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गणतंत्र दिवस : आज लहराएगा तिरंगा, देशभक्ति में झूमेगा मेरठ
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मेरठ। देश की आजादी के बाद 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ। इस दिन देश में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। क्रांतिकारी धरा मेरठ में शहर से लेकर देहात तक सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में तिरंगा लहराएगा। देशभक्ति तरानों पर मेरठ झूमेगा। क्रांतिकारी धरा पर जहां सुबह प्रभात फेरी निकाली जाएगी वहीं, शहीद स्मारक पर तिरंगा फहराया जाएगा।
देश की आजादी में मेरठ का बड़ा योगदान रहा है। जिले में गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर कई दिन पहले से ही लोग तैयारियों में जुट जाते हैं। सभी लोग अपने दैनिक कार्यों को भूलकर देशभक्ति में सराबोर होते हैं। सभी स्कूल कॉलेजों में बच्चे तिरंगा लेकर प्रभात फेरी निकालते हैं। लोगों में गणतंत्र दिवस को लेकर अति उत्साह है। सुबह सात बजे गांधी आश्रम से प्रभात फेरी प्रारंभ की जाएगी, जिसमें सभी सरकारी विभागों के कर्मचारी, सामाजिक और राजनीतिक दलों के लोग शामिल होंगे। प्रभात फेरी पुराना हापुड़ अड्डा चौराहा से इंदिरा चौक होते हुए शहीद स्मारक पर पहुंचेगी। सुबह आठ बजे जिलाधिकारी दीपक मीणा शहीद स्मारक पर और उसके बाद साढ़े आठ बजे कलक्ट्रेट में तिरंगा फहराएंगे। कमिश्नर कार्यालय समेत सभी सरकारी और गैर सरकारी भवनों पर ध्वज फहराए जाएंगे। विद्यालयों में सुबह दस बजे तक समय ध्वज फहराने के कार्यक्रम के लिए निश्चित किया गया है।
000 जीआईसी से स्कूली बच्चे निकालेंगे रैली
-आज सुबह लगभग 11 बजे जीआईसी मैदान पर कमिश्नर और जिलाधिकारी स्कूली छात्र-छात्राओं की रैली को हरी झंडी देकर रवाना करेंगे। इस रैली में 60 स्कूलों के बच्चे भाग लेंगे। सरबजीत कपूर ने बताया कि रैली छावनी क्षेत्र से होते हुए भैसाली मैदान पहुंचेगी। यहां दोपहर दो बजे से देशभक्ति सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ होंगे, जिसमें स्कूलों के बच्चे प्रस्तुति देंगे। इस दौरान साहसी बेटी रिया अग्रवाल को भी सम्मानित किया जाएगा।
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मेरठ में बना तिरंगा लालकिले पर लहराया
-14 अगस्त 1947 की रात यह तिरंगा फूलों से सजे बॉक्स में क्रांतिकारियों का एक दल दिल्ली लेकर गया था। यही ध्वजारोहण प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने लालकिले पर किया था। इस तरह मेरठ के गांधी आश्रम में तैयार हुआ तिरंगा पहला राष्ट्रीय ध्वज बन गया। यह तिरंगा हमेशा सम्मान के साथ मलमल के कपड़े में लपेटकर लकड़ी के नए बॉक्स में रखा जाता था। बता दें कि मेरठ के सुभाषनगर निवासी नत्थे सिंह ने यह तिरंगा सिलकर तैयार किया था। तीन साल पहले 94 वर्ष की उम्र पूरी करके इनका स्वर्गवास हो गया। इनके बेटे रमेश चंद भी तिरंगा सिलने का काम करते हैं। इन्होंने बताया कि पिता नत्थे सिंह मरते दम तक राष्ट्रीय ध्वज तैयार करते रहे। उनके दिल में देशभक्ति कूट-कूट कर भरी थी। अपने पास आने वाले व्यक्ति को देश की आजादी से जुड़े किस्से सुनाते थे और सभी को देशभक्ति की सलाह देते रहे।
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देश की आजादी में मेरठ का बड़ा योगदान रहा है। जिले में गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर कई दिन पहले से ही लोग तैयारियों में जुट जाते हैं। सभी लोग अपने दैनिक कार्यों को भूलकर देशभक्ति में सराबोर होते हैं। सभी स्कूल कॉलेजों में बच्चे तिरंगा लेकर प्रभात फेरी निकालते हैं। लोगों में गणतंत्र दिवस को लेकर अति उत्साह है। सुबह सात बजे गांधी आश्रम से प्रभात फेरी प्रारंभ की जाएगी, जिसमें सभी सरकारी विभागों के कर्मचारी, सामाजिक और राजनीतिक दलों के लोग शामिल होंगे। प्रभात फेरी पुराना हापुड़ अड्डा चौराहा से इंदिरा चौक होते हुए शहीद स्मारक पर पहुंचेगी। सुबह आठ बजे जिलाधिकारी दीपक मीणा शहीद स्मारक पर और उसके बाद साढ़े आठ बजे कलक्ट्रेट में तिरंगा फहराएंगे। कमिश्नर कार्यालय समेत सभी सरकारी और गैर सरकारी भवनों पर ध्वज फहराए जाएंगे। विद्यालयों में सुबह दस बजे तक समय ध्वज फहराने के कार्यक्रम के लिए निश्चित किया गया है।
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000 जीआईसी से स्कूली बच्चे निकालेंगे रैली
-आज सुबह लगभग 11 बजे जीआईसी मैदान पर कमिश्नर और जिलाधिकारी स्कूली छात्र-छात्राओं की रैली को हरी झंडी देकर रवाना करेंगे। इस रैली में 60 स्कूलों के बच्चे भाग लेंगे। सरबजीत कपूर ने बताया कि रैली छावनी क्षेत्र से होते हुए भैसाली मैदान पहुंचेगी। यहां दोपहर दो बजे से देशभक्ति सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ होंगे, जिसमें स्कूलों के बच्चे प्रस्तुति देंगे। इस दौरान साहसी बेटी रिया अग्रवाल को भी सम्मानित किया जाएगा।
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मेरठ में बना तिरंगा लालकिले पर लहराया
-14 अगस्त 1947 की रात यह तिरंगा फूलों से सजे बॉक्स में क्रांतिकारियों का एक दल दिल्ली लेकर गया था। यही ध्वजारोहण प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने लालकिले पर किया था। इस तरह मेरठ के गांधी आश्रम में तैयार हुआ तिरंगा पहला राष्ट्रीय ध्वज बन गया। यह तिरंगा हमेशा सम्मान के साथ मलमल के कपड़े में लपेटकर लकड़ी के नए बॉक्स में रखा जाता था। बता दें कि मेरठ के सुभाषनगर निवासी नत्थे सिंह ने यह तिरंगा सिलकर तैयार किया था। तीन साल पहले 94 वर्ष की उम्र पूरी करके इनका स्वर्गवास हो गया। इनके बेटे रमेश चंद भी तिरंगा सिलने का काम करते हैं। इन्होंने बताया कि पिता नत्थे सिंह मरते दम तक राष्ट्रीय ध्वज तैयार करते रहे। उनके दिल में देशभक्ति कूट-कूट कर भरी थी। अपने पास आने वाले व्यक्ति को देश की आजादी से जुड़े किस्से सुनाते थे और सभी को देशभक्ति की सलाह देते रहे।