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नोएडा एयरपोर्ट से होगी यूपी के नए अध्याय की शुरुआत
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सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते पुलिस आयुक्त आलोक सिंह। संवाद
- फोटो : Grnoida
ग्रेटर नोएडा (सुशील पांडेय)। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शिलान्यास से बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के नए अध्याय की शुरुआत होगी। इस एयरपोर्ट से न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पड़ोसी राज्यों व दिल्ली-एनसीआर को काफी फायदा होगा। सबसे ज्यादा राहत उन लोगों को मिलेगी जो केवल दिल्ली के एयरपोर्ट पर निर्भर हैं।
प्रधानमंत्री करीब एक घंटे तक कार्यक्रम स्थल पर रहेंगे। दोपहर 12 बजे वे कार्यक्रम स्थल पर आएंगे। इस दौरान वह शिलान्यास और दूसरे अन्य कार्यक्रमों के अलावा आधे घंटे तक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। हालांकि, देर रात तक चर्चा रही कि कार्यक्रम एक बजे से हो सकता है। जनसभा में दो लाख लोगों के आने की उम्मीद है। एयरपोर्ट के शिलान्यास और 2024 तक पहली उड़ान की संभावनाओं से क्षेत्र की जनता काफी उत्साहित है। इससे उद्यमी, व्यापारी और सभी अन्य वर्गों को फायदा होगा।
महत्वपूर्ण शहरों के केंद्र में है एयरपोर्ट
एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के महत्वपूर्ण शहरों के केंद्र में है। यह दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से 72 किलोमीटर, नोएडा से 40 किलोमीटर, ग्रेटर नोएडा से 28 किलोमीटर, आगरा से 130 किलोमीटर, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब दादरी से 40 किलोमीटर, फरीदाबाद से 40 किलोमीटर, गुरुग्राम से 65 किलोमीटर, गाजियाबाद से 40 किलोमीटर और अलीगढ़ से 45 किलोमीटर की दूरी पर है।
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सभी दिशाओं में होगी सड़कों से कनेक्टिविटी
ग्रेटर नोएडा से आगरा तक यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जो पलवल, मानेसर, गाजियाबाद, बागपत, मेरठ को जोड़ता है। इसके अलावा पलवल से खुर्जा का प्रस्तावित एक्सप्रेसवे, नोएडा से ग्रेटर नोएडा की ओर प्रस्तावित सड़क। साथ ही, बल्लभगढ़ से जेवर तक नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की एक योजना प्रस्तावित है।
मेट्रो और हाईस्पीड ट्रेन से भी जुड़ेगा एयरपोर्ट
एयरपोर्ट के लिए मेट्रो की विस्तार लाइन भी प्रस्तावित है। इसे एक्वा लाइन से जोड़ने की योजना है। एक्वा लाइन पहले से ही ग्रेटर नोएडा में मौजूद है। बस उसे एयरपोर्ट तक लेकर जाना है। इसके अलावा दिल्ली से वाराणसी के लिए एक बुलेट ट्रेन प्रस्तावित है, जो नोएडा के सेक्टर-142 और जेवर में रुकते हुए जाएगी।
त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, पांच हजार जवान तैनात
शिलान्यास पांच हजार जवानों की ड्यूटी पीएम-सीएम सुरक्षा में लगाई गई है। इसमें एनएसजी और एटीएस कमांडो भी शामिल हैं। मुरादाबाद, बरेली, संभल, बुलंदशहर, गाजियाबाद समेत कई अन्य जिलों से पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते जेवर की तरफ जाने वाली गाड़ियों की सघन जांच की जाएगी। जिले के हर चौराहे पर पुलिस का पहरा रहेगा। क्षेत्र में निजी ड्रोन पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। कार्यक्रम स्थल व दो किलोमीटर के दायरे में काले के रंग के गुब्बारे व झंडे बेचने पर पूरी तरह से रोक है। पुलिस ने आसपास की दुकानों में जांच कर सुनिश्चित किया है कि कार्यक्रम समाप्त होने तक काले रंग की कोई वस्तु की बिक्री न हो सके।
वीआईपी कैटेगरी में बैठेंगे जमीन देने वाले किसान
