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Noida News: डार्क वेब से डाटा लेकर एक हजार से अधिक अमेरिकी नागरिकों से की गई थी ठगी
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पुलिस इस मामले में कर रही मास्टरमाइंड सागर की तलाश, दो टीमें लगाई गई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। फर्जी कॉल सेंटर में डार्क वेब से डाटा लेकर एक हजार से अधिक नागरिकों से ठगी की गई थी। पुलिस की जांच में पता चला है कि जालसाजों ने डार्क वेब व कुछ वेबसाइट से अमेरिकी और कनाडा के नागरिकों के डिटेल्स लिए थे। वहीं, दोनों कॉल सेंटर के मास्टरमाइंड सागर के बारे में अब तक कुछ पता नहीं चला है। पुलिस की दो टीमें मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है। हालांकि, अब तक कोई सुराग नहीं लगा है।
नोएडा पुलिस ने बुधवार को सेक्टर-63 व 64 में चल रहे दो फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया था। यहां से अमेरिका व कनाडा के नागरिकों के साथ तकनीकी सहायता के नाम पर ठगी की जा रही थी। पुलिस की टीम ने यहां से 63 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला था कि दोनों कॉल सेंटर का मालिक सागर शर्मा है। पुलिस की जांच में पता चला है कि सागर शर्मा डार्क वेब के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों का डाटा प्राप्त करता था। इसके बाद हर दिन नोएडा में चल रहे दोनों कॉल सेंटर के कर्मचारियों को अमेरिकी नागरिकों के नाम, नंबर, ईमेल से लेकर अन्य जानकारियां भेजता था।
इसके बाद मौजूद कर्मचारियों को टास्क देकर हर दिन 20 से 50 लोगों को फंसाने का टारगेट देता था। पुलिस को सागर शर्मा के कुछ मोबाइल नंबर व फोटो मिले हैं। सभी नंबर बंद आ रहे हैं। सागर अपने कर्मचारियों के साथ एप के माध्यम से बात करता था और ऑनलाइन जुड़ा रहता था। इस कारण उसके बारे में अभी बहुत जानकारी पुलिस के पास नहीं है। नोएडा के दोनों कॉल सेंटर को नीलम संभालती थी और इस पर रिमोट एक्सेस सागर का था। एनी डेस्क एप के माध्यम से वह दोनों कॉल सेंटर में लगे सिस्टम को कंट्रोल करता था। पुलिस को अब तक सागर की एक इंस्टाग्राम आईडी मिली है। इसी के माध्यम से पुलिस सागर तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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कई फर्जी कॉल सेंटर पुलिस की रडार पर
अक्तूबर माह में 10 से अधिक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा नोएडा कमिश्नरेट पुलिस ने किया है। इनमें विदेशी नागरिकों के साथ ठगी के कई मामले सामने आए हैं। अब नोएडा पुलिस की रडार पर फर्जी कॉल सेंटर हैं। इन फर्जी कॉल सेंटर के बारे में पुलिस की टीम पता लगा रही है। इसके लिए केंद्रीय एजेंसियों से भी इनपुट लिए जा रहे हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। फर्जी कॉल सेंटर में डार्क वेब से डाटा लेकर एक हजार से अधिक नागरिकों से ठगी की गई थी। पुलिस की जांच में पता चला है कि जालसाजों ने डार्क वेब व कुछ वेबसाइट से अमेरिकी और कनाडा के नागरिकों के डिटेल्स लिए थे। वहीं, दोनों कॉल सेंटर के मास्टरमाइंड सागर के बारे में अब तक कुछ पता नहीं चला है। पुलिस की दो टीमें मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है। हालांकि, अब तक कोई सुराग नहीं लगा है।
नोएडा पुलिस ने बुधवार को सेक्टर-63 व 64 में चल रहे दो फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया था। यहां से अमेरिका व कनाडा के नागरिकों के साथ तकनीकी सहायता के नाम पर ठगी की जा रही थी। पुलिस की टीम ने यहां से 63 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला था कि दोनों कॉल सेंटर का मालिक सागर शर्मा है। पुलिस की जांच में पता चला है कि सागर शर्मा डार्क वेब के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों का डाटा प्राप्त करता था। इसके बाद हर दिन नोएडा में चल रहे दोनों कॉल सेंटर के कर्मचारियों को अमेरिकी नागरिकों के नाम, नंबर, ईमेल से लेकर अन्य जानकारियां भेजता था।
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इसके बाद मौजूद कर्मचारियों को टास्क देकर हर दिन 20 से 50 लोगों को फंसाने का टारगेट देता था। पुलिस को सागर शर्मा के कुछ मोबाइल नंबर व फोटो मिले हैं। सभी नंबर बंद आ रहे हैं। सागर अपने कर्मचारियों के साथ एप के माध्यम से बात करता था और ऑनलाइन जुड़ा रहता था। इस कारण उसके बारे में अभी बहुत जानकारी पुलिस के पास नहीं है। नोएडा के दोनों कॉल सेंटर को नीलम संभालती थी और इस पर रिमोट एक्सेस सागर का था। एनी डेस्क एप के माध्यम से वह दोनों कॉल सेंटर में लगे सिस्टम को कंट्रोल करता था। पुलिस को अब तक सागर की एक इंस्टाग्राम आईडी मिली है। इसी के माध्यम से पुलिस सागर तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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कई फर्जी कॉल सेंटर पुलिस की रडार पर
अक्तूबर माह में 10 से अधिक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा नोएडा कमिश्नरेट पुलिस ने किया है। इनमें विदेशी नागरिकों के साथ ठगी के कई मामले सामने आए हैं। अब नोएडा पुलिस की रडार पर फर्जी कॉल सेंटर हैं। इन फर्जी कॉल सेंटर के बारे में पुलिस की टीम पता लगा रही है। इसके लिए केंद्रीय एजेंसियों से भी इनपुट लिए जा रहे हैं।