जोहड़ों में सूखा पानी, पेयजल संकट
फिरोजपुर झिरका। खंड के अधिकांश गांवों के जोहड़ों का पानी सूख चुका है। इससे इस भीषण गर्मी में मवेशियों के लिए पेयजल संकट खड़ा हो गया है। पानी की किल्लत की वजह से पशुपालकों को अपने पशुओं की प्यास बुझाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। पशुपालकों का आरोप है कि सरकार ने काफी खर्च कर झिरका के ज्यादातर गांवों में जोहड़ तो बनवा दिए लेकिन अब इन जोहड़ों में पानी नहीं है। मवेशी इन जोहड़ों का पानी ही पीते हैं। धमाला गांव के कमाल, खलील, साकरस के शाहबुद्दीन, कोलगांव के जाहिद, घाटा बसई के रतनलाल, बीवां के नसरू समेत अनेक पशुपालकों ने बताया कि अन्य खंडों के गांवों में बने जोहड़ों को नहरी पानी से भर दिया जाता है, लेकिन झिरका खंड के गांवों में नहर नहीं है। यहां के जोहड़ों में पानी बरसात से ही जमा कर होकर भरता है। बरसात कम होने की वजह से जोहड़ भर नहीं पाते। पशुपालकों ने जिला प्रशासन से सूखे जोहड़ों में पानी भरने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मवेशियों के पेयजल संकट पर ध्यान नहीं दिया गया तो पशुपालक उन्हें बेचने को मजबूर होंगे। इस संबंध में एसडीएम रीगन कुमार ने कहा कि इस बारे में जिला उपायुक्त सहित नहर और पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर पशुओं के पेयजल संकट को दूर किया जाएगा।