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Noida News: हवा में घुले स्मॉग को सोखगी नई तकनीक
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सड़कों, फुटपाथों पर लगीं स्मॉग-ईटिंग सतहें देंगी साफ हवा की सौगात
हर माह प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी और 6 महीने में अंतिम नतीजे सामने आएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राजधानी की हवा में घुले स्मॉग को सोखने के लिए विशेष तकनीक को शहर की सड़कों पर इस्तेमाल करने की तैयारी है। दिल्ली सरकार ने स्मॉग-ईटिंग फोटोकैटलिटिक सतहों का अध्ययन शुरू करने का फैसला किया है। ये सतहें सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर प्रदूषण को सोखकर हवा को साफ करेंगी। सरकार का कहना है कि यह पहल हर बच्चे, बुजुर्ग और कामगार की सांसों को सुरक्षित करने की दिशा में कारगर साबित हो सकती है।
स्मॉग सर्दियों में लाखों लोगों की सांसों पर संकट खड़ा करता है लेकिन हवा में घुले इस जहर को कुछ हद तक कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने खास तकनीक का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पर्यावरण विभाग को टाइटेनियम ऑक्साइड आधारित स्मॉग-ईटिंग कोटिंग्स की व्यवहार्यता जांचने के निर्देश दिए हैं। ये कोटिंग्स सूरज की रोशनी में रासायनिक प्रक्रिया शुरू करके एनओ-2 और हानिकारक हाइड्रोकार्बन जैसे प्रदूषकों को तोड़ देती हैं। हवा में स्मॉग और जहरीले कणों को कम करती हैं। दीवारों और छतों पर लगाने से इमारत के आसपास का वातावरण साफ होता है। वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक इससे हवा की गुणवत्ता सुधारी जा सकती है। टाइटेनियम ऑक्साइड आधारित कोटिंग्स प्रदूषकों का ऑक्सीकरण कर पानी, कार्बन डाइऑक्साइड या अन्य हानिरहित पदार्थों में बदल देती हैं। इस तकनीक के लिए 30 दिनों में किसी प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्था के साथ एमओयू साइन होगा जिसके बाद सड़कों पर ट्रायल शुरू होंगे। हर माह प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी और 6 महीने में अंतिम नतीजे सामने आएंगे।
ट्रायल के नतीजे देखकर लागू किया जाएगा
रविवार को मंत्री सिरसा ने बताया कि इसके लिए सर्टिफाइड, सुरक्षित और टिकाऊ सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक के नतीजे अनुकूल रहे तो कैबिनेट में प्रस्ताव रखकर इसे बाजारों, व्यस्त सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर लागू करेंगे। ट्रायल की प्रगति हर महीने सार्वजनिक की जाएगी ताकि दिल्लीवासी अपनी हवा की बेहतरी को खुद देख सकें। इसमें तकनीक की लागत, प्रभाव और टिकाऊ तकनीकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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नए इनोवेशन को प्राथमिकता देगी सरकार
सिरसा ने कहा कि स्टूडेंट, स्टार्टअप्स और विशेषज्ञों को नए समाधान लाने के लिए प्रोत्साहित किया जा है। सरकार चाहती है कि लोग अपने नए विचार लेकर आएं। दिल्ली सरकार उन्हें परखेगी और जो काम करेगा उसे पूरे शहर में लागू करेगी। दिल्ली में प्रदूषण से जंग जीतने के लिए सरकार हर कारगर उपाय करने के लिए तैयार है।
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हर माह प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी और 6 महीने में अंतिम नतीजे सामने आएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राजधानी की हवा में घुले स्मॉग को सोखने के लिए विशेष तकनीक को शहर की सड़कों पर इस्तेमाल करने की तैयारी है। दिल्ली सरकार ने स्मॉग-ईटिंग फोटोकैटलिटिक सतहों का अध्ययन शुरू करने का फैसला किया है। ये सतहें सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर प्रदूषण को सोखकर हवा को साफ करेंगी। सरकार का कहना है कि यह पहल हर बच्चे, बुजुर्ग और कामगार की सांसों को सुरक्षित करने की दिशा में कारगर साबित हो सकती है।
स्मॉग सर्दियों में लाखों लोगों की सांसों पर संकट खड़ा करता है लेकिन हवा में घुले इस जहर को कुछ हद तक कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने खास तकनीक का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पर्यावरण विभाग को टाइटेनियम ऑक्साइड आधारित स्मॉग-ईटिंग कोटिंग्स की व्यवहार्यता जांचने के निर्देश दिए हैं। ये कोटिंग्स सूरज की रोशनी में रासायनिक प्रक्रिया शुरू करके एनओ-2 और हानिकारक हाइड्रोकार्बन जैसे प्रदूषकों को तोड़ देती हैं। हवा में स्मॉग और जहरीले कणों को कम करती हैं। दीवारों और छतों पर लगाने से इमारत के आसपास का वातावरण साफ होता है। वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक इससे हवा की गुणवत्ता सुधारी जा सकती है। टाइटेनियम ऑक्साइड आधारित कोटिंग्स प्रदूषकों का ऑक्सीकरण कर पानी, कार्बन डाइऑक्साइड या अन्य हानिरहित पदार्थों में बदल देती हैं। इस तकनीक के लिए 30 दिनों में किसी प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्था के साथ एमओयू साइन होगा जिसके बाद सड़कों पर ट्रायल शुरू होंगे। हर माह प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी और 6 महीने में अंतिम नतीजे सामने आएंगे।
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ट्रायल के नतीजे देखकर लागू किया जाएगा
रविवार को मंत्री सिरसा ने बताया कि इसके लिए सर्टिफाइड, सुरक्षित और टिकाऊ सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक के नतीजे अनुकूल रहे तो कैबिनेट में प्रस्ताव रखकर इसे बाजारों, व्यस्त सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर लागू करेंगे। ट्रायल की प्रगति हर महीने सार्वजनिक की जाएगी ताकि दिल्लीवासी अपनी हवा की बेहतरी को खुद देख सकें। इसमें तकनीक की लागत, प्रभाव और टिकाऊ तकनीकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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नए इनोवेशन को प्राथमिकता देगी सरकार
सिरसा ने कहा कि स्टूडेंट, स्टार्टअप्स और विशेषज्ञों को नए समाधान लाने के लिए प्रोत्साहित किया जा है। सरकार चाहती है कि लोग अपने नए विचार लेकर आएं। दिल्ली सरकार उन्हें परखेगी और जो काम करेगा उसे पूरे शहर में लागू करेगी। दिल्ली में प्रदूषण से जंग जीतने के लिए सरकार हर कारगर उपाय करने के लिए तैयार है।