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जिम्स में नॉन कोविड ओपीडी शुरू
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जिम्स में नॉन कोविड ओपीडी शुरू
ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में शनिवार से नॉन कोविड ओपीडी शुरू हो गई। पहले दिन 29 मरीजों को परामर्श दिया गया। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि धीरे-धीरे मरीजों की संख्या में इजाफा होगा।
अस्पताल के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या में आ रही कमी को देखते हुए संस्थान ने अन्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए ओपीडी सेवाओं को संचालित करने का फैसला किया है। शनिवार को 29 मरीजों का परामर्श और उपचार दिया गया। एक मरीज की गंभीर स्थिति देखते हुए उसे भर्ती भी किया गया। निदेशक ने कहा कि कोरोना को लेकर स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है।
डिस्चार्ज होने के बाद भी बरतें सावधानी
जिम्स की चिकित्सक डॉ. पूजा सिंह ने बताया कि मार्च 2020 के बाद से 250 बेड के अस्पताल में कोविड-19 मरीजों का उपचार किया गया। अब तक तीन हजार से अधिक मरीजों का भर्ती कर उपचार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि घर जाने के बाद कुछ लोग ऐसी गलतियां करते हैं जिनसे जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद कम से कम दो सप्ताह तक सुबह-शाम ऑक्सीमीटर से अपने शरीर का ऑक्सीजन स्तर चेक करना चाहिए। कुछ मरीजों के फेफड़ों पर कोरोना का प्रभाव लंबे समय तक रहता है। इससे फेफड़ों में क्षति हो सकती है। ऑक्सीजन का सामान्य स्तर 98-99 होता है। यदि यह 95 या उसके नीचे है तो अस्पताल प्रशासन अथवा कंट्रोल रूम से संपर्क करना चाहिए।
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ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में शनिवार से नॉन कोविड ओपीडी शुरू हो गई। पहले दिन 29 मरीजों को परामर्श दिया गया। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि धीरे-धीरे मरीजों की संख्या में इजाफा होगा।
अस्पताल के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या में आ रही कमी को देखते हुए संस्थान ने अन्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए ओपीडी सेवाओं को संचालित करने का फैसला किया है। शनिवार को 29 मरीजों का परामर्श और उपचार दिया गया। एक मरीज की गंभीर स्थिति देखते हुए उसे भर्ती भी किया गया। निदेशक ने कहा कि कोरोना को लेकर स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है।
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डिस्चार्ज होने के बाद भी बरतें सावधानी
जिम्स की चिकित्सक डॉ. पूजा सिंह ने बताया कि मार्च 2020 के बाद से 250 बेड के अस्पताल में कोविड-19 मरीजों का उपचार किया गया। अब तक तीन हजार से अधिक मरीजों का भर्ती कर उपचार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि घर जाने के बाद कुछ लोग ऐसी गलतियां करते हैं जिनसे जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद कम से कम दो सप्ताह तक सुबह-शाम ऑक्सीमीटर से अपने शरीर का ऑक्सीजन स्तर चेक करना चाहिए। कुछ मरीजों के फेफड़ों पर कोरोना का प्रभाव लंबे समय तक रहता है। इससे फेफड़ों में क्षति हो सकती है। ऑक्सीजन का सामान्य स्तर 98-99 होता है। यदि यह 95 या उसके नीचे है तो अस्पताल प्रशासन अथवा कंट्रोल रूम से संपर्क करना चाहिए।
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