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Noida News: अब छात्र किसी भी कॉलेज में जाकर प्रयोगशाला, शोध, खेल मैदान का कर सकेंगे प्रयोग

Sat, 18 Mar 2023 07:24 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 18 Mar 2023 07:24 PM IST
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Now students will be able to go to any college and use laboratory, research, playground
I-राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत आईआईटी, विश्वविद्यालय और कॉलेजों को संसाधन साझा करने होंगेI
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I-शिक्षक अन्य कॉलेज के छात्रों की ऑनलाइन, वीडियो के माध्यम से पढ़ाई और ट्रेनिंग में करेंगे मददI
I-छात्र-छात्राओं को सुबह आठ से शाम पांच तक मिलेगी सुविधा, यूजीसी ने जारी किए हैं नए आदेश I
Iसीमा शर्माI
Iनई दिल्ली। IIजवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय और आईआईटी दिल्ली की तर्ज पर अब देश के किसी भी विश्वविद्यालय और कॉलेज के छात्र किसी भी अन्य काॅलेज की प्रयोगशाला, पुस्तकालय, शोध से लेकर खेल मैदान का प्रयोग कर सकेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने विश्वविद्यालय और कॉलेजों को दूसरे कॉलेजों के साथ संसाधन साझा करने की योजना तैयार की है। स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी के छात्र इस योजना के तहत सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक दूसरे कॉलेज की लाइब्रेरी में जाकर पढ़ाई, शोध से लेकर खेल सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। I
Iयूजीसी चेयरमैन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने बताया कि एक शहर या कस्बे के विश्वविद्यालय और कॉलेज आपसी सहमति से अपने आसपास के कॉलेजों के छात्रों को विज्ञान व कंप्यूटर की प्रयोगशाला, स्टेडियम, शोध, पुस्तकालय, ई-पुस्तकालय, सेमिनार भवन, साहित्यिक चोरी (एंटी-प्लाजिरिज़्म सॉफ़्टवेयर) जांचने का उपकरण, कक्षा भवन (क्लासरूम) समेत अन्य संसाधन का प्रयोग करने की अनुमति दे सकते हैं। इसके लिए यूजीसी ने राज्यों और विश्वविद्यालयों को केंद्रीय विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षण संस्थानों के संसाधनों का ज्यादा प्रयोग किए जाने को लेकर विशेष गाइडलाइन भी तैयार की है। इसके तहत विश्वविद्यालय या कॉलेज अन्य कॉलेजों के साथ समझौता करके एक-दूसरे के छात्रों को इन सुविधाओं का लाभ उठाने की अनमति दे सकते हैं। दरअसल,विश्वविद्यालय और कॉलेजों को संसाधनों और उनके रख-रखाव के लिए सारा पैसा यूजीसी की ओर से दिया जाता है। ऐसे में यदि उच्च शिक्षण संस्थान मिलकर इन संस्थानों का छात्रों को प्रयोग करने देंगे तो इसका सभी को फायदा होगा। I
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Iशिक्षण संस्थान दूसरे संस्थान की कर सकता है मदद I
Iएक शिक्षण संस्थान मेजबान (गेस्ट) बनकर दूसरे मेहमान (गेस्ट) संस्थान से अपने संसाधन साझा कर सकता है। इस तरह गेस्ट संस्थान के छात्रों को दूसरी यूनिवर्सिटी का पुस्तकालय में पढ़ने का मौका मिलेगा। शोध छात्र वहां की प्रयोगशालाओं में जाकर शोध कर सकेंगे। इसके अलावा ई-लर्निंग मटीरियल, कंप्यूटर प्रयोगशाला्, उपकरण, का भी प्रयोग कर सकेंगे। हालांकि इस योजना में दोनों उच्च शिक्षण संस्थानों की सहमति होनी जरूरी है। दोनों संस्थानों की संयुक्त कमेटी बनेगी, जोकि नियम, संसाधन,समय, फीस आदि तय करेगी। इसके लिए लिखित समझौता भी होगा। इसमें तय होगा कि कितने छात्र, कितने समय पर कौन-कौन से संसाधनों का प्रयोग कर सकते हैं।III
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Iस्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी छात्रों को लाभ:I
Iइस योजना का स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी तक के छात्रों को लाभ मिलेगा। प्रौद्योगिकी, कृषि, बायोसाइंस, साइंस, एप्लाइड साइंस, मैनेजमेंट आदि क्षेत्रों में छात्रों को फायदा होगा। छोटे शहरों के बड़े विश्वविद्यालय या संस्थान छोटे कॉलेजों को आगे बढ़ने में मदद करेंगे। दो संस्थानों के छात्रों को शोध में दो वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन मिलेगा। इससे शोध की गुणवत्ता में इजाफा होगा। अब एक ही विषय की बजाय अलग-अलग विषयों पर शोध होंगे, जिससे समाज और देश को फायदा तो पैसे की बर्बादी भी नहीं होगी।I

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Iसंसाधन के साथ शिक्षक भी सेवाएं देंगे:I
Iसंसाधनों के साथ-साथ शिक्षक भी अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में समझौते के तहत सेवाएं देंगे। इसमें एक संस्थान के शिक्षक ऑनलाइन, वीडियो, ई -लर्निंग या पढ़ाई के लिए सामग्री तैयार करके दे सकते हैं। इसके अलावा वे दूसरे संस्थान के शिक्षकों की गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए ट्रेनिंग आदि में भी मदद कर सकेंगे।I
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