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नोएडा में इंजीनियर की मौत का मामला: CM योगी ने मामले का लिया संज्ञान, CEO हटाए गए, तीन सदस्यीय SIT करेगी जांच

Mon, 19 Jan 2026 07:38 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा Published by: विकास कुमार Updated Mon, 19 Jan 2026 07:38 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को पद से हटा दिया है। इसे प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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Noida Sector 150 accident CM Yogi takes cognizance of death of an engineer three member
नोएडा में इंजीनियर की मौत का मामला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार समेत डूबने से हुई दर्दनाक मौत की घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। यह टीम पांच दिनों के भीतर अपनी जांच पूरी कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपेगी।

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नोएडा प्राधिकरण के सीईओ हटाए गए
इसके साथ ही नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटा दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को पद से हटा दिया है। इसे प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सीएम ने साफ निर्देश दिए हैं कि जांच में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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एडीजी जोन मेरठ करेंगे एसआईटी का नेतृत्व 
एसआईटी का नेतृत्व एडीजी जोन मेरठ करेंगे। उनके साथ मंडलायुक्त मेरठ और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के चीफ इंजीनियर को भी टीम में शामिल किया गया है। जांच टीम को हादसे के कारणों, संबंधित विभागों की भूमिका, लापरवाही की जिम्मेदारी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों की विस्तृत पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
सेक्टर-150 क्षेत्र में भारी जलभराव के दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार पानी से भरे गड्ढे/अंडरपास में फंस गई थी, जिससे कार समेत व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, विकास प्राधिकरण और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।

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ये जांच भी करेगी एसआईटी

एसआईटी क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था, सड़क निर्माण की गुणवत्ता, चेतावनी संकेतों की मौजूदगी और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की भी जांच करेगी। 

फेफड़ों से निकला 3.5 लीटर पानी
मृतक इंजीनियर युवराज मेहता की सोमवार को पोर्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि युवराज की मृत्यु का कारण दम घुटना बताया गया है। पोस्टमार्टम के अनुसार उनके फेफड़ों में करीब साढ़े तीन लीटर पानी भरा हुआ पाया गया, जिससे यह साबित होता है कि वह काफी देर तक पानी में डूबे रहे। डॉक्टरों की रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबे समय तक पानी में रहने से उनके फेफड़ों में भारी मात्रा में पानी चला गया, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक गई और दम घुटने की स्थिति पैदा हुई। इसी दौरान शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ने से हार्ट फेलियर भी हुआ, जो मौत का तत्काल कारण बना। 

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