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Noida News: काम, घर और बच्चों की परवरिश-एक साथ निभातीं हैं नोएडा की महिलाएं

Wed, 12 Nov 2025 07:15 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 12 Nov 2025 07:15 PM IST
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Noida women juggle work, home, and childrearing
घर की जिम्मेदारी के अलावा पेशेवर मोर्चे पर भी मजबूती से डटीं
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नोएडा। आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रही हैं। वे न सिर्फ घर की जिम्मेदारियां निभा रही हैं, बल्कि पेशेवर मोर्चे पर भी मजबूती से डटी हैं। बच्चों की परवरिश, पारिवारिक जिम्मेदारी और करियर-इन तीनों में संतुलन बनाना किसी चुनौती से कम नहीं। शहर की वो महिलाएं जो हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रही हैं, उन्होंने बताई अपनी कहानी।



समय के प्रबंधन से सब संभव : सेक्टर-62 की अर्चना पांडेय, पेशे से शिक्षिका और गृहिणी हैं। वह कहती हैं, “एक शिक्षक और गृहिणी के रूप में दोहरी जिम्मेदारियां निभाना आसान नहीं होता, लेकिन सही समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच से सब कुछ संभव है। मैं सुबह जल्दी उठकर अपने दिन की योजना बनाती हूं और परिवार के साथ नाश्ता करती हूं। स्कूल में छात्रों को पढ़ाने पर ध्यान देती हूं और घर लौटकर परिवार को पूरा समय देती हूं।” अर्चना बताती हैं कि योग और ध्यान उनके तनाव को दूर रखने में मदद करते हैं। संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आप खुद को खुश रखें।
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दिन को दो अलग-अलग हिस्से में बांटा : निशा, जो सेक्टर-119 में रहती हैं, एक शिक्षिका और गृहिणी दोनों की भूमिका में हैं। वह बताती हैं, “मैंने अपने दिन को अलग-अलग हिस्सों में बांट रखा है। सुबह का वक्त परिवार के लिए, दिन का स्कूल के लिए और शाम का बच्चों के साथ समय बिताने के लिए।” निशा कहती हैं कि एक कामकाजी महिला के लिए सबसे जरूरी है प्राथमिकताएं तय करना। हर महिला अगर अपने दिन को सुव्यवस्थित कर ले, तो न करियर पीछे छूटता है, न परिवार। उनका मानना है कि जिम्मेदारी और समर्पण के साथ जीवन के हर क्षेत्र में सफलता पाई जा सकती है।
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पति के सपोर्ट ने दी ताकत :

घहीं, सेक्टर-49 की डॉ. आस्था राणा, एक डेंटिस्ट और डेढ़ साल के बच्चे की मां हैं। वह कहती हैं कि डॉक्टर होना 24 घंटे की जिम्मेदारी है, और मां होना उससे भी बड़ी। शुरुआत में मुश्किल जरूर हुई, लेकिन अब मैंने संतुलन बना लिया है। मेरा बेटा और मेरे पेशेंट, दोनों को मेरी जरूरत होती है। मैं कोशिश करती हूं कि बेटे के साथ ज्यादा समय बिताऊं और उसे सही दिशा में बढ़ाऊं। आस्था कहती हैं कि पति का सहयोग सबसे बड़ी ताकत है अगर परिवार सपोर्टिव हो तो कामकाजी महिला किसी भी चुनौती को पार कर सकती है।
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