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एनआईओएस ने भी रद्द की 12वीं की परीक्षा
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नोएडा। सीबीएसई, यूपी बोर्ड के बाद अब राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) ने भी 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इस साल बोर्ड परीक्षा के स्थान पर अन्य मापदंड के आधार से परिणाम घोषित किया जाएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर छात्रों को इस संबंध में जानकारी दी है।
सेक्टर-62 स्थित एनआईओएस के देशभर में सैकड़ों केंद्र है। ऐसे में यह निर्णय लाखों छात्रों को प्रभावित करेगा। संस्थान ने सीनियर सेकेंडरी पाठ्यक्रम की लिखित और प्रायोगिक दोनों तरह की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया है। 12वीं के लिए नए मूल्यांकन मानदंडों को तैयार किया जा रहा है। जो छात्र संस्थान के निर्णय से संतुष्ट नहीं होंगे उन्हें स्थितियां सामान्य होने पर ऑन डिमांड परीक्षा का विकल्प मिलेगा। एनआईओएस के मूल्यांकन निदेशक एसके प्रसाद ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया गया है। स्थिति अनुकूल होने पर कोई भी सार्वजनिक परीक्षाओं में या ऑन डिमांड परीक्षा (ओडीई) में शामिल हो सकेगा। ऐसे परीक्षार्थियों का ओडीई या सार्वजनिक परीक्षा का परिणाम ही अंतिम माना जाएगा। एनआईओएस के छात्र कई दिनों से सोशल मीडिया पर अभियान चलाकर परीक्षाएं रद्द करने की मांग कर रहे थे।
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सेक्टर-62 स्थित एनआईओएस के देशभर में सैकड़ों केंद्र है। ऐसे में यह निर्णय लाखों छात्रों को प्रभावित करेगा। संस्थान ने सीनियर सेकेंडरी पाठ्यक्रम की लिखित और प्रायोगिक दोनों तरह की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया है। 12वीं के लिए नए मूल्यांकन मानदंडों को तैयार किया जा रहा है। जो छात्र संस्थान के निर्णय से संतुष्ट नहीं होंगे उन्हें स्थितियां सामान्य होने पर ऑन डिमांड परीक्षा का विकल्प मिलेगा। एनआईओएस के मूल्यांकन निदेशक एसके प्रसाद ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया गया है। स्थिति अनुकूल होने पर कोई भी सार्वजनिक परीक्षाओं में या ऑन डिमांड परीक्षा (ओडीई) में शामिल हो सकेगा। ऐसे परीक्षार्थियों का ओडीई या सार्वजनिक परीक्षा का परिणाम ही अंतिम माना जाएगा। एनआईओएस के छात्र कई दिनों से सोशल मीडिया पर अभियान चलाकर परीक्षाएं रद्द करने की मांग कर रहे थे।
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