{"_id":"6abbd879ecdea2bb0d0e04cf","slug":"noida-stf-has-arrested-man-accused-of-sending-11-crore-to-china-from-delhi-via-shell-companies-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोएडा एसटीएफ को बड़ी कामयाबी: शेल कंपनियों के जरिए चीन भेजे 11 करोड़, आरोपी दिल्ली से पकड़ा; ऐसे खुला राज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोएडा एसटीएफ को बड़ी कामयाबी: शेल कंपनियों के जरिए चीन भेजे 11 करोड़, आरोपी दिल्ली से पकड़ा; ऐसे खुला राज
Tue, 29 Sep 2026 08:56 PM IST
अनुज कुमार
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 29 Sep 2026 08:56 PM IST
सार
एसटीएफ नोएडा ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी भारत में अवैध रूप से रहकर कई शेल कंपनियां बनाता था। वह हवाला के जरिये भारतीय मुद्रा विदेश भेजता था। आरोपी की पहचान राजस्थान निवासी गणपत लाल के रूप में हुई है।
विज्ञापन
आरोपी दिल्ली से पकड़ा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) नोएडा यूनिट ने भारत में अवैध रूप से रहकर कई शेल कंपनियां बनाने और हवाला के जरिए भारतीय मुद्रा विदेश भेजने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बालोतरा राजस्थान निवासी गणपत लाल राजपुरोहित (30) के रूप में हुई हुई है। एसटीएफ को आरोपी के पास से 8.20 लाख रुपये भारतीय मुद्रा, 100 अमेरिकी डॉलर, 100 थाई बाट, 36 चीनी युआन, एक वीजा आवेदन फॉर्म, चीन में वीजा के लिए इन्विटेशन फॉर्म, केके ट्रेडर्स फर्म का जीएसटी पंजीकरण प्रपत्र, एक अतिरिक्त पासपोर्ट, गणपत लाल का आधार कार्ड, पांच क्रेडिट कार्ड, दो पैन कार्ड और विभिन्न बैंकों की चेक बुक मिली है। आरोपी थाना फेज-2 नोएडा में दर्ज एक मुकदमे में वांछित था।
विज्ञापन
एसटीएफ नोएडा के अपर पुलिस अधीक्षक राज कुमार मिश्र का कहना है कि आरोपी ने दिसंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच प्रथमदृष्टया 11 करोड़ रुपये से अधिक की रकम अवैध रूप से चीन भेजी। मामले में अब तक कुल चार आरोपी गिरफ्तार होकर जेल भेजे जा चुके हैं। सोमवार को टीम ने दिल्ली के करोल बाग इलाके में दबिश देकर गणपत लाल को पकड़ा। वह इस मामले में फरार चल रहे आरोपी का सहयोग करने वालों में शामिल था।
विज्ञापन
हवाला के जरिए भारतीय करेंसी विदेश भेजने की मिल रही थी सूचना
एसटीएफ को लगातार सूचनाएं मिल रही थीं कि विदेशी नागरिक भारत में अवैध रूप से रहकर भारत और चीन में फर्जी कंपनियां बना रहे हैं। इन कंपनियों और हवाला के जरिए बड़ी मात्रा में भारतीय करेंसी अवैध तरीके से विदेश भेजी जा रही है। इस पर एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों को सूचना संकलन और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
विज्ञापन
इस मामले 22 जुलाई 2026 को एसटीएफ की टीम ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पूर्वांचल सिल्वर सिटी सोसाइटी से चीनी नागरिक लियाओ लोंगहुई को गिरफ्तार किया था। उसके साथ कंपनी से जुड़े दो भारतीय साथी संजीव कुमार और कौशलेन्द्र भी पकड़े गए थे। तीनों के पास से कई शेल कंपनियों के नाम की विभिन्न बैंकों की चेक बुक और अन्य दस्तावेज मिले थे।
