नोएडा: ड्रोन मेन्यूफैक्चर, पायलट ट्रेनिंग वाला स्मार्ट कैंपस बनेगा जीबीयू, विद्यार्थियों के लिए रोजगार की खुलेंगी नई राहें
जीबीयू के विद्यार्थियों के अलावा बाहर से आकर भी लोग शॉर्ट टर्म कोर्स के जरिए ड्रोन मेन्युफैक्चरिंग एंड डिजाइनिंग, ड्रोन रिपेयरिंग और ड्रोन पायलट बनना सीख सकेंगे। इसके लिए कवायद शुरू हो गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अब ड्रोन तकनीकी के जरिए विद्यार्थियों के लिए रोजगार की नई राहें खुलने जा रही हैं। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में इस माह के अंत तक सेंटर ऑफ एक्सिलेंस इन ड्रोन टेक्नोलॉजी शुरू होने जा रही है।
इसमें जीबीयू के विद्यार्थियों के अलावा बाहर से आकर भी लोग शॉर्ट टर्म कोर्स के जरिए ड्रोन मेन्युफैक्चरिंग एंड डिजाइनिंग, ड्रोन रिपेयरिंग और ड्रोन पायलट बनना सीख सकेंगे। इसके लिए कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए विवि ने भारत सरकार के नेशनल स्किल डिवीजन कारपोरेशन के स्किल सेट काउंसिल से इंस्ट्रूमेंट्स ऑटोमेशन सर्विलांस कम्युनिकेशन के लिए एक अनुबंध साइन किया है। इसके अलावा ड्रोन डिजाइनिंग और पायलट ट्रेनिंग देने वाली कंपनी ओमनी प्रेजेंट रोबोटेक से भी करार कर लिया गया है। मई के पहले सप्ताह में यह केंद्र और कोर्स शुरू हो जाएगा।
दो से छह माह के होंगे शॉर्ट टर्म कोर्स
सेंटर ऑफ एक्सिलेंस इन ड्रोन टेक्नोलॉजी में तीन तरह के कोर्स होंगे, जिनमें ड्रोन डिजाइनिंग एंड मेन्युफैक्चरिंग, ड्रोन टेक्नीशियन और ड्रोन पायलट ट्रेनिंग होगी। यह सभी कोर्स दो से छह माह की अवधि के होंगे। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए यह स्पेशल कोर्स बेहद कम फीस पर उपलब्ध होंगे। बाहर से आने वाले युवाओं से भी शुरुआती दौर में कम फीस ली जाएगी।
15 लोगों की पायलट ट्रेनिंग शुरू
विश्वविद्यालय के इन्फारमेशन टेक्नोलॉजी विभाग (आईसीटी) के करीब 150 विद्यार्थी इस शॉर्ट टर्म कोर्स को करने के उत्सुक हैं। वहीं, सेंटर ऑफ एक्सिलेंस इन ड्रोन टेक्नोलॉजी को स्थापित करने से पहले ही 15 शिक्षकों और विद्यार्थियों को इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है। केंद्र की स्थापना के बाद यह शिक्षक और विद्यार्थी भी प्रशिक्षण में सहायता करेंगे।
आने वाले वक्त में बहुत से क्षेत्रों में ड्रोन का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता रहेगी। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय में युवाओं और विद्यार्थियों को ड्रोन डिजाइनिंग एंड मेन्यूफैक्चरिंग, पायलट ट्रेनिंग और ड्रोन टेक्नीशियन के प्रशिक्षण के लिए शार्ट टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसके लिए सेंटर ऑफ एक्सिलेंस इन ड्रोन टेक्नोलॉजी शुरू किया जा रहा है।
- प्रोफेसर डॉ.रविंद्र कुमार सिन्हा, कुलपति