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नाव नहीं, इस बार बस से वोट देने गुलावली पहुंचे दलेलपुर के मतदाता
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बस से गुलावली गांव में जाते दलेलपुर के ग्रामीण।
- फोटो : Grnoida
ग्रेटर नोएडा। दलेलपुर गांव पहुंचने के लिए करीब तीन किमी पैदल चलने के बाद नाव से यमुना पार करनी पड़ती है या फिर 45 किमी का रास्ता तय कर सड़क के रास्ते जाना पड़ता है। हालांकि इस बार स्थानीय ग्रामीणों के मतदान के लिए प्रशासन ने बस की व्यवस्था कर दी थी। इससे गांव के मतदाताओं को नाव से यमुना पार कर वोट डालने गुलावली गांव के मतदान केंद्र नहीं आना पड़ा।
ग्राम प्रधान कैलाश चपराना और ग्रामीण सतपाल चपराना के मुताबिक दलेलपुर गांव में 201 मतदाता हैं। गांव से ग्रेटर नोएडा आने के लिए उन्हें नाव से यमुना पार करनी होती है। इसके बाद मिट्टी और खेत से गुजरकर करीब तीन किमी लंबा रास्ता भी तय करना पड़ता है। इस बार प्रशासन के मतदाताओं के लिए प्रबंध करने से अधिकांश मतदाता वोट देने के लिए बस में सवार होकर नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के गुलावली गांव के बूथ पर पहुंचे। अमर उजाला ने ग्रामीणों की समस्या उठाते हुए यहां किसी प्रत्याशी के वोट मांगने न जाने का समाचार 31 मार्च को प्रकाशित किया था। वहीं, इससे पहले पंचायत चुनाव में ग्रामीणों के नाव व मिट्टी के रास्ते पैदल लंबा सफर करने व अन्य परेशानियों का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
अहम है कि दलेलपुर गांव गौतमबुद्घ नगर जिले में लेकिन गांव से गुजरने वाली एक मात्र सड़क हरियाणा सरकार ने बनवाई है। यहां अल्प अवधि के लिए होने वाली विद्युत आपूर्ति हरियाणा से की जाती है। गांव हरियाणा के फरीदाबाद जिले की सीमा पर बसा है। पहले यह गौतमबुद्घ नगर के गुलावली ग्राम पंचायत का हिस्सा था लेकिन पिछली बार पहली बार यह स्वतंत्र ग्राम पंचायत बना। कैलाश चपराना निर्विरोध प्रधान चुने गए। इस बार गांव में मतदान केंद्र भी नहीं बना।
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ग्राम प्रधान कैलाश चपराना और ग्रामीण सतपाल चपराना के मुताबिक दलेलपुर गांव में 201 मतदाता हैं। गांव से ग्रेटर नोएडा आने के लिए उन्हें नाव से यमुना पार करनी होती है। इसके बाद मिट्टी और खेत से गुजरकर करीब तीन किमी लंबा रास्ता भी तय करना पड़ता है। इस बार प्रशासन के मतदाताओं के लिए प्रबंध करने से अधिकांश मतदाता वोट देने के लिए बस में सवार होकर नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के गुलावली गांव के बूथ पर पहुंचे। अमर उजाला ने ग्रामीणों की समस्या उठाते हुए यहां किसी प्रत्याशी के वोट मांगने न जाने का समाचार 31 मार्च को प्रकाशित किया था। वहीं, इससे पहले पंचायत चुनाव में ग्रामीणों के नाव व मिट्टी के रास्ते पैदल लंबा सफर करने व अन्य परेशानियों का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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अहम है कि दलेलपुर गांव गौतमबुद्घ नगर जिले में लेकिन गांव से गुजरने वाली एक मात्र सड़क हरियाणा सरकार ने बनवाई है। यहां अल्प अवधि के लिए होने वाली विद्युत आपूर्ति हरियाणा से की जाती है। गांव हरियाणा के फरीदाबाद जिले की सीमा पर बसा है। पहले यह गौतमबुद्घ नगर के गुलावली ग्राम पंचायत का हिस्सा था लेकिन पिछली बार पहली बार यह स्वतंत्र ग्राम पंचायत बना। कैलाश चपराना निर्विरोध प्रधान चुने गए। इस बार गांव में मतदान केंद्र भी नहीं बना।
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