जेवर। एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले 1000 किसानों को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में ‘विशेष आमंत्रित कृषक’ के रूप में बुलाया गया है। इन सभी किसानों के लिए प्रशासन ने वीआईपी पास के साथ ही इनके वाहनों को खड़ा करने के लिए वीआईपी पार्किंग की भी व्यवस्था दी गई है। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने बताया एयरपोर्ट में किसानों का विशेष योगदान हैं। जिन किसानों ने एयरपोर्ट के लिए जमीन दी है उन्हें वीआईपी कैटेगरी में बैठाया जाएगा।
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प्रधानमंत्री करीब एक घंटे तक कार्यक्रम स्थल पर रहेंगे। दोपहर 12 बजे वे कार्यक्रम स्थल पर आएंगे। इस दौरान वह शिलान्यास और दूसरे अन्य कार्यक्रमों के अलावा आधे घंटे तक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। हालांकि, देर रात तक चर्चा रही कि कार्यक्रम एक बजे से हो सकता है। जनसभा में दो लाख लोगों के आने की उम्मीद है। एयरपोर्ट के शिलान्यास और 2024 तक पहली उड़ान की संभावनाओं से क्षेत्र की जनता काफी उत्साहित है। इससे उद्यमी, व्यापारी और सभी अन्य वर्गों को फायदा होगा।
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महत्वपूर्ण शहरों के केंद्र में है एयरपोर्ट
एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के महत्वपूर्ण शहरों के केंद्र में है। यह दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से 72 किलोमीटर, नोएडा से 40 किलोमीटर, ग्रेटर नोएडा से 28 किलोमीटर, आगरा से 130 किलोमीटर, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब दादरी से 40 किलोमीटर, फरीदाबाद से 40 किलोमीटर, गुरुग्राम से 65 किलोमीटर, गाजियाबाद से 40 किलोमीटर और अलीगढ़ से 45 किलोमीटर की दूरी पर है।
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सभी दिशाओं में होगी सड़कों से कनेक्टिविटी
ग्रेटर नोएडा से आगरा तक यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जो पलवल, मानेसर, गाजियाबाद, बागपत, मेरठ को जोड़ता है। इसके अलावा पलवल से खुर्जा का प्रस्तावित एक्सप्रेसवे, नोएडा से ग्रेटर नोएडा की ओर प्रस्तावित सड़क। साथ ही, बल्लभगढ़ से जेवर तक नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की एक योजना प्रस्तावित है।
मेट्रो और हाईस्पीड ट्रेन से भी जुड़ेगा एयरपोर्ट
एयरपोर्ट के लिए मेट्रो की विस्तार लाइन भी प्रस्तावित है। इसे एक्वा लाइन से जोड़ने की योजना है। एक्वा लाइन पहले से ही ग्रेटर नोएडा में मौजूद है। बस उसे एयरपोर्ट तक लेकर जाना है। इसके अलावा दिल्ली से वाराणसी के लिए एक बुलेट ट्रेन प्रस्तावित है, जो नोएडा के सेक्टर-142 और जेवर में रुकते हुए जाएगी।
त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, पांच हजार जवान तैनात
शिलान्यास पांच हजार जवानों की ड्यूटी पीएम-सीएम सुरक्षा में लगाई गई है। इसमें एनएसजी और एटीएस कमांडो भी शामिल हैं। मुरादाबाद, बरेली, संभल, बुलंदशहर, गाजियाबाद समेत कई अन्य जिलों से पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते जेवर की तरफ जाने वाली गाड़ियों की सघन जांच की जाएगी। जिले के हर चौराहे पर पुलिस का पहरा रहेगा। क्षेत्र में निजी ड्रोन पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। कार्यक्रम स्थल व दो किलोमीटर के दायरे में काले के रंग के गुब्बारे व झंडे बेचने पर पूरी तरह से रोक है। पुलिस ने आसपास की दुकानों में जांच कर सुनिश्चित किया है कि कार्यक्रम समाप्त होने तक काले रंग की कोई वस्तु की बिक्री न हो सके।
वीआईपी कैटेगरी में बैठेंगे जमीन देने वाले किसान
जेवर। एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले 1000 किसानों को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में ‘विशेष आमंत्रित कृषक’ के रूप में बुलाया गया है। इन सभी किसानों के लिए प्रशासन ने वीआईपी पास के साथ ही इनके वाहनों को खड़ा करने के लिए वीआईपी पार्किंग की भी व्यवस्था दी गई है। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने बताया एयरपोर्ट में किसानों का विशेष योगदान हैं। जिन किसानों ने एयरपोर्ट के लिए जमीन दी है उन्हें वीआईपी कैटेगरी में बैठाया जाएगा।