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नूंह नगरपालिका अध्यक्ष निलंबित
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सीमा सिंगला चेयरपर्सन नूंह नगर पालिका
- फोटो : Mewat
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नूंह नगरपालिका अध्यक्ष सीमा सिंगला निलंबित
नूंह। अस्वीकृत सूची की कॉलोनियों में विकास कार्य करवाना और कच्चे रास्ते को कागज पर बनाया हुआ दिखाना नूंह नगरपालिका अध्यक्ष (चेयरपर्सन) सीमा सिंगला को भारी पड़ गया। नियमों की अवहेलना और भ्रष्टाचार का दोषी पाए जाने पर सोमवार को उन्हें नपा प्रधान पद से निलंबित कर दिया गया। शहरी स्थानीय निकाय हरियाणा के महानिदेशक समीर पाल सरो ने सोमवार को जारी आदेश में कहा गया है कि उपायुक्त नूंह द्वारा भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच एसडीएम नूंह व एडीसी नूंह से करवाई गई तथा उसकी जांच रिपोर्ट शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय भेजी गई। इसके बाद नपा प्रधान सीमा सिंगला को भी अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया, जिसमें उनके द्वारा रखे गए तथ्यों को देखने के बाद हरियाणा नगर पालिका अधिनियम 1973 की धारा 22ए में वर्णित व्यवस्थानुसार उन्हें प्रधान नगरपालिका नूंह के पद से तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए गए हैं।
कार्यक्षेत्र से बाहर काम करवाकर किया 4.94 लाख गबन
शहरी स्थानीय निकाय हरियाणा के महानिदेशक कार्यालय के पत्र क्रमांक-4एई/2019/26733 दिनांक 27 मई 2019 का जारी आदेश के अनुसार नूंह के वार्ड-12 निवासी थान सिंह ने मुख्यमंत्री परिवाद पोर्टल पर 16 मई 2017 को शिकायत की गई थी। इसमें उसने बताया था कि नपा प्रधान सीमा सिंगला ने नपा की सीमा के बाहर पलडी रोड से मदर प्राईड स्कूल तक व कायम के घर से पलडी रोड तक ई-टेंडर लगाकर मिट्टी डलवाई और नूंह नगरपालिका को लाखों रुपये की हानि पहुंचाई। इसकी जांच कर नूंह के तत्कालीन एसडीएम मनोज कुमार ने 21 अगस्त 2017 को उपायुक्त को रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें उन्होंने नूंह नपा प्रधान को दोषी ठहराया था। इसके बाद इस मामले की जांच एडीसी नूंह द्वारा की गई, जिसमें उन्होंने नूंह नपा प्रधान को 4,94,371 रुपये के गबन के आरोप तथा निदेशालय की हिदायतों की पूर्णरूप से अवहेलना करने का दोषी पाया था। एडीसी ने इस मामले में स्पष्ट किया था कि जिन कालोनियों में नपा प्रधान ने कार्य करवाया, वे अभी भी अस्वीकृत सूची में है। अस्वीकृत सूची की कालोनियों में विकास कार्य करवाना, सीधे नियमों की अवेहलना करना है।
कच्चे रास्ते को बना हुआ दिखाकर निकाली सरकारी राशि
दूसरी शिकायत में समीम अहमद पुत्र मोहम्मद इसराईल ने बताया था कि नूंह नगरपालिका ने कायम जेई के घर से लेकर रसीद के घर तक कागजों में रास्ता बनाकर उसकी राशि सरकारी खाते से निकाल ली थी और सरकारी राशि का गबन किया था। इसकी जांच नूंह के सीटीएम द्वारा की गई, जिसमें शिकायतकर्ता, नूंह नगरपालिका के अभियंता के साथ मौके पर मुआयना किया गया तो पाया कि उक्त रास्ता कच्चा था और उस पर कोई निर्माण कार्य नहीं करवाया गया था। जिसके लिए सीटीएम ने नूंह नपा प्रधान को दोषी ठहराया था।
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महानिदेशक ने अपने आदेश में कहा कि जांच अधिकारियों ने भेजी अपनी रिपोर्ट में नगर पालिका के अधिकारियों को भी दोषी ठहराया है। इसमें तत्कालीन सचिव, पालिका अभियंता, कनिष्ठ अभियंता और विकास कार्यों की अदायगी के समय नियुक्त रहे सचिव वर्तमान प्रधान पालिका अभियंता को पूर्णरूप से दोषी बताया गया है।
सत्य की जीत हुई: शिकायतकर्ता
नूंह नगरपालिका चेयरपर्सन सीमा सिंगला के भ्रष्टाचार के मामलों को काफी समय से उजागर करते आ रहे शिकायतकर्ता थान सिंह कश्यप, एडवोकेट शमीम अहमद, शोएब आलम ने कहा कि कई मामलों में भ्रष्टाचार की दोषी ठहराए जाने के बाद आखिरकार नपा प्रधान को निलंबित कर दिया गया। जिसके लिए वे जिला प्रशासन की निष्पक्ष कार्यशैली तथा हरियाणा की मनोहर सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ नीति का आभार जताया है। वे सरकार व प्रशासन से उम्मीद करते हैं कि जिस राशि का गबन किया, उसे ब्याज सहित रिकवर किया जाए तथा भ्रष्टाचार करने के दोषियों को जेल भेजा जाए।
नूंह नगरपालिका के सचिव सुनील रंगा ने पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें सोमवार को ही आदेश प्राप्त हो चुके है, जिनके मुताबिक नपा प्रधान सीमा सिंगला को निलंबित कर दिया गया है।
अदालत का दरवाजा खटखटाउंगी
नूंह नपा चेयरपर्सन सीमा सिंगला ने कहा कि उसके साथ इंसाफ नहीं हुआ है। इसी मामले में नूंह के एडीसी ने मंगलवार को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया हुआ है। वह इस मामला को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी।
