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पुन्हाना नगर पालिका में एक साल से नहीं सचिव और एमई, अटके पड़े हैं काम
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पुन्हाना स्थित नगरपालिका कार्यालय
- फोटो : Mewat
पुन्हाना नगरपालिका में एक साल से नहीं सचिव और एमई, अटके पड़े हैं काम,
पुन्हाना। पुन्हाना नगरपालिका में करीब एक साल से सचिव और एमई के पद रिक्त होने से कार्य ठप हो गए है। इस कारण पुन्हानावासियों को पालिका से संबंधित कार्यों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र आदि बनवाने वाले लोगों को स्टॉफ न होने की बात कहकर टरका दिया जाता है। वहीं, गरीब लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली राशि भी अटकी हुई है। सरकारी तौर पर लोगों की मिलने वाली सुविधाओं और विकास कार्य पर पालिका में बैन सा लग गया है। इस वजह से सैकड़ों लोग परेशान है।
समीम का कहना है कि करीब एक साल पहले उसेे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए ढाई लाख रुपये मंजूर हुए थे। अपना टूटा-फूटा घर भी तुड़वा दिया। पालिका में अधिकारी न होने की वजह से उनके पैसे निकल नहीं पा रहे हैं। मकान टूटने की वजह से वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। दल्लाबस निवासी मुबारिक उर्फ मुकबर, फौज खान, उस्मान आदि ने बताया की नगरपालिका में कर्मचारी न होने से कार्यों के अलावा सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह से ठप हो गई है।
विभाग से मांगें हैं स्थायी कर्मचारी और अधिकारी
नगरपालिका की चेयरमैन रुबीना का कहना है कि करीब सात महीने पहले गबन के मामले में सचिव, एमई व जेई सस्पेंड कर दिए गए थे। इसके बाद कोई स्थायी अधिकारी नियुक्त नहीं किया गया। जिन अधिकारियों को अतिरिक्त चार्ज दे रखा है, उनसे काम नहीं चल रहा है। पालिका में स्थायी कर्मचारी नियुक्त करने की उन्होंने विभाग से मांग कर रखी है। उम्मीद है कि जल्द पालिका में स्थायी और अधिकारी नियुक्त कर दिए जाएंगे।
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पुन्हाना। पुन्हाना नगरपालिका में करीब एक साल से सचिव और एमई के पद रिक्त होने से कार्य ठप हो गए है। इस कारण पुन्हानावासियों को पालिका से संबंधित कार्यों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र आदि बनवाने वाले लोगों को स्टॉफ न होने की बात कहकर टरका दिया जाता है। वहीं, गरीब लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली राशि भी अटकी हुई है। सरकारी तौर पर लोगों की मिलने वाली सुविधाओं और विकास कार्य पर पालिका में बैन सा लग गया है। इस वजह से सैकड़ों लोग परेशान है।
समीम का कहना है कि करीब एक साल पहले उसेे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए ढाई लाख रुपये मंजूर हुए थे। अपना टूटा-फूटा घर भी तुड़वा दिया। पालिका में अधिकारी न होने की वजह से उनके पैसे निकल नहीं पा रहे हैं। मकान टूटने की वजह से वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। दल्लाबस निवासी मुबारिक उर्फ मुकबर, फौज खान, उस्मान आदि ने बताया की नगरपालिका में कर्मचारी न होने से कार्यों के अलावा सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह से ठप हो गई है।
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विभाग से मांगें हैं स्थायी कर्मचारी और अधिकारी
नगरपालिका की चेयरमैन रुबीना का कहना है कि करीब सात महीने पहले गबन के मामले में सचिव, एमई व जेई सस्पेंड कर दिए गए थे। इसके बाद कोई स्थायी अधिकारी नियुक्त नहीं किया गया। जिन अधिकारियों को अतिरिक्त चार्ज दे रखा है, उनसे काम नहीं चल रहा है। पालिका में स्थायी कर्मचारी नियुक्त करने की उन्होंने विभाग से मांग कर रखी है। उम्मीद है कि जल्द पालिका में स्थायी और अधिकारी नियुक्त कर दिए जाएंगे।
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