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Noida News: खादर में 39 हेक्टेयर गन्ने की फसल होगी नीलाम
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हस्तिनापर के खादर में सरकारी भूमि पर खड़ी गन्ने और सरसों की फसल।
हस्तिनापुर (मेरठ)। खादर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर कब्जा कर अवैध रूप से खेती करने वाले भूमाफिया पर जल्द ही कार्रवाई की तैयारी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र में 39 हेक्टेयर सरकारी भूमि चिह्नित की है। उस भूमि पर खड़ी गन्ने की फसल को नीलाम किया जाएगा।
मवाना तहसील के तहत गंगा पार बिजनौर की ओर हजारों हेक्टेयर सरकारी भूमि है। कुछ भूमाफिया सालों से हजारों हेक्टेयर सरकारी भूमि पर कब्जा कर खेती कर रहे हैं। इससे राजस्व विभाग को लाखों का नुकसान हो रहा है। वह गंगा को भी प्रदूषित कर रहे हैं। लगातार मिल रही शिकायतों पर डीएम ने 16 जनवरी को खादर क्षेत्र में गंगा की गतिविधियों की जानकारी के लिए सात सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम से दस दिनों में रिपोर्ट मांगी गई थी। टीम का अध्यक्ष एसडीएम मवाना अखिलेश यादव को बनाया गया था।
गंगा पार होने का उठाते हैं फायदा
मवाना तहसील की राजस्व भूमि गंगा के पार है। यहां बिजनौर क्षेत्र के भूमाफिया अवैध रूप से कब्जा कर खेती करते हैं। तहसील प्रशासन ने कई बार चेतावनी दी। इसके बाद भी भूमि खाली नहीं की गई। अब प्रशासनिक अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं। वहीं 39 हेक्टेयर भूमि चिह्नित होने की खबर से भूमाफिया में खलबली मच गई है।
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मनोहरपुर के जंगल में 325 हेक्टेयर सरकारी भूमि
मनोहरपुर निवासी मुनेश कुमार ने बताया कि उनका गांव गंगा में समा चुका है। उनकी लगानी भूमि पर गंगा की धारा है। सरकारी भूमि पर बिजनौर के भू माफिया का कब्जा है। 325 हेक्टेयर भूमि पर अवैध रूप से खेती हो रही है। शिकायत के बाद भी आज तक भूमि को कब्जा मुक्त नहीं कराया जा सका है।
खादर क्षेत्र के शेरपुर और बुआ बेला में 39 हेक्टेयर सरकारी भूमि को चिह्नित किया गया है। इस जमीन पर वर्तमान में गन्ने की फसल है। इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। अनुमति मिलते ही इस फसल को नीलाम किया जाएगा। अन्य कई गांवों में मौजूद सरकारी भूमि को भी चिह्नित किया जा रहा है। - अखिलेश यादव, एसडीएम मवाना
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मवाना तहसील के तहत गंगा पार बिजनौर की ओर हजारों हेक्टेयर सरकारी भूमि है। कुछ भूमाफिया सालों से हजारों हेक्टेयर सरकारी भूमि पर कब्जा कर खेती कर रहे हैं। इससे राजस्व विभाग को लाखों का नुकसान हो रहा है। वह गंगा को भी प्रदूषित कर रहे हैं। लगातार मिल रही शिकायतों पर डीएम ने 16 जनवरी को खादर क्षेत्र में गंगा की गतिविधियों की जानकारी के लिए सात सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम से दस दिनों में रिपोर्ट मांगी गई थी। टीम का अध्यक्ष एसडीएम मवाना अखिलेश यादव को बनाया गया था।
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गंगा पार होने का उठाते हैं फायदा
मवाना तहसील की राजस्व भूमि गंगा के पार है। यहां बिजनौर क्षेत्र के भूमाफिया अवैध रूप से कब्जा कर खेती करते हैं। तहसील प्रशासन ने कई बार चेतावनी दी। इसके बाद भी भूमि खाली नहीं की गई। अब प्रशासनिक अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं। वहीं 39 हेक्टेयर भूमि चिह्नित होने की खबर से भूमाफिया में खलबली मच गई है।
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मनोहरपुर के जंगल में 325 हेक्टेयर सरकारी भूमि
मनोहरपुर निवासी मुनेश कुमार ने बताया कि उनका गांव गंगा में समा चुका है। उनकी लगानी भूमि पर गंगा की धारा है। सरकारी भूमि पर बिजनौर के भू माफिया का कब्जा है। 325 हेक्टेयर भूमि पर अवैध रूप से खेती हो रही है। शिकायत के बाद भी आज तक भूमि को कब्जा मुक्त नहीं कराया जा सका है।
खादर क्षेत्र के शेरपुर और बुआ बेला में 39 हेक्टेयर सरकारी भूमि को चिह्नित किया गया है। इस जमीन पर वर्तमान में गन्ने की फसल है। इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। अनुमति मिलते ही इस फसल को नीलाम किया जाएगा। अन्य कई गांवों में मौजूद सरकारी भूमि को भी चिह्नित किया जा रहा है। - अखिलेश यादव, एसडीएम मवाना