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Noida News: सांस नहीं तो वोट नहीं, प्रदूषण के विरोध में संसद भवन के पास किया मार्च

Wed, 27 Nov 2024 06:39 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2024 06:39 PM IST
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No breath, no vote, march near Parliament House to protest against pollution
लोगों ने सरकार से ठोस नीति बनाने की मांग की, बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हुए शामिल
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में प्रदूषित हवा के विरोध में लोगों ने संसद भवन के पास बुधवार को शांतिपूर्वक मार्च किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जलवायु परिवर्तन को लेकर केंद्र सरकार से ठोस नीति बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि साफ हवा-पानी अपनी नीतियों में सबसे ऊपर रखें। इसके लिए अलग से बजट आवंटित किया जाए। साथ ही, राज्य सरकारें एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करना बंद करें और जमीनी स्तर पर कार्ययोजना बनाकर काम करें।
पैदल मार्च प्रेस क्लब ऑफ इंडिया से शुरू होकर संसद भवन के गोलचक्कर के पास पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सांकेतिक ऑक्सीजन सिलिंडर ले रखा था। वहीं, हाथों में ‘सांस नहीं तो वोट नहीं, साफ हवा मेरा अधिकार’ जैसे नारे लिखे पोस्टर-बैनर ले रखे थे। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस ने उन्हें संसद भवन से पहुंचने से पहले ही रोक दिया। प्रदर्शन में बच्चों से लेकर बुजुर्गों सहित हर उम्र के लोग शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रदूषित हवा से सबसे अधिक दिक्कत बाहर रहने वालों को रहती है। प्रदूषण बढ़ने के बाद स्कूल-कॉलेजों को बंद करने से शिक्षा प्रभावित होती है।
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पर्यावरण कार्यकर्ता भवरीन कंधारी ने कहा कि उनका प्रदर्शन सरकार से एक अनुरोध के लिए है। यह सांसदों और नीति निर्माताओं के लिए चेतावनी है। बच्चों पर प्रदूषण का सबसे बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में एक ठोस नीति बनाने की सख्त जरूरत है। प्रदर्शन में नोएडा से आए अतुल कुमार ने कहा कि बच्चों को स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य देना है, लेकिन सवाल यह है कि दे पाएंगे या नहीं। हालात कुछ और हैं। अगर हवा-पानी के लिए अब भी नहीं जागे तो भविष्य में ऑक्सीजन सिलिंडर तक खरीदना पड़ सकता है। वहीं, युवा हल्ला बोल से जुड़ी राशिदा ने कहा कि हर व्यक्ति को जीने का अधिकार है। पानी-हवा तो न्यूनतम हक है, लेकिन सरकार यह तक नहीं दे पा रही है। प्रशांत कुमार ने कहा कि साफ हवा-पानी मौलिक अधिकार है। इसके लिए भी लोगों को लड़ना पड़ रहा है।
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