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अंतर्जातीय विवाह करने वाले जोड़े ने परिजनों से सुरक्षा की लगाई गुहार
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नई दिल्ली अंतर्जातीय विवाह करने वाली नव दंपति ने परिजनों से सुरक्षा दिलाने की गुहार हाईकोर्ट से लगाई है। लड़की के परिजन इस विवाह के खिलाफ हैं और धमकियां दे रहे हैं। हाईकोर्ट ने याचिका पर दिल्ली पुलिस को खतरे का आकलन करने और जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है। मामला कोटला मुबारकपुर थाने का है। लड़की मूल रूप से पानीपत हरियाणा की है।
न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनने के बाद संबंधित थाना प्रभारी तथा बीट अफसर का मोबाइल नंबर नव दंपति को मुहैया करवाने का निर्देश दिल्ली पुलिस को दिया है ताकि कोई खतरा होने पर वह उनसे संपर्क कर सकें। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 21 अक्तूबर तय करते हुए नव दंपति को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई में शामिल होने के लिए कहा है।
याचिकाकर्ताओं ने पीठ को बताया कि उनका विवाह 15 सितंबर 2020 को मुस्लिम रीति से हुआ था। लड़की के परिजन से शादी के खिलाफ थे और अब धमकियां दे रहे हैं। नवविवाहिता का कहना है कि हरियाणा पुलिस की टीम उसके पति की तलाश में आई थी और उसकी दुकान पर काम करने वाले कर्मचारियों को प्रताड़ित किया।
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याची के वकील ने कोर्ट को बताया कि दंपति ने 23 सितंबर को पानीपत हरियाणा के पुलिस अधीक्षक तथा दिल्ली पुलिस को सुरक्षा के लिए ई मेल किया था। उसके साथ विवाह प्रमाण पत्र तथा धर्म परिवर्तन प्रमाण पत्र भी संलग्न किया गया था।
याची के वकील ने यह भी कहा कि शादी के समय दोनों बालिग थे और लड़की ने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल कर स्वेच्छा व सहमति से प्रेम विवाह किया था। इस बीच पानीपत सेक्टर 13/17 थाने के एएसआई ने पीठ को बताया कि कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज करवाने के लिए लड़की को वहां पेश करना जरूरी है।-एजेंसी
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न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनने के बाद संबंधित थाना प्रभारी तथा बीट अफसर का मोबाइल नंबर नव दंपति को मुहैया करवाने का निर्देश दिल्ली पुलिस को दिया है ताकि कोई खतरा होने पर वह उनसे संपर्क कर सकें। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 21 अक्तूबर तय करते हुए नव दंपति को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई में शामिल होने के लिए कहा है।
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याचिकाकर्ताओं ने पीठ को बताया कि उनका विवाह 15 सितंबर 2020 को मुस्लिम रीति से हुआ था। लड़की के परिजन से शादी के खिलाफ थे और अब धमकियां दे रहे हैं। नवविवाहिता का कहना है कि हरियाणा पुलिस की टीम उसके पति की तलाश में आई थी और उसकी दुकान पर काम करने वाले कर्मचारियों को प्रताड़ित किया।
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याची के वकील ने कोर्ट को बताया कि दंपति ने 23 सितंबर को पानीपत हरियाणा के पुलिस अधीक्षक तथा दिल्ली पुलिस को सुरक्षा के लिए ई मेल किया था। उसके साथ विवाह प्रमाण पत्र तथा धर्म परिवर्तन प्रमाण पत्र भी संलग्न किया गया था।
याची के वकील ने यह भी कहा कि शादी के समय दोनों बालिग थे और लड़की ने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल कर स्वेच्छा व सहमति से प्रेम विवाह किया था। इस बीच पानीपत सेक्टर 13/17 थाने के एएसआई ने पीठ को बताया कि कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज करवाने के लिए लड़की को वहां पेश करना जरूरी है।-एजेंसी