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नूंह। अस्वीकृत सूची की कॉलोनियों में विकास कार्य करवाना और कच्चे रास्ते को कागज पर बनाया हुआ दिखाना नूंह नगरपालिका अध्यक्ष (चेयरपर्सन) सीमा सिंगला को भारी पड़ गया। नियमों की अवहेलना और भ्रष्टाचार का दोषी पाए जाने पर सोमवार को उन्हें नपा प्रधान पद से निलंबित कर दिया गया। शहरी स्थानीय निकाय हरियाणा के महानिदेशक समीर पाल सरो ने सोमवार को जारी आदेश में कहा गया है कि उपायुक्त नूंह द्वारा भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच एसडीएम नूंह व एडीसी नूंह से करवाई गई तथा उसकी जांच रिपोर्ट शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय भेजी गई। इसके बाद नपा प्रधान सीमा सिंगला को भी अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया, जिसमें उनके द्वारा रखे गए तथ्यों को देखने के बाद हरियाणा नगर पालिका अधिनियम 1973 की धारा 22ए में वर्णित व्यवस्थानुसार उन्हें प्रधान नगरपालिका नूंह के पद से तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए गए हैं।
कार्यक्षेत्र से बाहर काम करवाकर किया 4.94 लाख गबन
शहरी स्थानीय निकाय हरियाणा के महानिदेशक कार्यालय के पत्र क्रमांक-4एई/2019/26733 दिनांक 27 मई 2019 का जारी आदेश के अनुसार नूंह के वार्ड-12 निवासी थान सिंह ने मुख्यमंत्री परिवाद पोर्टल पर 16 मई 2017 को शिकायत की गई थी। इसमें उसने बताया था कि नपा प्रधान सीमा सिंगला ने नपा की सीमा के बाहर पलडी रोड से मदर प्राईड स्कूल तक व कायम के घर से पलडी रोड तक ई-टेंडर लगाकर मिट्टी डलवाई और नूंह नगरपालिका को लाखों रुपये की हानि पहुंचाई। इसकी जांच कर नूंह के तत्कालीन एसडीएम मनोज कुमार ने 21 अगस्त 2017 को उपायुक्त को रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें उन्होंने नूंह नपा प्रधान को दोषी ठहराया था। इसके बाद इस मामले की जांच एडीसी नूंह द्वारा की गई, जिसमें उन्होंने नूंह नपा प्रधान को 4,94,371 रुपये के गबन के आरोप तथा निदेशालय की हिदायतों की पूर्णरूप से अवहेलना करने का दोषी पाया था। एडीसी ने इस मामले में स्पष्ट किया था कि जिन कालोनियों में नपा प्रधान ने कार्य करवाया, वे अभी भी अस्वीकृत सूची में है। अस्वीकृत सूची की कालोनियों में विकास कार्य करवाना, सीधे नियमों की अवेहलना करना है।
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कच्चे रास्ते को बना हुआ दिखाकर निकाली सरकारी राशि
दूसरी शिकायत में समीम अहमद पुत्र मोहम्मद इसराईल ने बताया था कि नूंह नगरपालिका ने कायम जेई के घर से लेकर रसीद के घर तक कागजों में रास्ता बनाकर उसकी राशि सरकारी खाते से निकाल ली थी और सरकारी राशि का गबन किया था। इसकी जांच नूंह के सीटीएम द्वारा की गई, जिसमें शिकायतकर्ता, नूंह नगरपालिका के अभियंता के साथ मौके पर मुआयना किया गया तो पाया कि उक्त रास्ता कच्चा था और उस पर कोई निर्माण कार्य नहीं करवाया गया था। जिसके लिए सीटीएम ने नूंह नपा प्रधान को दोषी ठहराया था।
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महानिदेशक ने अपने आदेश में कहा कि जांच अधिकारियों ने भेजी अपनी रिपोर्ट में नगर पालिका के अधिकारियों को भी दोषी ठहराया है। इसमें तत्कालीन सचिव, पालिका अभियंता, कनिष्ठ अभियंता और विकास कार्यों की अदायगी के समय नियुक्त रहे सचिव वर्तमान प्रधान पालिका अभियंता को पूर्णरूप से दोषी बताया गया है।
सत्य की जीत हुई: शिकायतकर्ता
नूंह नगरपालिका चेयरपर्सन सीमा सिंगला के भ्रष्टाचार के मामलों को काफी समय से उजागर करते आ रहे शिकायतकर्ता थान सिंह कश्यप, एडवोकेट शमीम अहमद, शोएब आलम ने कहा कि कई मामलों में भ्रष्टाचार की दोषी ठहराए जाने के बाद आखिरकार नपा प्रधान को निलंबित कर दिया गया। जिसके लिए वे जिला प्रशासन की निष्पक्ष कार्यशैली तथा हरियाणा की मनोहर सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ नीति का आभार जताया है। वे सरकार व प्रशासन से उम्मीद करते हैं कि जिस राशि का गबन किया, उसे ब्याज सहित रिकवर किया जाए तथा भ्रष्टाचार करने के दोषियों को जेल भेजा जाए।
नूंह नगरपालिका के सचिव सुनील रंगा ने पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें सोमवार को ही आदेश प्राप्त हो चुके है, जिनके मुताबिक नपा प्रधान सीमा सिंगला को निलंबित कर दिया गया है।
अदालत का दरवाजा खटखटाउंगी
नूंह नपा चेयरपर्सन सीमा सिंगला ने कहा कि उसके साथ इंसाफ नहीं हुआ है। इसी मामले में नूंह के एडीसी ने मंगलवार को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया हुआ है। वह इस मामला को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी।