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Noida News: वाणिज्यिक बिल्डरों की समीक्षा करेगा नोएडा प्राधिकरण
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वाणिज्यिक बिल्डरों की समीक्षा करेगा नोएडा प्राधिकरण
करीब आठ हजार करोड़ के बकाये की वापसी में आ रही दिक्कतों को दूर करने का किया जाएगा प्रयास
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण बकायेदार वाणिज्यिक बिल्डरों की समीक्षा करेगा। इसके जरिये बिल्डरों पर करीब आठ हजार करोड़ के बकाये की वापसी में आ रही दिक्कतों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। इस बिल्डरों से बकाये की रकम वापस नहीं हो पा रही है, वहीं मुआवजे के भुगतान को लेकर भी संकट बना हुआ है।
इन मामलों में कई बिल्डर कोर्ट भी गए हैं। वहां कहीं न कहीं प्राधिकरण की लापरवाही सामने आ रही है। यही वजह है कि प्राधिकरण बकायेदार वाणिज्यिक बिल्डरों की समीक्षा करेगा। योजना के मुताबिक, उन बिल्डरों की ओर से किसानों को देने वाले मुआवजे का हल भी निकाला जाएगा। प्राधिकरण की ओर से इसके लिए एक टीम बनाई जाएगी। टीम एक-एक बिल्डरों को बुलाएगी। उनके साथ अकाउंट्स विभाग के कर्मचारी भी होंगे, फिर बकाये की गणना होगी। इसके साथ ही पूरा बकाया अपडेट करने के बाद बिल्डरों को बकाया देने पर राजी किया जाएगा।
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ग्रुप हाउसिंग में नहीं है विवाद
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि ग्रुप हाउसिंग के मामलों में इस तरह का विवाद नहीं है, जो भी विवाद थे, उनका हल निकाल लिया गया है। अब बिल्डरों की ओर से किसी तरह की शिकायत नहीं है। केवल वाणिज्यिक मामलों में पेच फंसा हुआ है।
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करीब आठ हजार करोड़ के बकाये की वापसी में आ रही दिक्कतों को दूर करने का किया जाएगा प्रयास
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण बकायेदार वाणिज्यिक बिल्डरों की समीक्षा करेगा। इसके जरिये बिल्डरों पर करीब आठ हजार करोड़ के बकाये की वापसी में आ रही दिक्कतों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। इस बिल्डरों से बकाये की रकम वापस नहीं हो पा रही है, वहीं मुआवजे के भुगतान को लेकर भी संकट बना हुआ है।
इन मामलों में कई बिल्डर कोर्ट भी गए हैं। वहां कहीं न कहीं प्राधिकरण की लापरवाही सामने आ रही है। यही वजह है कि प्राधिकरण बकायेदार वाणिज्यिक बिल्डरों की समीक्षा करेगा। योजना के मुताबिक, उन बिल्डरों की ओर से किसानों को देने वाले मुआवजे का हल भी निकाला जाएगा। प्राधिकरण की ओर से इसके लिए एक टीम बनाई जाएगी। टीम एक-एक बिल्डरों को बुलाएगी। उनके साथ अकाउंट्स विभाग के कर्मचारी भी होंगे, फिर बकाये की गणना होगी। इसके साथ ही पूरा बकाया अपडेट करने के बाद बिल्डरों को बकाया देने पर राजी किया जाएगा।
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ग्रुप हाउसिंग में नहीं है विवाद
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि ग्रुप हाउसिंग के मामलों में इस तरह का विवाद नहीं है, जो भी विवाद थे, उनका हल निकाल लिया गया है। अब बिल्डरों की ओर से किसी तरह की शिकायत नहीं है। केवल वाणिज्यिक मामलों में पेच फंसा हुआ है।
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