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मधुमेह पर अनुसंधान एवं जागरूकता आवश्यकता : प्रो. विश्वास
Wed, 05 Nov 2025 01:48 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Wed, 05 Nov 2025 01:48 AM IST
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एम्स में आयोजित सेमिनार में निदेशक प्रो. मीनू सिंह व अन्य: एम्स
एम्स में कार्डियो डायबिटिक सोसाइटी के बैनर तले आयोजित छठवें राष्ट्रीय अधिवेशन में जुटे देश भर के विशेषज्ञों ने आगाह किया कि भारत वर्तमान में मधुमेह से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी निवारक उपायों को तत्काल लागू करना अनिवार्य हो गया है।
मंगलवार को एम्स में आयोजित अधिवेशन के मुख्य अतिथि एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक प्रो. आशुतोष विश्वास और एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रो. आशुतोष विश्वास ने कहा कि कार्डियोडायबेटिक बीमारियां चिकित्सा जगत के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक हैं। डायबिटीज के कारण बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी हृदयाघात की आशंका बनी रहती है। इस पर उन्होंने अनुसंधान एवं जागरूकता अत्यंत आवश्यकता बताई।
प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि व्यायाम, वजन नियंत्रण तथा निवारक एवं एकीकृत दृष्टिकोण से इन बीमारियों से निपटा जा सकता है। डीन एकेडेमिक प्रो. जया चतुर्वेदी, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्या श्री और मेडिसिन विभाग के हेड प्रो. रविकांत आदि ने भी अपने विचार रखे।
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मंगलवार को एम्स में आयोजित अधिवेशन के मुख्य अतिथि एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक प्रो. आशुतोष विश्वास और एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रो. आशुतोष विश्वास ने कहा कि कार्डियोडायबेटिक बीमारियां चिकित्सा जगत के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक हैं। डायबिटीज के कारण बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी हृदयाघात की आशंका बनी रहती है। इस पर उन्होंने अनुसंधान एवं जागरूकता अत्यंत आवश्यकता बताई।
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प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि व्यायाम, वजन नियंत्रण तथा निवारक एवं एकीकृत दृष्टिकोण से इन बीमारियों से निपटा जा सकता है। डीन एकेडेमिक प्रो. जया चतुर्वेदी, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्या श्री और मेडिसिन विभाग के हेड प्रो. रविकांत आदि ने भी अपने विचार रखे।
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