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नोएडा में कुत्तों के आतंक से कब मिलेगा छुटकारा: प्रशासन सालाना खर्च करता है 10 करोड़, फिर भी शिकार हो रहे लोग

Thu, 07 Sep 2023 10:38 PM IST
Vikas Kumar माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा Published by: Vikas Kumar Updated Thu, 07 Sep 2023 10:38 PM IST
सार

नोएडा में जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक औसतन रोजाना 150 लोग कुत्ते के काटने के बाद एंटी रैबिज का टीका लेने आते हैं। यह इंजेक्शन उनको निशुल्क दिया जाता है। 

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Noida Authority spends Rs 10 crore annually to control abandoned dogs
आवारा कुत्ते। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

नोएडा में लावारिस कुत्तों के नसबंदी से लेकर भोजन और उनके रहने आदि पर सालाना करीब 12 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। लेकिन लोगों को कुत्तों के आतंक से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। अभी भी नोएडा प्राधिकरण लावारिस कुत्तों को काबू में नहीं कर पा रहा है। बीते दिनों गाजियाबाद में लावारिस कुत्ते के काटने की वजह से बच्चे की मौत के बाद शहर के निवासी बेहद चिंतित हैं। उनका कहना है कि नोएडा में भी कुछ ऐसे ही हालात हैं। इन पर काबू पाना बेहद जरूरी है।

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सेक्टर-122 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष उमेश शर्मा कहते हैं कि लावारिस कुत्तों की समस्या काफी पहले से बनी हुई है। यह यहां काफी उत्पात मचाते हैं। कई बार प्राधिकरण को इससे अवगत कराया गया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसी तरह से सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष रामकुमार भाटी का कहना है कि यहां लावारिस कुत्तों और सांड की काफी समस्या है। आमजन को इससे काफी परेशानी है। लोगों का सड़क पर निकलना मुश्किल है।

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प्राधिकरण का डॉग शेल्टर फेल
नोएडा प्राधिकरण ने बड़े उत्साह के साथ सेक्टर-50 और 135 में डॉग शेल्टर की शुरूआत की। यहां लावारिस कुत्तों के रहने और खाने का प्रबंध किया गया। लेकिन उद्धाटन के बाद एक भी कुत्ते को यहां नहीं लाया गया। यही नहीं सेक्टर-93बी और 34 के आरडब्ल्यूए भी प्राधिकरण की योजना को अमलीजामा पहनाने से पीछे हट गए। उन्होंने इस तरह का काम सेक्टर में करने से साफ मना कर दिया। नोएडा प्राधिकरण ने इन शेल्टरों पर करीब 15 लाख रुपये खर्च किए, जो कि पानी में चले गए।

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हर माह होती है 7500 लावारिस कुत्तों की नसबंदी
नोएडा प्राधिकरण हर माह करीब 7500 लावारिस कुत्तों की नसबंदी कराता है। एक नसबंदी पर एजेंसी को एक हजार रुपये दिए जाते हैं। यानी एक साल में प्राधिकरण केवल नसबंदी पर करीब 9 करोड़ रुपये खर्च करता है।

रोजाना 150 लोग एंटी रैबिज का टीका लेने आते हैं...
जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक औसतन रोजाना 150 लोग कुत्ते के काटने के बाद एंटी रैबिज का टीका लेने आते हैं। यह इंजेक्शन उनको निशुल्क दिया जाता है। हालांकि सरकार को एक इंजेक्शन के लिए करीब 176 रुपये का खर्च आता है। ऐसे में एक साल में करीब 95 लाख रुपये का खर्च सरकार केवल इंजेक्शन पर करती है। लोगों के आने का आंकड़ा कभी-कभी इससे ज्यादा भी होता है। इसमें कई लोग दूसरी और तीसरी बार के इंजेक्शन के लिए आते हैं।

कुत्तों सहित अन्य जानवरों के इलाज और खाने पर होता है 1.8 करोड़ खर्च
नोएडा प्राधिकरण लावारिस कुत्तों के अलावा अन्य जानवरों के रहने, खाने और इलाज पर 15 लाख रुपये प्रति माह खर्च करता है। यह एक साल का करीब 1.8 करोड़ तक होता है। इसमें जानवरों का इलाज बेहतर तरीके से करने के लिए डॉक्टरों की सेवा ली जाती है। इसके लिए प्राधिकरण बेहद गंभीरता से काम करता है। फिलहाल प्राधिकरण के पास ऐसे 1600 जानवर हैं।

अब तक 6485 पालतू कुत्तों-बिल्लियों का हुआ पंजीकरण
नोएडा प्राधिकरण के प्रोजेक्ट इंजीनियर आरके शर्मा ने बताया कि अब तक शहर में 6485 पालतू कुत्तों व बिल्लियों का पंजीकरण कराया गया है। इसमें 6346 कुत्ते और 139 बिल्लियां हैं। प्राधिकरण की ओर से इसके लिए अभियान चलाया गया है। पंजीकरण नहीं कराने पर वालों के खिलाफ जुर्माने का प्रावधान है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कुत्ते के काटने की घटनाएं
-सेक्टर-74 ग्रैंड अजनारा हेरिटेज सोसाइटी में 10 वर्षीय बच्चे को कुत्ते ने काटा
-सेक्टर-151 की सोसाइटी में रिटायर्ड आईएएस अफसर को कुत्ते ने काटा
-सेक्टर-29 में एक महिला को कुत्ते ने काटा, एफआईआर दर्ज
-ग्रेनो में दिल्ली पुलिस में तैनात दारोगा के दो बेटों को पिटबुल ने नोचा
-ग्रेटर नोएडा वेस्ट के ला रेजिडेंसिया सोसाइटी के लिफ्ट में 6 साल के मासूम बच्चे पर कुत्ते का हमला
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