अनिवार्य है। छठी कक्षा से दसवीं तक के लिए विज्ञान, गणित और कंप्यूटर लैब जरूरी हैं। 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी लैब भी जरूरी हैं। संगीत, कला, खेल और अन्य गतिविधियों के लिए 216 वर्गमीटर का हॉल होना चाहिए या फिर चार अलग-अलग कमरे हों।

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रश्मि शर्मा
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