लियाओ लोंगहुई ने खुद को भारतीय दिखाने के लिए सैमुअल लोथा नाम का फर्जी भारतीय नाम रखा था। उसके पास से कोहिमा, नागालैंड के पते का आधार कार्ड भी बरामद हुआ था। इस संबंध में थाना फेज-2 में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें धोखाधड़ी के साथ साथ ही द इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई थी। मामले की विवेचना एसटीएफ गौतमबुद्धनगर कर रही है।
अंडर इनवॉयसिंग से नकदी, फिर चीन तक हवाला
विवेचना में सामने आया कि गणपत लाल राजपुरोहित चीनी नागरिक लियाओ और उसके साथियों के साथ मिलकर काम करता था। अंडर इनवॉयसिंग से नकदी का मतलब है कि किसी सामान की वास्तविक कीमत अधिक होने के बावजूद बिल (इनवॉयस) में उसकी कीमत कम दिखाई जाए और बाकी रकम का लेनदेन बिल के बाहर किया जाए। वह वाईटीएल कंपनी और जेड-वन कंपनी के नाम से बाजार में अंडर इनवॉयसिंग करके नकद रकम हासिल करते थे।
इसके बाद गणपत चीन में मौजूद लियाओ की पत्नी मिशेल के साथ मिलकर भारतीय मुद्रा को अवैध रूप से चीन भेजता था। यह दोनों कंपनियां भारतीय नागरिकों को धोखा देकर फर्जी तरीके से बनवाई गई थीं। कंपनियों का नियंत्रण लियाओ अपने पास रखता था और इन्हीं के जरिए मोबाइल एक्सेसरीज की मार्केटिंग भी करता था, जिसमें अंडर इनवॉयसिंग कर नकद धन प्राप्त किया जाता था। इस काम में लियाओ की पत्नी मिशेल और उसकी बहन सारा भी चीन से सहयोग करती थीं। दिल्ली के करोल बाग में जेड-वन कंपनी के दफ्तर में तैनात कर्मचारियों से नकदी गणपत लाल को दी जाती थी। इसके बाद वह अन्य हवाला कारोबारियों की मदद से रकम चीन भेजता था।
मुंबई से करोल बाग तक का सफर
पूछताछ में गणपत लाल ने बताया कि वह कक्षा 10 तक पढ़ा है। वर्ष 2012 में वह मुंबई में एक ज्वेलरी की दुकान पर काम करता था। वर्ष 2017 में मुंबई से दिल्ली आकर उसने करोल बाग में मोबाइल एक्सेसरीज का काम शुरू किया था। इसी दौरान करोल बाग में उसकी मुलाकात चीनी नागरिक दो महिला मिशेल और सारा से हुई थी। धीरे-धीरे वह उनके हवाला कारोबार से जुड़ गया। दोनों महिलाओं का वीजा खत्म होने के बाद वह चीन लौट गईं, लेकिन गणपत उनके संपर्क में बना रहा। वह "टेस्ला" नाम से मोबाइल एक्सेसरीज का कारोबार भी करता था। आरोपी वर्ष 2025 और 2026 में चीन भी जा चुका है। जहां वह मिशेल से मिला था। मिशेल का पति लियाओ बिना वीजा के अवैध रूप से भारत में रह रहा था और विभिन्न कंपनियों से फर्जी बिलिंग कर नकद रकम लेता था। इस रकम को चीन भेजने के लिए वह हवाला कारोबारियों की मदद लेता था।
हवाला नेटवर्क की कड़ियां खंगाल एसटीएफ
गिरफ्तार आरोपी गणपत लाल राजपुरोहित को थाना फेज-2 में दर्ज मुकदमा में नामजद कर आगे की की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेजा गया है। एसटीएफ अब हवाला नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है। जांच का दायरा उन बैंक खातों, कंपनियों और हवाला कारोबारियों तक बढ़ाया जा रहा है जिनके जरिए रकम चीन पहुंचाई गई। बरामद चेक बुक, क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड और जीएसटी दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।